Ghazipur

Ghazipur: सैदपुर में नैनो उर्वरकों पर एकदिवसीय प्रशिक्षण, किसानों को नई तकनीक अपनाने के लिए किया जागरूक

नैनो यूरिया प्लस, नैनो डीएपी और नैनो जिंक के प्रयोग की बताई विधि, लागत कम करने और उत्पादन बढ़ाने पर दिया जोर

आकाश पाण्डेय, गाज़ीपुर

 

 

सैदपुर (गाजीपुर)। किसानों को आधुनिक कृषि तकनीक और नैनो उर्वरकों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से सोमवार, 14 सितंबर 2026 को ब्लॉक सभागार सैदपुर में एकदिवसीय सहकारी प्रशिक्षण एवं कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में सैदपुर तहसील क्षेत्र के विभिन्न सहकारी समितियों के सचिव, सहकार सारथी, विभागीय अधिकारी एवं कर्मचारी शामिल हुए।

प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन इफको के नैनो उर्वरकों के उपयोग और उनके लाभों पर केंद्रित रहा। कार्यक्रम की अध्यक्षता हैफेड निदेशक संजय सिंह ने की। मुख्य अतिथि के रूप में जिला सहकारी बैंक गाजीपुर के सचिव सुनील वर्मा मौजूद रहे। इसके अलावा अपर जिला सहकारी अधिकारी सैदपुर दीपक सिंह, इफको वाराणसी के रीजनल मैनेजर अक्षय कुमार पांडेय तथा जिला सहकारी अधिकारी शरद सिंह सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

नैनो उर्वरकों के प्रयोग की दी गई जानकारी

इफको वाराणसी के रीजनल मैनेजर अक्षय कुमार पांडेय ने प्रशिक्षण में उपस्थित सचिवों और सहकार सारथियों को नैनो यूरिया प्लस, नैनो डीएपी और नैनो जिंक के प्रयोग की विधि और उनके संभावित लाभों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

उन्होंने कहा कि कृषि विभाग की ओर से संचालित विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से किसानों को नैनो डीएपी और नैनो यूरिया प्लस के इस्तेमाल के प्रति जागरूक किया जाना चाहिए। इसके पीछे उद्देश्य किसानों की उर्वरक लागत को कम करने के साथ फसल उत्पादन और पोषण प्रबंधन को बेहतर बनाना है।

नैनो डीएपी से बीज शोधन की बताई विधि

इफको के क्षेत्राधिकारी सचिन तिवारी ने प्रशिक्षण के दौरान जैव उर्वरक, सागरिका और जल-विलेय उर्वरकों के प्रयोग की विधि एवं उनके लाभों की जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि 500 मिलीलीटर नैनो डीएपी की एक बोतल की कीमत 600 रुपये है और इसके माध्यम से करीब 100 किलोग्राम बीज का शोधन किया जा सकता है। प्रशिक्षण में बताया गया कि नैनो डीएपी से बीज शोधन के बाद बुवाई करने पर बीजों के जमाव और जड़ों के विकास में मदद मिल सकती है।

सहकारी समितियों को व्यवसाय बढ़ाने पर जोर

जिला सहकारी बैंक गाजीपुर के सचिव सुनील वर्मा ने सभी सचिवों से नैनो उर्वरकों और इफको के अन्य कृषि उत्पादों के व्यवसाय को अधिक से अधिक बढ़ावा देने की अपील की। उन्होंने कहा कि सहकारी समितियों के माध्यम से किसानों तक उपयोगी कृषि उत्पाद पहुंचाने के साथ समितियों को भी मजबूत और विकसित किया जा सकता है।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे संजय सिंह ने कहा कि इफको किसानों की संस्था है और किसानों के हित में नई तकनीक पर आधारित उर्वरकों के बारे में व्यापक स्तर पर जागरूकता जरूरी है। उन्होंने किसानों को नैनो उर्वरकों और इफको के अन्य उत्पादों की जानकारी देने तथा दानेदार उर्वरकों पर निर्भरता कम करने की दिशा में नैनो तकनीक के प्रयोग को बढ़ावा देने पर जोर दिया।

कार्यक्रम में सहकारिता विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, विभिन्न समितियों के सचिव, सहकार सारथी तथा इफको एसएफए हॉटस्पॉट वेद प्रकाश राय समेत 60 से अधिक लोग मौजूद रहे। प्रशिक्षण के दौरान कृषि क्षेत्र में नई तकनीक के उपयोग, उर्वरकों के उचित प्रयोग और किसानों तक इसकी जानकारी पहुंचाने को लेकर चर्चा की गई।

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