
नीरज सिंह, वाराणसी
वाराणसी। वाराणसी पुलिस की साइबर क्राइम टीम ने गुरुवार देर रात एक बड़े साइबर फ्रॉड नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए शहर में संचालित एक फर्जी कॉल सेंटर पर छापेमारी की। रात करीब 9 बजे हुई इस कार्रवाई से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। पुलिस ने मौके से कॉल सेंटर संचालक समेत 30 लोगों को हिरासत में लिया, जिनमें 22 युवतियां भी शामिल हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह गिरोह संगठित तरीके से ऑनलाइन ट्रेडिंग, निवेश और डिजिटल मार्केटिंग के नाम पर लोगों को ठगी का शिकार बना रहा था।
पुलिस के अनुसार, कॉल सेंटर से जुड़े कर्मचारी देशभर के व्यापारियों और आम लोगों से संपर्क कर उन्हें अधिक मुनाफे का लालच देते थे। इसके अलावा व्यापारियों को खरीदार (बायर्स) उपलब्ध कराने और विभिन्न व्यावसायिक सेवाएं देने का झांसा देकर उनसे धनराशि ऐंठी जाती थी। भरोसा कायम करने के लिए फर्जी प्रमाणपत्र, नकली दस्तावेज और बनावटी पहचान का इस्तेमाल किया जाता था।
जांच में यह भी सामने आया है कि गिरोह केवल भारत ही नहीं, बल्कि विदेशों में भी सक्रिय था। आरोपी खुद को प्रतिष्ठित बहुराष्ट्रीय कंपनियों का अधिकृत प्रतिनिधि बताते हुए विदेशी नागरिकों, विशेषकर अमेरिकी लोगों को फर्जी एप्पल कस्टमर सपोर्ट और तकनीकी सहायता के नाम पर कॉल करते थे। इसके जरिए करोड़ों रुपये की साइबर ठगी को अंजाम दिया जा रहा था।
छापेमारी के दौरान साइबर क्राइम टीम ने वरिष्ठ अधिकारियों को मौके पर बुलाया। कार्रवाई के दौरान एसीपी भेलूपुर, इंस्पेक्टर भेलूपुर और साइबर सेल की टीम ने पूरे परिसर की तलाशी ली। पुलिस ने मौके से कंप्यूटर, लैपटॉप, हार्ड डिस्क, डिजिटल डेटा और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए हैं, जिनकी फॉरेंसिक जांच कराई जाएगी।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूरे नेटवर्क की गहन जांच की जा रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि इस साइबर गिरोह का संचालन कब से हो रहा था, इसके तार किन-किन राज्यों और देशों से जुड़े हैं तथा अब तक कितने लोगों को ठगी का शिकार बनाया गया है। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है और मामले में आगे भी बड़ी कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।




