
आरिफ़ अंसारी, वाराणसी
वाराणसी (29 जून 2026): थाना रोहनिया पुलिस ने आज दो हत्यारोपी बदमाशों को मुठभेड़ में घायल कर गिरफ्तार कर लिया। दोनों बदमाशों के पैर में गोली लगी है। यह मुठभेड़ जितेंद्र पटेल हत्याकांड के खुलासे के सिलसिले में हुई।
पुलिस के अनुसार, 8 जून 2026 को थाना क्षेत्र अंतर्गत अवलेशपुर में जितेंद्र पटेल की हत्या कर दी गई थी। इस मामले में थाना रोहनिया में मुकदमा अपराध संख्या 178/26 दर्ज किया गया था।
मुकदमे के खुलासे के लिए थाना रोहनिया की पुलिस टीम सक्रिय थी। टीम ने तीन व्यक्तियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में इन तीनों ने बताया कि आज 29 जून 2026 को घटना में शामिल दो मुख्य आरोपी चुनार से अखिरी की ओर जाने वाले मार्ग पर दिखे हैं।
इस सूचना पर SOG और रोहनिया पुलिस टीम संदिग्धों की तलाश में चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान दो संदिग्ध व्यक्ति बाइक पर सवार आते दिखे। पुलिस टीम ने उन्हें रुकने का इशारा किया, लेकिन वे पुलिस की हिदायत मानने की बजाय बाइक की रफ्तार बढ़ाकर भागने लगे।
पुलिस टीम ने उनका पीछा किया। भागते हुए बदमाशों ने पुलिस पार्टी पर जानलेवा हमला करते हुए फायरिंग कर दी। आत्मरक्षा में पुलिस टीम ने जवाबी फायरिंग की, जिसमें दोनों बदमाशों के पैर में गोली लग गई।

मुठभेड़ में गिरफ्तार आरोपी और बरामदगी
मुठभेड़ के बाद घायल आरोपियों ने पूछताछ में अपना नाम ज्ञानशु पटेल और गोलू पटेल बताया। दोनों ने हत्या में अपनी संलिप्तता कबूल कर ली। उन्होंने बताया कि 8 जून 2026 को अमलेक्स रोड (अवलेशपुर क्षेत्र) पर हुई हत्या में वे ही शामिल थे।
पुलिस ने उनके कब्जे से TVS Ronin बाइक बरामद की, जो घटना में इस्तेमाल हुई थी। इसके अलावा एक पिस्टल (जो हत्या में प्रयुक्त हुई), एक अवैध तमंचा, जिंदा कारतूस और खोखे कारतूस भी बरामद किए गए।
दोनों घायल अभियुक्तों को इलाज के लिए अस्पताल भेज दिया गया है। मौके पर वैज्ञानिक टीम (Scientific Team) भी पहुंची और जांच शुरू कर दी है।

8 जून 2026 की रात करीब 11 बजे अवलेशपुर (सौरभ विहार कॉलोनी) में किराना कारोबारी जितेंद्र कुमार (उर्फ जितेंद्र पटेल) को बाइक सवार बदमाशों ने गोली मार दी। उन्हें तुरंत बीएचयू ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया, जहां 9 जून की सुबह इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
पुलिस जांच में सामने आया कि हत्या के पीछे जमीन की बिक्री का विवाद था। कुछ दिन पहले 80 लाख रुपये में एक जमीन बिकी थी, जिसकी रकम को लेकर जितेंद्र पटेल के भाइयों और करीबियों के बीच अनबन चल रही थी।
रोहनिया पुलिस और एसओजी की टीम घटना के तुरंत बाद सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही थी और शूटरों की पहचान कर चुकी थी। थाना रोहनिया के विधायक डॉ. सुनील पटेल ने भी पुलिस अधिकारियों से मुलाकात कर जल्द खुलासा और कड़ी कार्रवाई की मांग की थी।
पुलिस इस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है। अन्य आरोपियों की भी तलाश जारी है।




