वाराणसी में बिना हेलमेट महिलाओं की ‘जनआक्रोश स्कूटी रैली’, BJP पदाधिकारियों की रही मौजूदगी, गूंजे पीएम स्वागत के नारे
काशी क्षेत्र के जिला-महानगर पदाधिकारी शामिल, ट्रैफिक नियमों पर उठे सवाल

नीरज सिंह, वाराणसी
Varanasi में आयोजित ‘जनआक्रोश स्कूटी रैली’ उस समय चर्चा का विषय बन गई, जब बड़ी संख्या में महिलाएं बिना हेलमेट स्कूटी चलाते हुए सड़कों पर उतरीं। इस रैली में भारतीय जनता पार्टी के काशी क्षेत्र के जिला और महानगर पदाधिकारी भी शामिल रहे, जिससे इसका राजनीतिक महत्व और बढ़ गया।
रैली के दौरान महिलाओं ने शहर के विभिन्न प्रमुख मार्गों पर स्कूटी चलाते हुए प्रदर्शन किया और केंद्र सरकार तथा प्रधानमंत्री के समर्थन में नारे लगाए। “पीएम का स्वागत” और “सरकार के समर्थन” जैसे नारे पूरे आयोजन में गूंजते रहे। आयोजकों का कहना था कि यह रैली जनसमर्थन और जनभावनाओं को व्यक्त करने के उद्देश्य से निकाली गई थी।
हालांकि, इस आयोजन के दौरान बड़ी संख्या में प्रतिभागियों द्वारा हेलमेट का इस्तेमाल न करने पर सवाल भी उठे हैं। ट्रैफिक नियमों की अनदेखी को लेकर स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने चिंता जताई है। विशेषज्ञों का मानना है कि सड़क सुरक्षा के नियम सभी के लिए समान होने चाहिए, चाहे वह आम नागरिक हो या किसी राजनीतिक दल से जुड़ा व्यक्ति।
रैली में शामिल भाजपा पदाधिकारियों ने इसे जनजागरूकता और समर्थन का प्रतीक बताया, जबकि विपक्षी दलों ने इस पर निशाना साधते हुए कहा कि नियमों का उल्लंघन किसी भी स्थिति में उचित नहीं ठहराया जा सकता।
फिलहाल, इस रैली को लेकर शहर में चर्चा तेज है और यह मुद्दा कानून पालन बनाम राजनीतिक गतिविधियों के बीच संतुलन पर सवाल खड़े कर रहा है।




