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गाजीपुर में बाइक चोर गिरोह का भंडाफोड़, 3 गिरफ्तार; 16 दोपहिया वाहन बरामद

स्वाट टीम और जंगीपुर पुलिस की संयुक्त कार्रवाई, चोरी की बाइक के पार्ट्स काटकर बेचते थे आरोपी; वाराणसी के चौबेपुर से भी जुड़ा मामला

आकाश पाण्डेय, गाज़ीपुर

 

 

गाजीपुर। जनपद गाजीपुर में दोपहिया वाहन चोरी करने वाले गिरोह के खिलाफ पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। स्वाट टीम, सर्विलांस सेल और थाना जंगीपुर पुलिस की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर कुल 16 दोपहिया वाहनों से संबंधित बरामदगी की है, जिनमें 15 मोटरसाइकिलें और एक मोटरसाइकिल का इंजन व अन्य कटे हुए पार्ट्स शामिल हैं। इसके अलावा तीन मोबाइल फोन और 450 रुपये नकद भी बरामद किए गए हैं।

पुलिस के मुताबिक, बरामद वाहनों में से कुछ के चोरी होने के मामले गाजीपुर के विभिन्न थानों के साथ वाराणसी के चौबेपुर थाने में भी दर्ज हैं। अन्य बरामद मोटरसाइकिलों के संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस ने इस कार्रवाई को पिछले कुछ वर्षों में वाहन चोरी के खिलाफ जनपद की सबसे बड़ी कार्रवाइयों में से एक बताया है।

 

मुखबिर की सूचना पर आधी रात को कार्रवाई

गाजीपुर पुलिस की ओर से जारी प्रेस नोट के अनुसार, अपराध एवं अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत 27 और 28 अक्टूबर 2026 की मध्यरात्रि को थाना जंगीपुर क्षेत्र में चेकिंग की जा रही थी। इसी दौरान विश्वसनीय मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर स्वाट टीम और जंगीपुर पुलिस की संयुक्त टीम ने कार्रवाई की।

पुलिस ने जंगीपुर थाना क्षेत्र के अलग-अलग स्थानों से चोरी के दोपहिया वाहन बरामद करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। बरामदगी में एक मोटरसाइकिल का इंजन और अन्य कटे हुए पार्ट्स भी मिले। पुलिस को आशंका है कि चोरी किए गए वाहनों को उनके मूल स्वरूप में बेचने के बजाय उनके पार्ट्स अलग-अलग करके बेचा जाता था।

गिरफ्तार आरोपियों में तीनों गाजीपुर के निवासी

पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान इस प्रकार हुई है—

  1. प्रवेश राजभर (25 वर्ष) पुत्र लोरिक राजभर, निवासी ग्राम कटयां, थाना सादात, जनपद गाजीपुर।
  2. अतुल सिंह (करीब 29 वर्ष) पुत्र अजय कुमार सिंह, निवासी ग्राम कटयां, थाना सादात, जनपद गाजीपुर।
  3. नीरज राजभर (करीब 26 वर्ष) पुत्र कन्हैया राजभर, निवासी ग्राम कटयां, थाना सादात, जनपद गाजीपुर।

पुलिस की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, प्रवेश राजभर मुंबई में पेंटर का काम करता है, जबकि अतुल सिंह निजी तौर पर स्वास्थ्य संबंधी जानकारी देने का काम करता है। नीरज राजभर घर पर रहकर कृषि कार्य करता है।

भीड़भाड़ वाले स्थानों से वाहन चोरी करने की बात आई सामने

पुलिस की प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने कथित तौर पर बताया कि वे आर्थिक लाभ के लिए भीड़भाड़ वाले स्थानों से दोपहिया वाहन चोरी करते थे। इसके बाद वाहनों के पार्ट्स अलग-अलग काटकर बेच दिए जाते थे।

हालांकि, पुलिस ने स्पष्ट किया है कि पूछताछ में सामने आए तथ्यों का स्वतंत्र रूप से सत्यापन किया जा रहा है और मामले की विस्तृत विवेचना जारी है। इसलिए गिरोह की पूरी कार्यप्रणाली, चोरी के अन्य मामलों में आरोपियों की संलिप्तता और बरामद वाहनों के स्रोत के संबंध में अंतिम निष्कर्ष जांच के बाद ही सामने आएगा।

