
वाराणसी। विश्व फोटोग्राफी दिवस के अवसर पर काशी हिंदू विश्वविद्यालय के दृश्य कला संकाय में छायाचित्रों के जरिए कला, संस्कृति और सामाजिक सरोकारों को सामने लाने की पहल की गई। एप्लाइड आर्ट्स विभाग की ओर से आयोजित ‘लेंस के माध्यम से’ फोटो प्रदर्शनी में विद्यार्थियों और युवा छायाकारों की रचनात्मकता देखने को मिल रही है।
अहिवासी कला दीर्घा में आयोजित यह प्रदर्शनी 18 से 21 अगस्त तक चलेगी। दर्शक प्रतिदिन सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक प्रदर्शनी का अवलोकन कर सकते हैं। प्रदर्शनी का उद्घाटन 18 अगस्त को दोपहर 12:30 बजे हुआ।
उद्घाटन समारोह में दृश्य कला संकाय की डीन प्रो. उत्तमा दीक्षित ने अध्यक्षता की। काशी हिंदू विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. राजन श्रीवास्तव मुख्य अतिथि रहे, जबकि वाराणसी के चर्चित छायाकार अमित अग्रवाल विशिष्ट अतिथि के तौर पर मौजूद रहे।
कार्यक्रम के आयोजन की जिम्मेदारी एप्लाइड आर्ट्स विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. मनीष अरोड़ा ने संभाली। सहायक प्रोफेसर कृष्ण सिंह कार्यक्रम के समन्वयक रहे। वहीं डॉ. आशीष गुप्ता, सृष्टि प्रजापति और ज्ञानेंद्र के. पाण्डेय ने सह-समन्वयक के रूप में सहयोग किया। प्रदर्शनी के समन्वयक पेंटिंग विभाग के सहायक प्रोफेसर डॉ. ललित मोहन सोनी हैं।
दृश्य कला संकाय की छात्रा श्वेता साहू के अनुसार, कैमरा सिर्फ किसी दृश्य को दर्ज करने का माध्यम नहीं है, बल्कि इसके जरिए भावनाओं और विचारों को भी प्रभावी ढंग से व्यक्त किया जा सकता है। प्रदर्शनी में शामिल तस्वीरों के माध्यम से विद्यार्थियों को अपनी अलग दृष्टि और रचनात्मक प्रयोग दर्शकों तक पहुंचाने का अवसर मिला है।
प्रदर्शनी में शामिल छायाचित्रों में कला और रचनात्मकता के साथ-साथ संस्कृति और समाज से जुड़े विभिन्न पहलुओं को अलग-अलग नजरिए से प्रस्तुत किया गया है। आयोजकों का उद्देश्य युवा फोटोग्राफरों को मंच देने के साथ ही दर्शकों को तस्वीरों के पीछे छिपी कहानियों और भावनाओं से जोड़ना है।




