हिस्ट्रीशीटर अमित राय को ‘अज्ञात’ लोगों ने उठाया, पिता का आरोप SOG ने उठाया, एनकाउंटर की आशंका से भयभीत परिजन
परिजनों ने लगाया पुलिस पर एनकाउंटर की साजिश का आरोप, वहीं देर रात प्रवीण उपाध्याय के घर फायरिंग के मामले में अमित राय नामजद; 2016 के चर्चित हत्याकांड से जुड़ रहे घटनाक्रम
~ गाजीपुर में भोर की फायरिंग से फिर गरमाया पुराना विवाद, मुख्तार अंसारी के पूर्व करीबी अमित राय पर केस दर्ज
~ 2016 के चर्चित हत्याकांड के वादी को मुकदमा वापस लेने की धमकी देने का आरोप, घर पर फायरिंग के आरोप के बाद पुलिस जांच में जुटी; नामजद दूसरे आरोपी के परिजनों ने अपहरण का लगाया दावा
~ परिजनों ने लगाया पुलिस पर एनकाउंटर की साजिश का आरोप, वहीं देर रात प्रवीण उपाध्याय के घर फायरिंग के मामले में अमित राय नामजद; 2016 के चर्चित हत्याकांड से जुड़ रहे घटनाक्रम
गाजीपुर। जिले में 2 जुलाई की भोर में हिस्ट्रीशीटर के करीबी बताए जा रहे अमित राय को लेकर लगातार चर्चाओं और घटनाक्रमों के बीच बीता। दिनभर यह चर्चा गर्म रही कि कथित तौर पर अज्ञात लोगों द्वारा उठाए जाने के बाद अमित राय एसओजी और स्थानीय पुलिस की हिरासत में है।
इस बीच अमित राय के पिता ने आरोप लगाया कि पुलिस उनके बेटे का फर्जी एनकाउंटर करना चाहती है। हालांकि पुलिस की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई। इसी बीच देर रात गाजीपुर शहर की अष्टभुजी कॉलोनी में हुई कथित फायरिंग के मामले में अमित राय को नामजद किए जाने के बाद पूरे घटनाक्रम ने नया मोड़ ले लिया। मामला वर्ष 2016 के चर्चित बरमेश्वर उपाध्याय हत्याकांड से जुड़ा होने के कारण एक बार फिर पुरानी रंजिश, अपराध और कानून-व्यवस्था को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
भोर करीब 3:45 बजे हुई इस कथित फायरिंग की घटना में पीड़ित प्रवीण उपाध्याय की तहरीर के अनुसार, अमित राय अपने साथी आयुष राय के साथ बाइक से उनके घर पहुंचा। आरोप है कि दोनों ने घर का गेट खटखटाकर उन्हें बाहर बुलाया। जब प्रवीण दूसरी मंजिल पर दिखाई दिए तो अमित राय ने कथित रूप से गाली-गलौज करते हुए फायरिंग कर दी।
प्रवीण का आरोप है कि घटना के दौरान अमित राय ने वर्ष 2016 में उनके पिता बरमेश्वर उपाध्याय की हत्या से जुड़े मुकदमे को वापस लेने का दबाव बनाया और ऐसा न करने पर जान से मारने की धमकी दी। शिकायत के अनुसार, समय रहते हट जाने से गोली उन्हें नहीं लगी। आरोप है कि जाते समय आरोपियों ने मकान की ओर दो और गोलियां चलाईं और वहां से फरार हो गए।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने मौके से कारतूस के खोखे बरामद किए हैं। प्रवीण उपाध्याय की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
बताया जा रहा है कि यह पूरा विवाद वर्ष 2016 में हुई बरमेश्वर उपाध्याय की हत्या से जुड़ा है। हत्या के बाद प्रवीण उपाध्याय अपना पैतृक गांव रेणमार, थाना भांवरकोल छोड़कर शहर की अष्टभुजी कॉलोनी में परिवार के साथ रहने लगे थे। अब उसी मुकदमे को लेकर धमकी और फायरिंग के आरोप सामने आने से वर्षों पुराना विवाद एक बार फिर चर्चा में आ गया है।
इस मामले में एक दूसरा पक्ष भी सामने आया है। एफआईआर में नामजद आयुष राय के परिजनों का दावा है कि वह अपने गांव जोगा-मुसाहिब निवासी अमित राय के साथ पड़ोसी गांव देवरिया में आयोजित एक दावत से लौट रहा था। इसी दौरान कुछ अज्ञात लोग उसे कथित रूप से उठा ले गए। परिजनों का कहना है कि घटना के बाद से उसका मोबाइल भी बंद है। उन्होंने करीमुद्दीनपुर थाने में तहरीर देकर उसकी तलाश की मांग की है। पुलिस ने अभी तक इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
अमित राय का नाम पहले भी कई आपराधिक मामलों में सामने आ चुका है। उसकी तस्वीरें कभी मुख्तार अंसारी के साथ सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय रही हैं। इतना ही नहीं, एक समय तत्कालीन भाजपा विधायक अलका राय ने अटवा मोड़ पुलिस चौकी पर अमित राय को पुलिसकर्मियों के साथ देख विरोध जताते हुए धरना दिया था, जिससे जिले में राजनीतिक और प्रशासनिक हलचल मच गई थी।
फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है। एक ओर फायरिंग और धमकी का मुकदमा दर्ज है, तो दूसरी ओर अमित राय के कथित रूप से उठाए जाने और उसके पिता द्वारा लगाए गए आरोप भी चर्चा का विषय बने हुए हैं। ऐसे में पूरे घटनाक्रम पर सभी की नजरें पुलिस की जांच और आगे की कार्रवाई पर टिकी हैं।




