Varanasi

चोलापुर ब्लॉक में सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल: ग्राम पंचायतों के 282 CCTV कैमरे पड़े बंद, प्रधानों ने CDO से की शिकायत

सिम रिचार्ज और इंटरनेट कनेक्टिविटी के अभाव में 40 ग्राम पंचायतों की निगरानी व्यवस्था ध्वस्त, आपराधिक घटनाओं की जांच पर भी पड़ रहा असर

विवेक राय, संवाददाता, वाराणसी 

 

वाराणसी। चोलापुर विकास खंड में ग्रामीण सुरक्षा को मजबूत बनाने के उद्देश्य से लगाए गए 282 सीसीटीवी कैमरे अब केवल शोपीस बनकर रह गए हैं। सिम कार्ड का रिचार्ज समाप्त होने, इंटरनेट कनेक्टिविटी की समस्या और नियमित रखरखाव के अभाव में 40 ग्राम पंचायतों में लगे अधिकांश कैमरे लंबे समय से बंद पड़े हैं। इससे न केवल सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित हुई है, बल्कि क्षेत्र में होने वाली आपराधिक घटनाओं और दुर्घटनाओं की जांच में भी पुलिस और प्रशासन को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

जानकारी के अनुसार, चोलापुर ब्लॉक की 40 ग्राम पंचायतों में सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए कुल 282 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे। प्रत्येक कैमरे और पोल पर लगभग 24,866 रुपये खर्च किए गए, लेकिन कैमरों के संचालन के लिए नियमित रिचार्ज और मेंटेनेंस की कोई प्रभावी व्यवस्था नहीं की गई। परिणामस्वरूप, अधिकांश कैमरे कुछ ही महीनों में बंद हो गए और पूरी योजना लगभग निष्क्रिय हो गई।

इस समस्या से कैथी, उगापुर, श्रीकंठपुर, बर्थरा, परानापुर, कौवापुर, गौरा उपरवार, चौबेपुर, सिंगलपुर, बहादुरपुर, मुनारी, नियारडीह, उधोरामपुर, हरदासीपुर, बाबतपुर, रामपुर, रजला, सिंहपुर, लखनपुर सहित कुल 40 ग्राम पंचायतें प्रभावित हैं। ग्रामीणों का कहना है कि कैमरे बंद होने से सार्वजनिक स्थलों की निगरानी पूरी तरह ठप हो गई है, जिससे असामाजिक तत्वों के हौसले बढ़ रहे हैं।

भीदूर ग्राम पंचायत के प्रधान दया शंकर यादव ने इस मामले को गंभीर बताते हुए मुख्य विकास अधिकारी (CDO) को पत्र भेजकर शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने कहा कि क्लस्टर रामपुर की सभी ग्राम पंचायतों में लगे कैमरे केवल दो महीने चलने के बाद ही बंद हो गए। इसके कारण चोरी, मारपीट और अन्य आपराधिक घटनाओं की जांच में महत्वपूर्ण साक्ष्य उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं। उन्होंने संबंधित संस्था को तत्काल निर्देशित कर कैमरों को दोबारा चालू कराने और नियमित रखरखाव की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षा बढ़ाने के उद्देश्य से लाखों रुपये खर्च कर यह परियोजना शुरू की थी, लेकिन रखरखाव की अनदेखी के कारण पूरी योजना बेअसर हो गई है। ग्रामीणों ने आशंका जताई कि यदि जल्द कैमरों को चालू नहीं कराया गया तो किसी बड़ी घटना की स्थिति में प्रशासन के पास कोई डिजिटल साक्ष्य उपलब्ध नहीं होगा।

इस संबंध में चोलापुर के खंड विकास अधिकारी शिवनारायण सिंह ने बताया कि शिकायत प्राप्त हुई है। मामले की जांच कराई जा रही है और जांच रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी, ताकि बंद पड़े सीसीटीवी कैमरों को पुनः संचालित कराया जा सके।

 

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button