नामांकन रद्द, इंसाफ की जंग जारी! वाराणसी में 5वें दिन भी रंजीत यादव का आमरण अनशन
शास्त्री घाट पर डटे स्वतंत्र प्रत्याशी ने निर्वाचन अधिकारियों से मांगा जवाब; निष्पक्ष जांच, पर्यवेक्षक की रिपोर्ट और दस्तावेजों की प्रमाणित प्रतियां देने की मांग।

रिपोर्ट: श्रुति।
वाराणसी, 19 अक्टूबर 2026। वाराणसी खंड स्नातक निर्वाचन क्षेत्र-2026 के स्वतंत्र प्रत्याशी रंजीत कुमार यादव ‘माधव’ का नामांकन निरस्त किए जाने के विरोध में शास्त्री घाट पर आमरण अनशन और अनिश्चितकालीन धरना सोमवार को पांचवें दिन भी जारी रहा। रंजीत यादव ने संबंधित अधिकारियों की ओर से सुनवाई नहीं होने का आरोप लगाते हुए प्रशासन के रवैये पर सवाल उठाए हैं।
नामांकन निरस्तीकरण पर पारदर्शी जांच की मांग
रंजीत यादव ‘माधव’ का कहना है कि उनके नामांकन पत्र को कथित तौर पर अनुचित तरीके से निरस्त किया गया। उन्होंने निर्वाचन अधिकारियों से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और नामांकन निरस्तीकरण के स्पष्ट कारण उपलब्ध कराने की मांग की है। उनके अनुसार, शिकायतों के बावजूद अब तक उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिला है। उन्होंने मांग की कि नामांकन से जुड़े मूल अभिलेख सुरक्षित रखे जाएं और पर्यवेक्षक की रिपोर्ट की प्रति उपलब्ध कराई जाए। साथ ही, निरस्तीकरण के कारणों और संबंधित दस्तावेजों की प्रमाणित प्रतियां भी दी जाएं।
धरना समाप्त कराने के लिए दबाव बनाने का आरोप
रंजीत यादव ने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण तरीके से धरना दे रहे आंदोलनकारियों को पुलिस बल के जरिए धरना स्थल से हटाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि एक ओर उनकी शिकायतों पर सुनवाई नहीं हो रही है, वहीं दूसरी ओर आंदोलन समाप्त करने के लिए दबाव बनाया जा रहा है।हालांकि, पुलिस और प्रशासन की ओर से इन आरोपों पर आधिकारिक प्रतिक्रिया इस प्रेस विज्ञप्ति में शामिल नहीं है। मामले में संबंधित अधिकारियों का पक्ष सामने आने पर खबर को अपडेट किया जा सकता है।
निर्वाचन प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग
रंजीत यादव ‘माधव’ ने कहा कि उनका आंदोलन किसी व्यक्तिगत लाभ के लिए नहीं, बल्कि निर्वाचन प्रक्रिया में पारदर्शिता, निष्पक्षता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से है। उन्होंने प्रशासन और निर्वाचन अधिकारियों से शिकायतों का नियमानुसार संज्ञान लेने तथा प्रकरण से जुड़े तथ्यों को स्पष्ट करने की अपील की। उन्होंने यह भी कहा कि लोकतंत्र में नागरिकों को अपनी शिकायत रखने और न्याय की मांग करने का अधिकार है। उनके मुताबिक, शांतिपूर्ण धरने को समाप्त कराने के लिए दबाव बनाने के बजाय शिकायतों की निष्पक्ष जांच की जानी चाहिए।
मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने की बात
रंजीत यादव ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांगों पर नियमानुसार सुनवाई नहीं होती और प्रकरण में पारदर्शी कार्रवाई सुनिश्चित नहीं की जाती, तब तक उनका लोकतांत्रिक संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने आम नागरिकों, छात्रों और युवाओं से शांतिपूर्ण एवं संवैधानिक तरीके से समर्थन देने की अपील की। फिलहाल, नामांकन निरस्तीकरण से जुड़े विवाद पर निर्वाचन अधिकारियों की प्रतिक्रिया और आगे की कार्रवाई पर नजर रहेगी।




