सैदपुर पुलिस के इकबाल को चुनौती! थाने से महज 300 मीटर दूर दुकान के सामने से बाइक चोरी, बेखौफ चोर CCTV के सामने से फरार
सैदपुर में बेख़ौफ़ चोरों के हौसले बुलंद, मास्क पहनकर आए युवक ने शाम 7 बजे पार की बाइक; नवरात्र के भीड़भाड़ वाले माहौल में सुरक्षा पर उठे सवाल

आकाश पाण्डेय, गाज़ीपुर
~ थाने से चंद कदमों की दूरी पर वारदात, पुलिस की गश्त और चेकिंग अभियान पर सवाल
~ स्नेहा बेकर्स के सामने से दुकान मालिक अरविंद जायसवाल की मोटरसाइकिल चोरी
~ CCTV कैमरा लगा होने के बावजूद बेखौफ नजर आया बाइक चोर
~ सैदपुर में लोगों के बीच चिंता, अब अपनी बाइक की सुरक्षा को लेकर भी बढ़ी आशंका
सैदपुर (गाजीपुर)। गाजीपुर में पुलिस के कानून-व्यवस्था दुरुस्त करने के दावे और जमीनी हकीकत के बीच का अंतर एक बार फिर सवालों के घेरे में है। एक तरफ ग़ाज़ीपुर पुलिस कानून-व्यवस्था मजबूत करने के लिए चेकिंग अभियान, रूट मार्च और पुलिस की सक्रियता बढ़ाने जैसे कदम उठा रही है, तो दूसरी तरफ चोरों के हौसले इतने बुलंद नजर आ रहे हैं कि वे थाने से महज कुछ दूरी पर भी वारदात को अंजाम देने से नहीं हिचक रहे हैं।
ताजा मामला सैदपुर कोतवाली क्षेत्र का है, जहां स्नेहा बेकर्स नामक दुकान के सामने से दुकान मालिक अरविंद जायसवाल की मोटरसाइकिल चोरी कर ली गई। जानकारी के मुताबिक, घटना शाम करीब 7 बजे की है। आरोप है कि मास्क पहनकर आया एक युवक दुकान के सामने खड़ी मोटरसाइकिल लेकर फरार हो गया। हैरानी की बात यह है कि घटनास्थल सैदपुर कोतवाली से महज लगभग 300 मीटर की दूरी पर बताया जा रहा है।
थाने के करीब चोरी, फिर भी चोरों में खौफ क्यों नहीं?
आमतौर पर थाने के आसपास पुलिस की मौजूदगी और निगरानी को सुरक्षा के लिहाज से अहम माना जाता है। लेकिन सैदपुर में सामने आई इस घटना ने पुलिस की गश्त, निगरानी और अपराधियों के मन में कानून का भय पैदा करने की व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि थाने के इतने करीब भी वाहन सुरक्षित नहीं हैं, तो आम नागरिक अपनी सुरक्षा को लेकर किस पर भरोसा करे?
घटना की एक और चिंताजनक बात यह है कि दुकान के बाहर CCTV कैमरा लगा होने की जानकारी सामने आई है। इसके बावजूद बाइक चोरी हो जाना पुलिस के लिए जांच का विषय है। अब कैमरे की फुटेज से संदिग्ध युवक की पहचान करने और चोरी गई मोटरसाइकिल बरामद करने में पुलिस को कितनी सफलता मिलती है, इस पर सबकी नजर रहेगी।
कागजों और अभियानों से आगे जमीन पर दिखे पुलिस का असर
गाजीपुर पुलिस की ओर से कानून-व्यवस्था मजबूत करने के लिए समय-समय पर अभियान चलाए जाते हैं। चेकिंग होती है, रूट मार्च निकाले जाते हैं और अपराध पर नियंत्रण के दावे भी किए जाते हैं। लेकिन आम लोगों के मन में सुरक्षा का भरोसा तभी मजबूत होगा, जब इन अभियानों का असर जमीन पर भी दिखाई देगा।
सैदपुर की इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या पुलिस की सक्रियता केवल अभियानों और दावों तक सीमित रह जा रही है, या फिर अपराधियों पर वास्तव में इसका दबाव भी बन रहा है? थाने के नजदीक हुई चोरी को महज एक बाइक की चोरी मानकर नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। यह पुलिस की निगरानी व्यवस्था और अपराधियों में कानून के भय की भी परीक्षा है।
नवरात्र के व्यस्त माहौल में बढ़ी चिंता
नवरात्र के दौरान बाजारों और दुकानों पर लोगों की आवाजाही बढ़ जाती है। ऐसे समय में वाहन चोरी की घटना स्थानीय लोगों और व्यापारियों की चिंता बढ़ा सकती है। लोगों के मन में यह आशंका पैदा होना स्वाभाविक है कि यदि बाजार में दुकान के सामने खड़ी बाइक भी सुरक्षित नहीं है, तो वाहन कहां खड़ा किया जाए?
हालांकि, इस एक घटना के आधार पर पूरे सैदपुर में अपराध बढ़ने का निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी, लेकिन यह वारदात पुलिस के लिए सतर्कता बढ़ाने और लोगों का भरोसा कायम करने का स्पष्ट संकेत जरूर है।
अब पुलिस के सामने तीन बड़ी चुनौतियां
पहली, CCTV फुटेज के आधार पर संदिग्ध की पहचान करना। दूसरी, चोरी गई मोटरसाइकिल को जल्द बरामद करना। तीसरी, बाजार और व्यस्त इलाकों में गश्त तथा वाहन चेकिंग को प्रभावी बनाना, ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।
सवाल सीधा है— जब चोर थाने से महज 300 मीटर दूर वारदात को अंजाम देकर निकल जाते हैं, तो आम आदमी की सुरक्षा की जिम्मेदारी कौन सुनिश्चित करेगा?* एसपी डॉ. नीरज राजा के नेतृत्व में पुलिस की कार्रवाई और इस मामले के खुलासे से ही स्पष्ट होगा कि कानून-व्यवस्था के दावों का असर जमीन पर कितना दिखाई देता है।
फिलहाल, अरविंद जायसवाल की मोटरसाइकिल चोरी के मामले में पुलिस की जांच, CCTV फुटेज की पड़ताल और बाइक की बरामदगी को लेकर आधिकारिक जानकारी सामने आना बाकी है।




