बीएचयू में छात्रों का प्रदर्शन: जंतर-मंतर आंदोलन के समर्थन में उठी आवाज, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और NTA खत्म करने की मांग
दिशा छात्र संगठन की सभा में शिक्षा के निजीकरण का विरोध, 19 जुलाई को शास्त्री घाट पर बड़े आंदोलन का ऐलान

धनेश्वर साहनी, वाराणसी
वाराणसी। काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) में गुरुवार को दिशा छात्र संगठन के बैनर तले छात्रों ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे पेपर लीक विरोधी आंदोलन के समर्थन में प्रदर्शन सभा आयोजित की। सभा में बड़ी संख्या में छात्रों ने हिस्सा लिया और केंद्र सरकार से छात्रों की मांगों पर तत्काल कार्रवाई करने की मांग की।
सभा को संबोधित करते हुए दिशा छात्र संगठन के ध्रुव ने कहा कि देशभर के छात्र लगातार प्रतियोगी परीक्षाओं में अनियमितताओं और पेपर लीक की घटनाओं से परेशान हैं, लेकिन सरकार उनकी आवाज को अनसुना कर रही है। उन्होंने कहा कि सोनम वांगचुक को अनशन पर बैठे 20 दिन से अधिक समय हो चुका है, फिर भी सरकार की ओर से कोई सकारात्मक पहल या संवाद नहीं किया गया है।
वक्ताओं ने कहा कि केवल शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) को समाप्त कर परीक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार किए जाने चाहिए। साथ ही उन्होंने शिक्षा के बढ़ते निजीकरण का विरोध करते हुए इसे समाप्त करने की मांग भी उठाई।
सभा के दौरान छात्रों ने एकजुट होकर धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे, NTA को समाप्त करने तथा पारदर्शी और जवाबदेह परीक्षा प्रणाली लागू करने की मांग के समर्थन में नारे लगाए। कार्यक्रम के दौरान क्रांतिकारी गीत भी प्रस्तुत किए गए, जिनके माध्यम से छात्रों ने अपने विचार और विरोध दर्ज कराया।
सभा के अंत में दिशा छात्र संगठन ने घोषणा की कि 19 जुलाई को दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे आंदोलन के समर्थन में वाराणसी के शास्त्री घाट पर एक बड़ी जनसभा और समर्थन कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। संगठन ने छात्रों, युवाओं और आम नागरिकों से बड़ी संख्या में शामिल होकर शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को मजबूत करने की अपील की।




