व्यापारी संवाद कार्यक्रम में गूंजे जीएसटी 2.0 के मुद्दे, व्यापारियों ने रखीं समस्याएं, अधिकारियों ने दिया समाधान का भरोसा
व्यापारी संवाद कार्यक्रम में ईंट-भट्ठा और आयरन-स्टील कारोबारियों ने जीएसटी 2.0 के प्रावधानों पर की चर्चा, विभाग ने बेहतर समन्वय का भरोसा दिलाया।

रिपोर्ट: आकाश पाण्डेय।
गाजीपुर। राज्य कर विभाग और व्यापारियों के बीच बेहतर संवाद स्थापित करने की पहल के तहत बुधवार को राज्य कर कार्यालय, गाजीपुर में व्यापारी संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में ईंट-भट्ठा एसोसिएशन और आयरन-स्टील कारोबार से जुड़े व्यापारियों ने बड़ी संख्या में भाग लिया और जीएसटी 2.0 से जुड़े नए नियमों के साथ-साथ कारोबार में आ रही व्यावहारिक दिक्कतों को अधिकारियों के सामने विस्तार से रखा।
कार्यक्रम की अध्यक्षता अपर आयुक्त ग्रेड-1, राज्य कर, वाराणसी जोन-प्रथम ने की। उन्होंने व्यापारियों की बातों को गंभीरता से सुना और भरोसा दिलाया कि विभाग उनकी समस्याओं के समाधान के लिए हरसंभव प्रयास करेगा। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य कर व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, सरल और व्यापारियों के लिए सुविधाजनक बनाना है।
बैठक के दौरान अधिकारियों ने जीएसटी 2.0 के तहत हुए महत्वपूर्ण बदलावों की जानकारी देते हुए बताया कि नई व्यवस्था में अनुपालन को आसान बनाने और प्रक्रियाओं को अधिक व्यवस्थित करने पर विशेष जोर दिया गया है। साथ ही व्यापारियों की ओर से उठाए गए सवालों का भी विस्तार से जवाब दिया गया।
संवाद के दौरान व्यापारियों ने पुरानी समाधान योजना की तर्ज पर जीएसटी में भी समाधान योजना लागू किए जाने की मांग रखी। उनका कहना था कि इससे लंबित विवादों का निस्तारण आसान होगा और व्यापारियों को अनावश्यक कानूनी प्रक्रियाओं से राहत मिलेगी। इस पर अधिकारियों ने वर्तमान शासनादेश और लागू नियमों की जानकारी देते हुए कहा कि सुझावों को शासन स्तर तक पहुंचाया जाएगा।
बैठक में संयुक्त आयुक्त (कार्यपालक), संयुक्त आयुक्त (विधि-अनुसंधान), उप आयुक्त खंड-1 एवं खंड-2 सहित राज्य कर विभाग के कई अधिकारी मौजूद रहे। वहीं व्यापारिक संगठनों की ओर से प्रदेश महामंत्री कमलेश यादव, विजय कुमार, नितीश अग्रवाल, अंकित गर्ग सहित विभिन्न व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
कार्यक्रम के अंत में अधिकारियों ने कहा कि ऐसे संवाद कार्यक्रमों का उद्देश्य केवल समस्याएं सुनना नहीं, बल्कि विभाग और व्यापारियों के बीच विश्वास और समन्वय को मजबूत करना है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि भविष्य में भी नियमित रूप से ऐसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे ताकि व्यापारियों की समस्याओं का समयबद्ध और व्यवहारिक समाधान सुनिश्चित किया जा सके।




