मिशन शक्ति फेज-5 के तहत छात्राओं को किया जागरूक, महिला अपराधों से बचाव और सुरक्षा के बताए उपाय
श्रीराम पीजी कॉलेज में आयोजित जागरूकता सत्र में एसीपी ने छात्राओं को हेल्पलाइन नंबर और साइबर सुरक्षा की दी जानकारी

वाराणसी। मिशन शक्ति फेज-5 के तहत श्रीराम पीजी कॉलेज, पैगंबरपुर, सारनाथ में छात्राओं की सुरक्षा और महिला संबंधी अपराधों से बचाव को लेकर जागरूकता सत्र का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में एसीपी ने छात्राओं को महिला सुरक्षा, आत्मरक्षा, साइबर अपराध और आपात स्थिति में पुलिस से मदद लेने के तरीकों की विस्तार से जानकारी दी।
सत्र के दौरान एसीपी सारनाथ विनय कुमार द्विवेदी ने छात्राओं को बताया कि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल 112 नंबर पर पुलिस सहायता ली जा सकती है। इसके अलावा महिलाओं के लिए 181 महिला हेल्पलाइन, उत्तर प्रदेश पुलिस की 1090 महिला पावर लाइन तथा साइबर अपराध की शिकायत के लिए 1930 साइबर हेल्पलाइन का इस्तेमाल किया जा सकता है। छात्राओं को समझाया गया कि जरूरत पड़ने पर बिना झिझक इन हेल्पलाइन नंबरों पर संपर्क करें और अपनी समस्या पुलिस या संबंधित विभाग तक पहुंचाएं।
अजनबियों से रहें सतर्क, निजी जानकारी साझा न करें
जागरूकता सत्र में छात्राओं को दैनिक जीवन में सुरक्षा को लेकर कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश भी दिए गए। एसीपी ने कहा कि छात्राओं को अजनबियों से सतर्क रहना चाहिए और किसी अनजान व्यक्ति पर तुरंत भरोसा नहीं करना चाहिए। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अपनी निजी जानकारी, मोबाइल नंबर, पता, फोटो या अन्य संवेदनशील जानकारी सार्वजनिक रूप से साझा करने से बचना चाहिए।
उन्होंने छात्राओं को सलाह दी कि देर रात अकेले यात्रा करने से बचें और यदि किसी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि का पता चले तो तत्काल पुलिस या कॉलेज प्रशासन को इसकी जानकारी दें। साइबर ठगी, फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट, ऑनलाइन धमकी या किसी अन्य साइबर अपराध की स्थिति में तुरंत 1930 पर शिकायत करने के साथ संबंधित प्लेटफॉर्म पर भी रिपोर्ट करने की जानकारी दी गई।
डरने की नहीं, जागरूक और आत्मनिर्भर बनने की जरूरत
एसीपी ने मिशन शक्ति के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इसका मकसद महिलाओं और छात्राओं को जागरूक, आत्मनिर्भर और सुरक्षित बनाना है, ताकि वे बिना किसी डर के अपनी पढ़ाई, करियर और दैनिक गतिविधियों को आगे बढ़ा सकें। उन्होंने छात्राओं से किसी भी तरह की परेशानी को छिपाने या सहने के बजाय समय रहते परिवार, कॉलेज प्रशासन या पुलिस से मदद लेने की अपील की।
कार्यक्रम के दौरान छात्राओं ने महिला सुरक्षा से जुड़े विषयों को लेकर जानकारी प्राप्त की और अपनी जिज्ञासाओं को भी साझा किया। इस तरह के जागरूकता सत्र छात्राओं को न केवल उनके कानूनी अधिकारों और उपलब्ध सरकारी सहायता के बारे में जानकारी देते हैं, बल्कि आपात स्थिति में सही कदम उठाने का आत्मविश्वास भी बढ़ाते हैं।
मिशन शक्ति फेज-5 के तहत आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने के साथ-साथ उन्हें अपने अधिकारों के प्रति जागरूक करना और आवश्यकता पड़ने पर तत्काल सहायता प्राप्त करने के लिए सक्षम बनाना रहा।




