सारनाथ में नौकरी के नाम पर ठगी का बड़ा खेल बेनकाब: कॉल सेंटर की आड़ में बेरोजगार युवाओं से वसूली, पुलिस ने 6 लोगों को दबोचा

ख़बर भारत डेस्क
वाराणसी। सारनाथ थाना क्षेत्र के नई बाजार इलाके में नौकरी दिलाने के नाम पर चल रहे कथित फर्जी कॉल सेंटर का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। मंगलवार सुबह हुई छापेमारी में पुलिस ने मौके से छह आरोपियों को हिरासत में लिया, जबकि कई दस्तावेज, लैपटॉप, मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए गए हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि कॉल सेंटर की आड़ में बेरोजगार युवाओं को आकर्षक नौकरी का झांसा देकर उनसे रजिस्ट्रेशन, प्रोसेसिंग और सिक्योरिटी फीस के नाम पर मोटी रकम वसूली जा रही थी।
जानकारी के मुताबिक डीसीपी वरुणा जोन प्रमोद कुमार को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि नई बाजार इलाके में संचालित एक कथित कॉल सेंटर युवाओं को बड़ी कंपनियों में नौकरी दिलाने का दावा कर रहा है, लेकिन नौकरी देने के बजाय उनसे पैसे लेकर संपर्क खत्म कर देता है। शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए डीसीपी ने मामले की जांच की जिम्मेदारी एसीपी सारनाथ विदुष सक्सेना और पंकज त्रिपाठी को सौंपी। इसके बाद साइबर थाना और सारनाथ पुलिस टीम ने मंगलवार सुबह छापा मारकर पूरे नेटवर्क को पकड़ लिया।
पुलिस सूत्रों के अनुसार गिरोह काफी समय से बेरोजगार युवाओं को कॉल और सोशल मीडिया के जरिए संपर्क कर उन्हें अच्छी सैलरी वाली नौकरी का लालच देता था। इसके बाद इंटरव्यू, रजिस्ट्रेशन और डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के नाम पर अलग-अलग रकम जमा कराई जाती थी। आरोप है कि पैसे लेने के बाद युवाओं को या तो फर्जी नियुक्ति पत्र थमा दिए जाते थे या फिर उनका संपर्क पूरी तरह बंद कर दिया जाता था।
छापेमारी के दौरान पुलिस ने कई संदिग्ध दस्तावेज, अभ्यर्थियों की डिटेल, बैंक लेनदेन से जुड़े रिकॉर्ड और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस कब्जे में लिए हैं। पुलिस अब इन उपकरणों की जांच कर यह पता लगाने में जुटी है कि गिरोह का नेटवर्क कितने जिलों और राज्यों तक फैला हुआ है। हिरासत में लिए गए आरोपियों से लगातार पूछताछ की जा रही है और पुलिस का दावा है कि जल्द ही पूरे फर्जीवाड़े और ठगी के तरीके का बड़ा खुलासा किया जाएगा।




