जौनपुर में भैंस चोरों का उल्टा दांव! खेत में फंसी पिकअप, इंजन में लगी आग; दोनों भैंसें छोड़कर भागे
सिंगरामऊ में ग्रामीणों के शोर मचाने पर भागे आरोपी, फूलचंद्र मौर्य और राजमणि यादव की भैंसें वापस मिलीं; पुलिस जांच में जुटी

रिपोर्ट: राजकुमार बेनवंशी,संवाददाता,जौनपुर।
जौनपुर। उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले के सिंगरामऊ क्षेत्र में कथित पशु चोरी की एक घटना में आरोपियों को भैंसें छोड़कर भागना पड़ा। ग्रामीणों के शोर मचाने और विरोध के बीच आरोपी पिकअप लेकर भागने लगे, लेकिन वाहन खेत में फंस गया। इसी दौरान पिकअप के इंजन में आग लग गई। घटना के बाद इलाके में हलचल मच गई। दोनों भैंसें सुरक्षित वापस मिलने से पशुपालकों ने राहत की सांस ली।
जौनपुर में भैंस चोरी की कोशिश, ग्रामीणों ने मचाया शोर
मिली जानकारी के अनुसार, सिंगरामऊ क्षेत्र में फूलचंद्र मौर्य के यहां से एक भैंस खोलकर ले जाने का आरोप है। बताया जा रहा है कि आरोपियों ने पहली भैंस को साढ़ापुर हाईवे के पास बांध दिया था। इसके बाद वे कवेली गांव निवासी राजमणि यादव की दूसरी भैंस भी खोलकर कुछ दूर तक ले गए।
इसी दौरान ग्रामीणों को संदिग्ध गतिविधियों की भनक लग गई। लोगों ने शोर मचाना शुरू कर दिया, जिससे कथित पशु चोर घबरा गए। ग्रामीणों के विरोध के बीच आरोपी दोनों भैंसों को छोड़कर मौके से भागने लगे।
खेत में फंसी पिकअप, इंजन में लगी आग
घटना के दौरान आरोपी अपनी पिकअप गाड़ी लेकर भागने का प्रयास कर रहे थे। इसी कोशिश में वाहन खेत में पहुंच गया और फंस गया। इसके बाद पिकअप के इंजन में आग लग गई। वाहन की हालत देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि उसे काफी नुकसान पहुंचा है।
हालांकि, आग लगने के कारणों और नुकसान की आधिकारिक पुष्टि विस्तृत जांच के बाद ही हो सकेगी। घटना के बाद मौके पर ग्रामीणों की हलचल बढ़ गई। आरोपी वाहन छोड़कर फरार हो गए।
ग्रामीणों की सतर्कता से वापस मिलीं दोनों भैंसें
बताया जा रहा है कि आरोपियों की योजना दोनों भैंसों को लेकर जाने की थी, लेकिन ग्रामीणों की सतर्कता से उनका प्रयास सफल नहीं हो सका। फूलचंद्र मौर्य और राजमणि यादव की भैंसें वापस मिल गईं।
ग्रामीण इलाकों में पशुपालन कई परिवारों की आजीविका का महत्वपूर्ण हिस्सा है। ऐसे में मवेशियों की चोरी की घटनाएं पशुपालकों के लिए आर्थिक नुकसान और चिंता का कारण बन सकती हैं। इस घटना के बाद क्षेत्र में पशु चोरी को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
पुलिस को नहीं मिली थी घटना की जानकारी
थाना प्रभारी अखिलेश कुमार ने बताया कि मामले की जानकारी न मिलने के कारण पुलिस मौके पर नहीं गई थी। उन्होंने बताया कि पूरे मामले की जांच-पड़ताल की जा रही है।
फिलहाल, उपलब्ध जानकारी में आरोपियों की पहचान, गिरफ्तारी और उनके खिलाफ दर्ज मुकदमे की पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस जांच के बाद ही घटना से जुड़े अन्य तथ्यों की स्पष्ट जानकारी सामने आ सकेगी।
सिंगरामऊ की इस घटना में ग्रामीणों की सतर्कता से दोनों भैंसें वापस मिल गईं, लेकिन पिकअप में आग लगने की वजह और कथित पशु चोरों की पहचान जैसे सवालों का जवाब जांच के बाद ही मिलेगा।




