बाबा कीनाराम मेडिकल कॉलेज में अव्यवस्थाओं और कथित अवैध वसूली का मुद्दा गरमाया, पूर्व विधायक ने डीएम को भेजा पत्र
विधवा महिला से ऑपरेशन के नाम पर ₹30 हजार, ₹13 हजार और ₹10 हजार लेने के आरोपों की जांच की मांग; दलालों पर कार्रवाई और मरीजों को बेहतर सुविधाएं देने की उठाई आवाज

चंदन सिंह, चन्दौली
चंदौली। बाबा कीनाराम मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में कथित अव्यवस्थाओं और इलाज के नाम पर अवैध वसूली के आरोपों को लेकर राजनीतिक मामला गरमा गया है। सैदराजा के पूर्व विधायक मनोज कुमार सिंह ‘डब्लू’ ने जिलाधिकारी चंदौली को पत्र भेजकर अस्पताल में मरीजों को हो रही परेशानियों और कथित भ्रष्टाचार की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उन्होंने विशेष रूप से एक विधवा महिला से ऑपरेशन के नाम पर अलग-अलग किस्तों में ₹30 हजार, ₹13 हजार और ₹10 हजार लिए जाने के आरोपों को गंभीर बताते हुए जांच की मांग की है।
पूर्व विधायक ने अपने पत्र में कहा है कि यदि जांच में अवैध वसूली के आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। उन्होंने अस्पताल में इलाज, ऑपरेशन या अन्य चिकित्सा सुविधाओं के नाम पर मरीजों और उनके परिजनों से किसी भी प्रकार की अनधिकृत रकम वसूले जाने पर पूरी तरह रोक लगाने की मांग की है।
ऑपरेशन के नाम पर रकम लेने के आरोपों की जांच की मांग
मनोज सिंह ‘डब्लू’ ने आरोपों का हवाला देते हुए कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद मरीजों को सरकारी अस्पताल में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलनी चाहिए। उन्होंने विधवा महिला से ऑपरेशन के नाम पर कथित रूप से ली गई अलग-अलग रकम के मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है।
उन्होंने कहा कि अस्पताल में आने वाले मरीज पहले से ही बीमारी और आर्थिक परेशानी से जूझते हैं। ऐसे में इलाज के नाम पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालना गंभीर विषय है।
अस्पताल में ही उपलब्ध कराई जाएं जरूरी दवाएं
पूर्व विधायक ने अस्पताल में मरीजों को आवश्यक दवाएं उपलब्ध कराने की भी मांग की। उनका कहना है कि यदि मरीजों को अस्पताल के बाहर से दवाएं खरीदनी पड़ती हैं तो गरीब परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ता है। उन्होंने अस्पताल में दवाओं के पर्याप्त स्टॉक की व्यवस्था करने और मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही दवाओं की जानकारी पारदर्शी तरीके से सार्वजनिक करने की मांग की।
बुजुर्गों और दिव्यांगों के लिए अलग हेल्प डेस्क की मांग
नई बिल्डिंग में मरीजों की सुविधा को लेकर भी कई सुझाव दिए गए हैं। पूर्व विधायक ने पर्याप्त पर्ची और रजिस्ट्रेशन काउंटर बनाए जाने के साथ बुजुर्गों और दिव्यांग मरीजों के लिए अलग हेल्प डेस्क स्थापित करने की मांग की है, ताकि उन्हें पंजीकरण और उपचार के दौरान अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
दलालों और अनधिकृत लोगों की भूमिका खत्म करने की मांग
पत्र में अस्पताल परिसर में कथित रूप से सक्रिय दलालों और अनधिकृत बाहरी लोगों की भूमिका समाप्त करने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई है। इसके साथ ही मरीजों और उनके परिजनों की शिकायतों को तत्काल सुनने और उनका समाधान कराने के लिए स्थायी Patient Help & Complaint Desk स्थापित करने का सुझाव दिया गया है।
पूर्व विधायक ने डॉक्टरों की ड्यूटी, अस्पताल में उपलब्ध जांच सुविधाओं और दवाओं के स्टॉक की जानकारी सार्वजनिक किए जाने की भी मांग की है, ताकि मरीजों को अस्पताल की सुविधाओं के बारे में स्पष्ट जानकारी मिल सके।
बेहतर और निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाओं पर जोर
मनोज कुमार सिंह ‘डब्लू’ ने कहा कि सरकारी अस्पतालों का उद्देश्य आम लोगों को बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। उन्होंने प्रशासन से अस्पताल की व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी कराने और मरीजों को इलाज के दौरान किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग की।
वहीं, मामले को लेकर अपर जिलाधिकारी चंदौली राजेश कुमार का पक्ष भी सामने आया है। अब इस पूरे प्रकरण में प्रशासन की जांच और आगे की कार्रवाई पर नजर रहेगी। अस्पताल में अवैध वसूली के लगाए गए आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।




