
दीक्षा, संवाददाता, वाराणसी
वाराणसी। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक के युवाओं को नौकरी की बजाय ई-रिक्शा या टैक्सी चलाकर स्वरोजगार अपनाने संबंधी बयान को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रिया सामने आई है। समाजवादी पार्टी के नेता एवं महानगर अध्यक्ष, बाबा साहब अंबेडकर वाहिनी अमन यादव ने विरोध दर्ज कराने के लिए खुद टोटो चलाया और दावा किया कि करीब चार घंटे टोटो चलाने के बाद उन्हें महज 45 रुपये की सवारी मिली।
दरअसल, 23 सितंबर को लखनऊ में ‘भारत टैक्सी’ सेवा के शुभारंभ कार्यक्रम के दौरान उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने ड्राइवरों को स्वरोजगार के लिए प्रोत्साहित करते हुए ई-रिक्शा/टैक्सी चलाने और अपनी कमाई करने की बात कही थी। उनके बयान का एक वीडियो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हुआ और इसे लेकर राजनीतिक बहस शुरू हो गई। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक, पाठक का संबोधन मुख्य रूप से कार्यक्रम में मौजूद ड्राइवरों को अपने काम के जरिए आत्मनिर्भर बनने के संदर्भ में था।
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इसी बयान के विरोध में अमन यादव ने मंगलवार सुबह करीब 7 बजे टोटो लेकर वाराणसी की सड़कों पर निकलने की बात कही। उनके अनुसार, वह लगभग चार घंटे तक टोटो चलाते रहे, लेकिन इस दौरान उन्हें सिर्फ ₹45 की सवारी मिली।
‘अगर टोटो चलाना इतना आसान है तो एक दिन खुद चलाकर देखें’
अमन यादव ने उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक पर निशाना साधते हुए कहा कि यदि टोटो चलाना इतना आसान और लाभदायक है तो उन्हें स्वयं एक दिन टोटो चलाकर इसकी वास्तविक स्थिति देखनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सुबह से शाम तक सड़क पर रहकर ही पता चलेगा कि टोटो चालक किन परिस्थितियों में काम करता है और उसकी वास्तविक कमाई कितनी होती है।
उन्होंने कहा कि टोटो चालकों को सीमित रूट, ट्रैफिक जाम, खराब सड़कें, गड्ढे और संचालन से जुड़े अलग-अलग नियमों जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। अमन यादव के मुताबिक, इन परिस्थितियों के बीच केवल टोटो चलाने को युवाओं के रोजगार के विकल्प के तौर पर बताना जमीनी स्थिति को पूरी तरह नहीं दर्शाता।
‘युवाओं को शिक्षा और योग्यता के अनुसार रोजगार मिले’
सपा नेता ने कहा कि उनका विरोध टोटो चलाने के पेशे से नहीं है। उनका कहना है कि टोटो और टैक्सी चलाना भी सम्मानजनक काम है, लेकिन सरकार को युवाओं के रोजगार के सवाल को व्यापक रूप से देखना चाहिए।
उन्होंने मांग की कि पढ़े-लिखे युवाओं को उनकी शिक्षा और योग्यता के अनुरूप रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएं और युवाओं को नौकरी तथा स्वरोजगार के बीच चुनाव करने के लिए व्यावहारिक विकल्प दिए जाएं।
अमन यादव ने टोटो चालकों के लिए रूट, परमिशन और संचालन से जुड़े नियमों को स्पष्ट एवं व्यावहारिक बनाने की भी मांग की। उन्होंने कहा कि चालकों को ऐसी व्यवस्था मिलनी चाहिए, जिससे वे बिना अनावश्यक परेशानी के अपना रोजगार चला सकें।
अमन यादव ने कहा कि उनका यह टोटो चलाने का कदम प्रतीकात्मक विरोध है और इसका उद्देश्य टोटो चालकों की रोजमर्रा की चुनौतियों को सामने लाना है।




