
आकाश पाण्डेय, गाज़ीपुर
गाजीपुर। शहर के अष्टभुजी कॉलोनी में प्रवीण कुमार उपाध्याय के घर पर फायरिंग कर दहशत फैलाने के मामले में कोतवाली पुलिस ने 24 घंटे के भीतर बड़ी कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी हिस्ट्रीशीटर अमित राय और उसके साथी आयुष राय को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक .32 बोर की पिस्टल और चार जिंदा कारतूस भी बरामद किए हैं। पुलिस के अनुसार अमित राय के विरुद्ध उत्तर प्रदेश के विभिन्न जनपदों तथा बिहार में हत्या, हत्या के प्रयास, लूट, छिनैती, गैंगस्टर समेत करीब 26 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं।
2 जुलाई की भोर में हुई थी फायरिंग
पुलिस के अनुसार 2 जुलाई 2026 की भोर में थाना कोतवाली क्षेत्र के अष्टभुजी कॉलोनी में दो बाइक सवार युवक प्रवीण कुमार उपाध्याय के घर पहुंचे थे। आरोप है कि दोनों ने गाली-गलौज करते हुए प्रवीण कुमार उपाध्याय पर जान से मारने की नीयत से फायरिंग की। घटना के बाद प्रवीण कुमार उपाध्याय की तहरीर पर थाना कोतवाली में मुकदमा अपराध संख्या 461/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 109(1), 352 और 351(3) में मामला दर्ज किया गया था।
चेकिंग के दौरान दबोचे गए दोनों आरोपी
अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत शुक्रवार को थाना कोतवाली पुलिस ने सुखदेवपुर तिराहे पर चेकिंग के दौरान अमित राय और आयुष राय को गिरफ्तार कर लिया। तलाशी के दौरान अमित राय के कब्जे से एक .32 बोर की पिस्टल और चार जिंदा कारतूस बरामद हुए। बरामदगी के आधार पर दोनों आरोपियों के खिलाफ आर्म्स एक्ट की धारा 3/25 की बढ़ोतरी भी की गई है। पुलिस ने दोनों के खिलाफ आवश्यक विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
2016 के चर्चित हत्याकांड का भी आरोपी
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार अमित राय वही आरोपी है, जिस पर वर्ष 2016 में प्रवीण कुमार उपाध्याय के पिता बरमेश्वर उपाध्याय की गोली मारकर हत्या करने का आरोप है। इस संबंध में थाना भांवरकोल में मुकदमा अपराध संख्या 101/2016 दर्ज है, जिसमें हत्या, हत्या के प्रयास, आपराधिक साजिश और आर्म्स एक्ट सहित कई गंभीर धाराएं लगाई गई थीं। पुलिस का कहना है कि वर्तमान फायरिंग की घटना भी उसी पुराने विवाद से जुड़ी हुई है।
प्रदेश के कई जिलों में दर्ज हैं मुकदमे
गाज़ीपुर पुलिस के अनुसार अमित राय थाना करीमुद्दीनपुर का हिस्ट्रीशीटर अपराधी है। उसके खिलाफ गाजीपुर के अलावा अन्य जनपदों में भी हत्या, हत्या के प्रयास, लूट, छिनैती, गैंगस्टर, आर्म्स एक्ट, गुंडा एक्ट और अन्य गंभीर अपराधों से जुड़े लगभग 26 मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस का यह भी दावा है कि बिहार राज्य में भी उसके विरुद्ध आपराधिक मामले दर्ज हैं।
पहले उठाए जाने की चर्चा, अब गिरफ्तारी की पुष्टि
गौरतलब है कि 2 जुलाई को अमित राय के कथित रूप से अज्ञात लोगों द्वारा उठाए जाने की चर्चा पूरे जिले में होती रही थी। परिजनों ने आरोप लगाया था कि एसओजी और भांवरकोल पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर फर्जी मुठभेड़ की साजिश रची है। हालांकि उस समय पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई थी। अब कोतवाली पुलिस ने प्रेस नोट जारी कर अमित राय और उसके साथी आयुष राय की गिरफ्तारी की पुष्टि कर दी है।
पुलिस टीम को मिली सफलता
इस कार्रवाई को थाना कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक प्रमोद कुमार सिंह के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम ने अंजाम दिया। पुलिस का कहना है कि जिले में अपराध और अपराधियों के विरुद्ध अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा तथा कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।




