मतदाता सूची में डुप्लीकेट और एक जैसे डिटेल वाले मतदाताओं की जांच की मांग, डीएम को सौंपा ज्ञापन
रजत वाल्मीकि के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने उठाया मुद्दा, फार्म-6, 7 और 8 को सार्वजनिक करने समेत निष्पक्ष एवं समयबद्ध कार्रवाई की मांग

वाराणसी। मतदाता सूची की शुचिता, पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने की मांग को लेकर रजत वाल्मीकि के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने जिला निर्वाचन अधिकारी/जिलाधिकारी वाराणसी को ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने मतदाता सूची में सामने आ रही डुप्लीकेट एवं समान विवरण वाली प्रविष्टियों की जांच कराने और नियमों के अनुसार आवश्यक कार्रवाई किए जाने की मांग उठाई।
डुप्लीकेट मतदाताओं की स्थलीय जांच की मांग
प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी को दिए ज्ञापन में कहा कि मतदाता सूची के परीक्षण के दौरान कुछ ऐसी प्रविष्टियां सामने आई हैं, जिनमें मतदाताओं का विवरण एक समान अथवा डुप्लीकेट प्रतीत होता है। ऐसे मामलों में केवल दस्तावेजों के आधार पर नहीं, बल्कि स्थलीय और अभिलेखीय जांच कराकर वास्तविक स्थिति स्पष्ट की जानी चाहिए।
ज्ञापन में मांग की गई कि प्रत्येक संदिग्ध प्रविष्टि की जांच के बाद यह सुनिश्चित किया जाए कि संबंधित व्यक्ति का नाम मतदाता सूची में नियमानुसार दर्ज है या एक ही व्यक्ति की एक से अधिक प्रविष्टियां मौजूद हैं।
एक से अधिक प्रविष्टि मिलने पर कार्रवाई की मांग
प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि यदि जांच के दौरान किसी व्यक्ति की एक से अधिक मतदाता प्रविष्टियां पाई जाती हैं तो निर्वाचन आयोग के निर्धारित नियमों के अनुसार आवश्यक कार्रवाई की जानी चाहिए। साथ ही मतदाता सूची में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी पाए जाने पर उसे समयबद्ध तरीके से दुरुस्त करने की मांग की गई।
फार्म-6, 7 और 8 को नोटिस बोर्ड पर प्रदर्शित करने की मांग
ज्ञापन के जरिए संबंधित ईआरओ कार्यालयों में फार्म-6, फार्म-7 और फार्म-8 को नियमानुसार प्रतिदिन नोटिस बोर्ड पर प्रदर्शित किए जाने की मांग भी की गई। प्रतिनिधिमंडल का कहना है कि मतदाता सूची से जुड़े आवेदन और उनमें की जा रही कार्रवाई की जानकारी सार्वजनिक होने से प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी और आम लोगों को भी अपनी आपत्ति या दावा प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा।
इसके साथ ही मतदाता सूची से संबंधित जांच, सत्यापन और की गई कार्रवाई की सूचना उपलब्ध कराने का भी अनुरोध किया गया।
निष्पक्ष जांच को बताया लोकतंत्र के लिए जरूरी
ज्ञापन सौंपने वालों ने कहा कि मतदाता सूची लोकतांत्रिक व्यवस्था की आधारभूत कड़ी है। चुनाव प्रक्रिया की विश्वसनीयता के लिए जरूरी है कि मतदाता सूची में प्रत्येक पात्र मतदाता का नाम सही तरीके से दर्ज हो और किसी भी व्यक्ति की एक से अधिक संदिग्ध प्रविष्टि होने पर उसकी निष्पक्ष जांच की जाए।
प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन से पूरे मामले में पारदर्शी तरीके से जांच कराने और शिकायतों पर समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की।
इस दौरान रजत वाल्मीकि, विवेक जोसेफ, अमन यादव, अंकित यादव, साहिल खान, सलीम खान सहित अन्य कार्यकर्ता एवं साथी मौजूद रहे।




