Delhi

देश के वरिष्ठ पत्रकार अजीत अंजुम हुए साइबर ठगी का शिकार, गंवाए इतने रुपये

आरिफ़ अंसारी, वाराणसी

 

नई दिल्ली, 20 मई 2026 – देश के प्रसिद्ध वरिष्ठ पत्रकार अजीत अंजुम, जो कई प्रमुख मीडिया संस्थानों में संपादक रह चुके हैं, खुद साइबर धोखाधड़ी का शिकार हो गए। उनके एक पत्रकार मित्र के हैक हुए व्हाट्सएप अकाउंट के जरिए ठगों ने उनके कैमरामैन से बार-बार पैसे ट्रांसफर करवाकर करीब 11 हजार रुपये की ठगी कर ली।

अजीत अंजुम ने खुद इस घटना का खुलासा करते हुए बताया कि कोलकाता में रहने वाले उनके पत्रकार मित्र प्रभाकर मणि तिवारी के व्हाट्सएप से एक मैसेज आया। मैसेज में लिखा था कि उनका UPI अकाउंट ब्लॉक हो गया है और कुछ पैसे एक QR कोड पर ट्रांसफर कर देने को कहा गया। उस समय अजीत अंजुम दफ्तर से बाहर थे, इसलिए उन्होंने अपने कैमरामैन को निर्देश दिया कि पैसे ट्रांसफर कर दे।

इसके बाद ठगों ने लगातार पांच बार अलग-अलग QR कोड भेजे। हर बार कैमरामैन अजीत अंजुम को फोन करके पूछ रहा था और उन्होंने भरोसे के आधार पर पैसे भेजने की अनुमति दे दी। अजीत अंजुम ने सोचा कि प्रभाकर जी किसी मुसीबत में हैं, इसलिए मदद मांग रहे होंगे। वे शरीफ और भरोसेमंद व्यक्ति हैं, लिहाजा बिना ज्यादा सोचे समझे पैसे ट्रांसफर होते रहे।

छठी बार फिर पैसों की मांग होने पर अजीत अंजुम को शक हुआ। तब तक तीन बार एक ही अमाउंट का QR कोड भेजा जा चुका था। ऑफिस पहुंचने के बाद उन्होंने अपने सहयोगी करण से भी चर्चा की कि कहीं कुछ गड़बड़ तो नहीं है। इसके बाद उन्होंने प्रभाकर मणि तिवारी को व्हाट्सएप और नॉर्मल नंबर दोनों पर फोन किया। नॉर्मल नंबर पर बात हुई तो पता चला कि उनका व्हाट्सएप अकाउंट हैक हो गया है और कई अन्य लोगों से भी पैसे मांगे जा रहे हैं।

अजीत अंजुम ने बताया, “दिमाग की बत्ती देर से जली। ठग अब फोन नहीं उठा रहा है। कुल मिलाकर मुझे करीब ग्यारह हजार रुपये का चूना लग गया।”

यह घटना साइबर अपराधियों द्वारा पत्रकारों और आम लोगों दोनों को निशाना बनाने की बढ़ती प्रवृत्ति को दर्शाती है। विशेषज्ञों का कहना है कि हैक हुए व्हाट्सएप अकाउंट से भेजे गए QR कोड या UPI लिंक पर कभी भी पैसे नहीं भेजने चाहिए। हमेशा सीधे फोन करके पुष्टि करनी चाहिए।

अजीत अंजुम जैसे अनुभवी पत्रकार के इस मामले में फंसने से यह स्पष्ट होता है कि साइबर ठग अब किसी को भी नहीं छोड़ रहे हैं। पुलिस को इस मामले की जांच करनी चाहिए और लोगों को जागरूक करने की जरूरत है।

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