बर्बाद फसल की शिकायत पर महिला ने ज्वाइंट मजिस्ट्रेट के सामने रखी बात, लापरवाह लेखपाल सस्पेंड, तहसीलदार को नोटिस
आकाश पाण्डेय, गाज़ीपुर

गाजीपुर जिले के सैदपुर तहसील क्षेत्र में हालिया बारिश और तूफान से तबाह हुई किसानों की फसलों को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अख्तियार किया है। एक महिला किसान द्वारा खराब धान की बालियां हाथ में लेकर सीधे तहसील पहुंचकर शिकायत करने पर ज्वाइंट मजिस्ट्रेट रामेश्वर सुधाकर सब्बनवाड ने तुरंत एक्शन लिया। उन्होंने संबंधित हल्का लेखपाल धर्मेंद्र कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया, जबकि तहसीलदार हिमांशु सिंह और नायब तहसीलदार विश्राम यादव को कारण बताओ नोटिस थमा दिया।
जिलाधिकारी के निर्देश पर पूरे जिले में बर्बाद फसलों का सर्वे कराया जा रहा है, ताकि प्रभावित किसानों को जल्द मुआवजा मिल सके। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट खुद मैदान में उतरकर मॉनिटरिंग कर रहे हैं। सोमवार को फतेउल्लाहपुर इलाके के हरखूपुर गांव की रहने वाली लालती देवी खेत से उखड़ी हुई खराब धान की फसल लेकर तहसील परिसर में पहुंचीं। वह ज्वाइंट मजिस्ट्रेट के चैंबर के बाहर इंतजार करती रहीं और जैसे ही वे बाहर निकले, उनके सामने खड़ी हो गईं। हाथों में धान की बालियां दिखाते हुए उन्होंने रोते हुए कहा कि तूफान से हमारी सारी फसल चौपट हो गई, लेकिन अब तक कोई लेखपाल या कर्मचारी सर्वे के लिए नहीं आया।
महिला की फरियाद सुनकर ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने उन्हें सीमेंट की बेंच पर बैठाया और पूरी बात ध्यान से सुनी। इसके बाद उन्होंने इसे शासन के आदेश की अवहेलना मानते हुए लेखपाल को सस्पेंड करने का फरमान सुना दिया। उन्होंने साफ कहा कि किसानों का मामला इंसानियत से जुड़ा है, इसमें कोई लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। संवेदनशील मुद्दे पर हर संभव सहायता पहुंचानी है।
इसी क्रम में ज्वाइंट मजिस्ट्रेट हथौड़ा गांव भी पहुंचे और वहां धान की फसल का क्रॉप कटिंग कराया। किसानों को समझाते हुए बताया कि इस प्रक्रिया से औसत उत्पादन का सटीक आकलन होता है, जिससे मुआवजे की राशि निर्धारित की जाती है। प्रशासन की इस मुस्तैदी से इलाके के किसानों में राहत की लहर है और उम्मीद जगी है कि जल्द ही उन्हें न्याय मिलेगा।