गाजीपुर से वाराणसी तक जुड़े चोरी के मामले

पुलिस के मुताबिक, बरामद मोटरसाइकिलों में से छह वाहनों के संबंध में गाजीपुर के अलग-अलग थानों में चोरी के मुकदमे दर्ज होने की जानकारी मिली है। इनमें थाना कोतवाली में दो, थाना जंगीपुर में दो, थाना करंडा में एक और थाना सैदपुर में एक मामला शामिल है। इसके अतिरिक्त वाराणसी जनपद के चौबेपुर थाने में भी एक वाहन चोरी का मुकदमा दर्ज होने की जानकारी पुलिस ने दी है।

अन्य बरामद वाहनों के संबंध में संबंधित थानों से जानकारी जुटाई जा रही है। इस कार्रवाई के बाद वाहन चोरी के दूसरे मामलों के खुलासे और अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका सामने आने की संभावना है।

बरामद वाहनों में स्प्लेंडर, सुपर स्प्लेंडर और अन्य बाइक शामिल

पुलिस द्वारा जारी सूची के अनुसार, बरामद वाहनों में हीरो स्प्लेंडर प्लस, सुपर स्प्लेंडर, एचएफ डीलक्स, बजाज एक्ससीडी और सीबीजेड एक्सट्रीम जैसी मोटरसाइकिलें शामिल हैं।

बरामदगी की सूची में उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों के पंजीकरण नंबरों के साथ पंजाब का एक पंजीकरण नंबर भी दर्ज है। पुलिस के अनुसार, एक मोटरसाइकिल का इंजन और चेसिस नंबर अलग-अलग पाए गए हैं, जबकि एक अन्य मोटरसाइकिल के चेसिस और इंजन नंबर उपलब्ध नहीं हैं। इन बिंदुओं की भी जांच की जा रही है।

तीनों आरोपियों का आपराधिक इतिहास भी आया सामने

पुलिस की ओर से जारी प्रेस नोट में तीनों आरोपियों के खिलाफ पूर्व में दर्ज मुकदमों का भी उल्लेख किया गया है।

प्रवेश राजभर के खिलाफ थाना जंगीपुर में वर्ष 2026 के दो मामले दर्ज बताए गए हैं। इनमें वाहन चोरी से संबंधित धारा 303(2) बीएनएस का मामला और वर्तमान कार्रवाई से संबंधित मुकदमा शामिल है। इसके अलावा थाना सादात में वर्ष 2023 में आयुध अधिनियम की धारा 3/25 के तहत मुकदमा दर्ज होने की जानकारी दी गई है।

अतुल सिंह के खिलाफ थाना जंगीपुर में वर्ष 2026 के दो मामलों के साथ थाना खानपुर में वर्ष 2025 में बीएनएस की धारा 333, 351(3) और 352 के तहत मुकदमा दर्ज होने का उल्लेख है।

नीरज राजभर के खिलाफ भी थाना जंगीपुर में वर्ष 2026 के दो मामलों का उल्लेख किया गया है। इनमें वाहन चोरी और मौजूदा बरामदगी से संबंधित मामले शामिल हैं।

उल्लेखित मुकदमों का विवरण पुलिस के प्रेस नोट पर आधारित है। इन मामलों में आरोपों का अंतिम निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया के अनुसार होगा।

जंगीपुर थाने में दर्ज हुआ मुकदमा

पुलिस ने बताया कि बरामदगी के संबंध में थाना जंगीपुर में मुकदमा संख्या 227/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 2(30), 317(2), 317(5) और 318(4) में अभियोग पंजीकृत किया गया है। बरामद मोटरसाइकिलों और अन्य सामान को नियमानुसार पुलिस कब्जे में लेकर सील किया गया है।

गिरफ्तारी और बरामदगी की कार्रवाई की वीडियोग्राफी एवं फोटोग्राफी ई-साक्ष्य के माध्यम से कराए जाने की जानकारी भी पुलिस ने दी है। आरोपियों के खिलाफ आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।

स्वाट, सर्विलांस और जंगीपुर पुलिस की संयुक्त टीम रही शामिल

इस कार्रवाई में स्वाट टीम प्रभारी उपनिरीक्षक शैलेन्द्र प्रताप सिंह, सर्विलांस सेल प्रभारी उपनिरीक्षक सुमित बालियान और जंगीपुर थानाध्यक्ष उपनिरीक्षक ओमप्रकाश के नेतृत्व में पुलिस टीम शामिल रही। इसके अलावा मंडी समिति चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक पन्नेलाल यादव तथा स्वाट टीम और थाना जंगीपुर के अन्य पुलिसकर्मियों ने भी कार्रवाई में भाग लिया।

गाजीपुर पुलिस का कहना है कि संगठित आपराधिक गतिविधियों और वाहन चोरी के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा।

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