गंगा में समा गया विकास! महुजी गांव में गंगा कटान पर सपा नेता मनोज सिंह डब्लू का हल्ला बोल — बोले, “गलत डिजाइन और भ्रष्टाचार से जनता हुई तबाह”
पूर्व विधायक ने शासन-प्रशासन और सत्ता पक्ष पर लगाया भ्रष्टाचार का आरोप, बोले — 10 करोड़ की योजना में धांधली से गंगा कटान और बढ़ा, अब गांव के अस्तित्व पर संकट मंडरा रहा है

~ गंगा कटान नहीं रोक पाए 10 करोड़ के पत्थरः मनोज सिंह डब्लू
~ चन्दौली महुजी गांव स्थित गंगा में समा चुके सड़क का निरीक्षण कर पूर्व विधायक मनोज सिंह डब्लू ने लगाए गंभीर आरोप
रिपोर्ट: रंधा सिंह, चन्दौली
चंदौली जनपद के महुजी गांव में गंगा कटान की भयावह स्थिति देखने के बाद समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय सचिव और पूर्व विधायक मनोज सिंह डब्लू ने गुरुवार को शासन-प्रशासन और सत्ता पक्ष पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि गंगा कटान को रोकने के नाम पर भ्रष्टाचार हुआ है और गलत डिजाइन के कारण पूरा गांव गंगा में समाने की कगार पर है।
उन्होंने बताया कि करीब एक माह पहले तक महुजी गांव की सड़क पूरी तरह से सुरक्षित थी, लेकिन गंगा कटान रोकने के नाम पर किए जा रहे गलत तरीके के निर्माण कार्य ने हालात को और बिगाड़ दिया। अब सड़क पूरी तरह से नदी में समा गई है और गांव तथा घरों पर खतरा मंडरा रहा है।
मनोज सिंह डब्लू ने कहा, “गंगा कटान की समस्या से राहत दिलाने के लिए मैंने लंबे समय तक संघर्ष किया, पैदल यात्राएं कीं और शासन-प्रशासन को जगाने का प्रयास किया। इसके बाद सरकार ने 10 करोड़ रुपये की धनराशि कटान रोकने के लिए जारी की। लेकिन अधिकारियों और ठेकेदारों ने इस पैसे का बंदरबांट कर लिया। नतीजा यह हुआ कि पत्थर लगाने का काम गलत डिजाइन में हुआ और अब कटान और भी तेज हो गया है।”
उन्होंने यह भी बताया कि जब ग्रामीणों ने कटान रोकने में हुई गड़बड़ी की शिकायत की, तो जिलाधिकारी ने सर्वे कराने का आदेश दिया, लेकिन महुजी गांव जाने के बजाय गुरैनी गांव में सर्वे किया गया, जो सिर्फ औपचारिकता थी। इसके बाद विभागीय मंत्री का भी दौरा हुआ, मगर स्थानीय विधायक के दबाव में मंत्री महुजी न जाकर नरौली गांव चले गए और वहां निरीक्षण की कोरमपूर्ति करके लौट गए।
पूर्व विधायक ने कहा कि अब जब गांव की सड़क और खेत गंगा में समा चुके हैं, तो प्रशासन और ठेकेदार बालू से भरे बोरे डालकर कटान रोकने की नौटंकी कर रहे हैं। उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि “जब 10 करोड़ रुपये के पत्थर गंगा कटान को नहीं रोक पाए, तो बालू की बोरियां क्या कर लेंगी।”
उन्होंने जिला प्रशासन से मांग की कि इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए और जो भी अधिकारी, ठेकेदार या जनप्रतिनिधि इसमें लिप्त हैं, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। साथ ही गंगा कटान से प्रभावित ग्रामीणों के पुनर्वास और सुरक्षा के लिए तत्काल प्रभाव से ठोस कदम उठाए जाएं।
ग्रामीणों में आक्रोश:
गांव के लोगों ने कहा कि गंगा कटान की वजह से उनकी जमीन, घर और सड़क सब कुछ खतरे में है। कई परिवारों को रात में भी घर छोड़कर सुरक्षित जगहों पर जाना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन की निष्क्रियता पर गुस्सा जताते हुए कहा कि अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
सपा नेता की चेतावनी:
मनोज सिंह डब्लू ने कहा कि “यह सिर्फ एक गांव की बात नहीं है, यह प्रशासनिक लापरवाही और भ्रष्टाचार की मिसाल है। अगर सरकार ने तुरंत कार्रवाई नहीं की तो जनता का आक्रोश सड़कों पर दिखेगा।”




