आजमगढ़ में बिजली विभाग पर भ्रष्टाचार का बड़ा आरोप: पैसे लेकर अवैध कनेक्शन से चल रहे अवैध ट्यूबवेल और आटा चक्कियां, जबरन लागये जा रहे प्री-पेड मीटर
"आजमगढ़ के लालगंज में बिजली विभाग पर भ्रष्टाचार की बड़ी खबर सामने आई है। पैसे लेकर अवैध कनेक्शन और आम लोगों के साथ ज्यादती... पूरी डिटेल जानिए।"

आजमगढ़। जनपद के लालगंज तहसील अंतर्गत करसड़ा फीडर क्षेत्र में बिजली विभाग पर बड़े स्तर पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं। स्थानीय ग्रामीणों ने विभागीय कर्मचारियों और संबंधित ठेकेदारों पर मिलीभगत का आरोप लगाते हुए कहा है कि बिना वैध बिजली कनेक्शन के ही क्षेत्र में कई अवैध ट्यूबवेल और आटा चक्कियां संचालित हो रही हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि विभाग के कुछ कर्मचारी और जिम्मेदार अधिकारी पैसे लेकर नियमों को ताक पर रख रहे हैं। जहां आम उपभोक्ताओं से बिजली बिल वसूली और जांच के नाम पर सख्ती बरती जा रही है, वहीं दूसरी ओर मोटी रिश्वत लेकर अवैध कनेक्शनों को खुला संरक्षण दिया जा रहा है। इस दोहरी नीति से क्षेत्र के लोगों में भारी आक्रोश व्याप्त है।
बंद घरों में जबरन प्रीपेड मीटर लगाने की शिकायतें
मामले की गंभीरता तब और बढ़ गई जब ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि बंद पड़े घरों में भी बिना मालिक की सहमति के जबरन प्रीपेड मीटर लगाए जा रहे हैं। ऊर्जा मंत्री और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा प्रीपेड मीटर लगाने को लेकर दिए गए स्पष्ट दिशा-निर्देशों के बावजूद बिजली विभाग और जीएमआर कंपनी अपनी मनमानी कर रही है।
लोगों का कहना है कि बिना किसी सूचना या जरूरत के मीटर लगाकर उन्हें परेशान किया जा रहा है। कई ग्रामीणों ने बताया कि उनके घर लंबे समय से बंद पड़े हैं, फिर भी वहां मीटर लगाकर बिल जमा करने का दबाव बनाया जा रहा है।
उच्चाधिकारियों को शिकायत, जांच की मांग
इस पूरे प्रकरण को लेकर प्रभावित ग्रामीणों ने बिजली विभाग के उच्च अधिकारियों को लिखित शिकायत दी है और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि भ्रष्टाचार पर अंकुश नहीं लगाया गया और जबरन मीटर लगाने की कार्रवाई नहीं रोकी गई, तो पूरे क्षेत्र में बड़े स्तर पर आंदोलन किया जाएगा।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बिजली विभाग की इस कार्यशैली से विभाग की विश्वसनीयता पर सवाल उठ रहे हैं। अब देखना यह होगा कि शिकायत मिलने के बाद बिजली विभाग और प्रशासन इस मामले में क्या कार्रवाई करता है।




