Ghazipur: सैदपुर में बाढ़ की आहट से प्रशासन अलर्ट, SDM ज्योति चौरसिया ने गौरहट-तेतारपुर का किया निरीक्षण
सैदपुर की उप जिलाधिकारी (एसडीएम) ज्योति चौरसिया ने बाढ़ की पूर्व तैयारियों का जायजा लेने के लिए गौरहट और तेतारपुर गांवों का निरीक्षण किया। उन्होंने ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं और स्पष्ट निर्देश दिए कि बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए विशेष टीमें बनाई जाएं जो लोगों की सुरक्षा और पशुओं के चारे की व्यवस्था अभियान के रूप में सुनिश्चित करें।

आकाश पाण्डेय, सैदपुर, गाज़ीपुर
सैदपुर, गाज़ीपुर। गंगा और गोमती नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए सैदपुर तहसील प्रशासन ने बाढ़ से निपटने की तैयारियां तेज कर दी हैं। उप जिलाधिकारी (SDM) ज्योति चौरसिया ने बाढ़ की पूर्व तैयारियों का जायजा लेने के लिए तहसील क्षेत्र के संवेदनशील गांवों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने गौरहट, गौरी और तेतारपुर गांवों में पहुंचकर ग्रामीणों से बातचीत की और बाढ़ की स्थिति में आने वाली संभावित समस्याओं की जानकारी ली।
निरीक्षण के दौरान ग्रामीणों ने अधिकारियों को बताया कि जलस्तर बढ़ने की स्थिति में इन गांवों का मुख्य मार्ग से संपर्क प्रभावित हो जाता है। ऐसे में आवागमन के लिए नावों की आवश्यकता पड़ती है। ग्रामीणों ने शौचालय की व्यवस्था और पशुओं के लिए चारे की उपलब्धता से जुड़ी समस्याएं भी एसडीएम के सामने रखीं।
बाढ़ प्रभावित गांवों में विशेष टीमों की तैनाती के निर्देश
एसडीएम ज्योति चौरसिया ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि बाढ़ की किसी भी संभावित स्थिति से निपटने के लिए विशेष टीमों को पहले से सक्रिय रखा जाए। उन्होंने कहा कि राहत एवं बचाव कार्य केवल आपात स्थिति आने के बाद शुरू न हों, बल्कि अभी से आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली जाएं।
उन्होंने विशेष रूप से ग्रामीणों की सुरक्षा के साथ-साथ पशुओं के चारे की व्यवस्था को अभियान के रूप में सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। प्रशासन का उद्देश्य है कि बाढ़ की स्थिति उत्पन्न होने पर लोगों और उनके पशुओं को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
नावों और आवागमन की व्यवस्था पर विशेष नजर
निरीक्षण के दौरान गांवों के आवागमन की स्थिति की भी समीक्षा की गई। प्रशासन ने माना कि जलस्तर बढ़ने पर कुछ गांव मुख्य मार्ग से कट सकते हैं। ऐसे में जरूरत के अनुसार नावों की उपलब्धता सुनिश्चित करने और प्रभावित लोगों तक राहत सामग्री पहुंचाने की व्यवस्था पहले से तैयार रखने पर जोर दिया गया।
ग्रामीणों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनने के साथ अधिकारियों को मौके की वास्तविक स्थिति के आधार पर तैयारियां करने के निर्देश दिए गए हैं।
सैदपुर में बाढ़ के आंकड़ों पर प्रशासन की नजर
सैदपुर क्षेत्र में वर्तमान जलस्तर 66.22 मीटर दर्ज किया गया है। वहीं बाढ़ का चेतावनी स्तर (WL) 66.19 मीटर, खतरे का स्तर (DL) 67.19 मीटर और उच्चतम बाढ़ स्तर (HFL) 69.69 मीटर निर्धारित है।
वर्तमान जलस्तर चेतावनी स्तर से करीब 3 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच चुका है, जबकि खतरे के निशान से अभी करीब 97 सेंटीमीटर नीचे है। जलस्तर में आगे होने वाली वृद्धि को देखते हुए प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
ग्रामीणों को राहत और सुरक्षा का भरोसा
निरीक्षण के दौरान प्रशासन की ओर से ग्रामीणों को भरोसा दिलाया गया कि किसी भी आपात स्थिति में उन्हें समय पर सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। संवेदनशील इलाकों में टीमों को सक्रिय रखने, नावों की व्यवस्था, पशुओं के चारे और आवश्यक राहत कार्यों को लेकर तैयारी करने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासन का फोकस फिलहाल बाढ़ आने से पहले जरूरी व्यवस्थाओं को पूरा करने पर है, ताकि जलस्तर बढ़ने की स्थिति में राहत और बचाव कार्य बिना किसी बाधा के संचालित किए जा सकें।
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