भेलूपुर में सील तोड़कर फिर शुरू हुआ अवैध निर्माण, जिम्मेदारी को लेकर उठे सवाल
वीडीए ने सील कर पुलिस कस्टडी में सौंपा था भवन, बावजूद इसके दोबारा काम शुरू होने से सिस्टम पर सवाल

नीरज सिंह, वाराणसी
वाराणसी के भेलूपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत खोजवां इलाके में अवैध निर्माण को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। जानकारी के अनुसार, लबे सड़क पर चल रहे दो अवैध निर्माणों पर वाराणसी विकास प्राधिकरण (वीडीए) ने कार्रवाई करते हुए उन्हें सील कर दिया था और भवन को स्थानीय पुलिस की कस्टडी में सौंप दिया गया था।



इसके बावजूद आरोप है कि संबंधित पक्ष द्वारा कथित रूप से “सेटिंग-गेटिंग” कर सील तोड़ दी गई और दोबारा निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया। इस मामले की जानकारी मिलने पर वीडीए के जेई रोहित कुमार ने 5 अप्रैल 2025 को निर्माणकर्ता मो० आरिफ के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज कराया, लेकिन इसके बाद भी निर्माण कार्य रुकने के बजाय फिर से शुरू हो गया।

भेलुपुर पुलिस क्यों है इतनी मेहरबान
स्थानीय लोगों का आरोप है कि पुलिस को सूचना देने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। यहां तक कि आधी रात में भी सील तोड़कर लगातार निर्माण कार्य जारी रहने की बात सामने आ रही है, जिससे स्थानीय पुलिस सवालों के घेरे में है।
भेलुपुर में ही आज दोपहर अवैध निर्माण को लेकर हुआ था हंगामा
इसी बीच आज भेलुपुर में ही एक अन्य क्षेत्र में अवैध निर्माण को लेकर दो पक्षों के बीच तनाव की स्थिति भी बन गई है। एक पक्ष का आरोप है कि निर्माण कार्य सार्वजनिक रास्ते पर किया जा रहा है, जबकि दूसरे पक्ष द्वारा इसका विरोध किया जा रहा है। मामले में एक पक्ष ने काशी जोन पुलिस के एडीसीपी को लिखित शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की है।

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि समय रहते प्रशासनिक हस्तक्षेप नहीं हुआ तो विवाद और बढ़ सकता है।
जिम्मेदारी पर बड़ा सवाल
यदि वाराणसी विकास प्राधिकरण द्वारा किसी भवन को सील कर उसे पुलिस की कस्टडी में सौंप दिया जाता है, तो उसकी सुरक्षा और निगरानी की पूरी जिम्मेदारी स्थानीय पुलिस की होती है। ऐसे में यदि सील तोड़कर दोबारा निर्माण किया जा रहा है, तो नियमों के तहत संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई, यहां तक कि गिरफ्तारी की जानी चाहिए।

मौजूदा हालात में कार्रवाई न होने से यह सवाल उठ रहा है कि आखिर अवैध निर्माण को रोकने की जिम्मेदारी कौन निभाएगा और क्या इस तरह के मामलों में लापरवाही पर जवाबदेही तय की जाएगी।




