वाराणसी में तेंदुए के नाम पर AI से बनी फर्जी तस्वीरें वायरल, मकबूल आलम रोड के आजाद नगर कॉलोनी में दहशत का माहौल
कैंटोनमेंट और 39 जीटीसी के आसपास तेंदुआ दिखने की चर्चाओं के बीच मकबूल आलम रोड की आजाद नगर कॉलोनी में भी तस्वीरें वायरल; तस्वीरों की वास्तविकता की आधिकारिक पुष्टि नहीं, प्रशासन से स्थिति स्पष्ट करने की मांग

आरिफ़ अंसारी, वाराणसी
~ जिला प्रशासन से एक अनुरोध है कि सबसे पहले यह स्पष्ट किया जाए कि क्या वास्तव में इस इलाके में तेंदुआ देखा गया है?
~ यदि तेंदुआ देखा गया है, तो उसकी तस्वीर किसने ली है या वह किस CCTV कैमरे में रिकॉर्ड हुआ है?
~ कल से ही इस मामले को लेकर अफवाहों का बाजार गर्म है और सोशल मीडिया पर तरह-तरह की तस्वीरें वायरल हो रही हैं।
~ वाराणसी में इंटेलिजेंस की इतनी बड़ी व्यवस्था और संबंधित विभागों की मौजूदगी के बावजूद, अब तक इस मामले में कोई स्पष्ट आधिकारिक जानकारी सामने क्यों नहीं आई है?
~ जिला प्रशासन से अनुरोध है कि इस मामले में स्थिति स्पष्ट करे और बताए कि तेंदुए की मौजूदगी की खबर सच है या महज अफवाह, ताकि लोगों में फैले भ्रम और डर को दूर किया जा सके
वाराणसी। शहर के कैंटोनमेंट क्षेत्र में तेंदुए की मौजूदगी को लेकर पहले से ही लोगों में चिंता बनी हुई है। इसी बीच अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से तेंदुए की कथित तस्वीरें बनाकर सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से वायरल किए जाने का मामला सामने आया है। ताजा मामला मकबूल आलम रोड स्थित खजूरी के पास आजाद नगर कॉलोनी का बताया जा रहा है, जहां तेंदुए की तस्वीरें बताकर कुछ संदिग्ध और कथित तौर पर फर्जी तस्वीरें प्रसारित की जा रही हैं। इससे आसपास के इलाकों में रहने वाले लोगों के बीच भय और भ्रम का माहौल बन रहा है।
कैंटोनमेंट और 39 जीटीसी के आसपास दिखने की खबरों से पहले ही चिंतित हैं लोग
गौरतलब है कि कुछ दिन पहले वाराणसी के कैंटोनमेंट क्षेत्र स्थित सेंट मैरी स्कूल में तेंदुआ दिखाई देने की सूचना सामने आई थी। इसके बाद वन विभाग की टीमें तेंदुए की तलाश और उसे सुरक्षित पकड़ने के प्रयास में जुटी हुई हैं। कुछ दिनों बाद 39 जीटीसी के आसपास भी तेंदुआ दिखाई देने की खबर सामने आई थी। इन घटनाओं के बाद संबंधित इलाकों में सतर्कता बढ़ गई है।

ऐसे संवेदनशील माहौल में तेंदुए की तस्वीरों को लेकर फैल रही अपुष्ट जानकारी ने लोगों की चिंता और बढ़ा दी है। स्थानीय स्तर पर प्रसारित हो रही कुछ तस्वीरों को AI से तैयार किया गया बताया जा रहा है। हालांकि, इन तस्वीरों की प्रामाणिकता की आधिकारिक पुष्टि संबंधित एजेंसियों से कराया जाना जरूरी है।
AI से बनी तस्वीरें बन रहीं अफवाह का माध्यम
तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल के बीच AI की मदद से वास्तविक जैसी दिखने वाली तस्वीरें तैयार करना आसान हो गया है। ऐसी तस्वीरों को बिना सत्यापन के किसी वास्तविक घटना से जोड़कर प्रसारित किया जाए, तो इससे लोगों में अनावश्यक दहशत फैल सकती है।

आजाद नगर कॉलोनी और आसपास के क्षेत्रों में तेंदुए की मौजूदगी को लेकर प्रसारित तस्वीरों के संबंध में लोगों से अपील है कि वे किसी भी फोटो या वीडियो को वन विभाग अथवा प्रशासन की पुष्टि के बिना सच मानकर आगे साझा न करें।
जिला प्रशासन से अफवाह फैलाने वालों पर कार्रवाई की मांग
इस मामले में जिला प्रशासन और पुलिस से मांग की जा रही है कि वायरल तस्वीरों की जांच कराई जाए और यदि कोई व्यक्ति जानबूझकर AI से तैयार फर्जी तस्वीरों को वास्तविक बताकर लोगों में दहशत फैला रहा है, तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
साथ ही, वन विभाग को तेंदुए की वास्तविक गतिविधियों और उसकी तलाश की स्थिति को लेकर समय-समय पर आधिकारिक जानकारी जारी करनी चाहिए, ताकि लोगों को सही सूचना मिल सके और अफवाहों पर रोक लगाई जा सके।

सतर्क रहें, लेकिन अफवाहों से बचें
तेंदुए की मौजूदगी से जुड़ी वास्तविक सूचना को गंभीरता से लेना जरूरी है, लेकिन फर्जी तस्वीरों के आधार पर किसी इलाके में तेंदुआ होने का दावा करना उचित नहीं है। नागरिकों को संदिग्ध तस्वीरें साझा करने से बचना चाहिए और किसी भी सूचना की पुष्टि आधिकारिक स्रोतों से करनी चाहिए।
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