वाराणसी में पेयजल संकट: प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र शिवपुर की यादव बस्ती में बदबूदार पानी से परेशान लोग, शिकायत के बाद भी सुनवाई नहीं
स्थानीय नागरिकों ने बताया, “हमने कई बार लिखित शिकायतें दी हैं। अधिकारी आते हैं, जगह का निरीक्षण करते हैं, तस्वीरें खिंचवाते हैं और चले जाते हैं। उसके बाद कोई कार्रवाई नहीं होती।”

वीरेंद्र पटेल, वाराणसी
वाराणसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में जलकल विभाग की पेयजल व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। शिवपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत वार्ड नंबर-9 स्थित पांचो पांडवा कादीपुर यादव बस्ती के निवासी पिछले दो-तीन महीनों से बदबूदार और गंदे पानी की आपूर्ति से बेहद परेशान हैं।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि जलकल विभाग द्वारा सप्लाई किया जा रहा पानी न सिर्फ बदबूदार है, बल्कि उसमें गंदगी और कीचड़ के कण भी दिखाई देते हैं। महिलाओं ने बताया कि घरों के नलों से आने वाला पानी इतना दूषित है कि उसे देखकर पीने का मन नहीं करता। कई बार शिकायत करने के बावजूद समस्या का कोई स्थायी समाधान नहीं निकला है।
स्थानीय महिलाओं ने बताया, “हमने कई बार लिखित शिकायतें दी हैं। अधिकारी आते हैं, जगह का निरीक्षण करते हैं, तस्वीरें खिंचवाते हैं और चले जाते हैं। उसके बाद कोई कार्रवाई नहीं होती।” उन्होंने आगे कहा कि क्षेत्र के पार्षद चुनाव जीतने के बाद एक बार भी बस्ती में नहीं आए हैं और उनकी समस्याओं को सुनने की जहमत तक नहीं उठाई।
मजबूरी में बाजार से पानी खरीदना पड़ रहा है
ग्रामीणों के अनुसार, पीने के पानी की मजबूरी में कई परिवार अब बाजार से बोतलबंद या टैंकर पानी खरीदकर उपयोग कर रहे हैं। इससे उनके मासिक खर्च में भारी बढ़ोतरी हो गई है। पशुओं को भी वही गंदा पानी छानकर पिलाना पड़ रहा है।
सबसे चिंताजनक बात यह है कि दूषित पानी के कारण क्षेत्र में स्वास्थ्य समस्याएं बढ़ गई हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि टाइफाइड, मलेरिया और डेंगू जैसी बीमारियों के मामले बढ़ रहे हैं। कई बच्चे लगातार दवाइयों के सहारे जीवन व्यतीत कर रहे हैं। बस्ती के बुजुर्गों और महिलाओं में भी पेट दर्द, उल्टी और दस्त की शिकायतें आम हो गई हैं।
प्रशासन पर लापरवाही का आरोप
क्षेत्रवासियों ने प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और जलकल विभाग पर लापरवाही का गंभीर आरोप लगाया है। उनका कहना है कि प्रधानमंत्री का संसदीय क्षेत्र होने के बावजूद यहां बुनियादी सुविधा जैसे स्वच्छ पेयजल तक उपलब्ध नहीं है, जो पूरे सिस्टम पर बड़ा सवाल उठाता है।
उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था नहीं की गई तो वे उग्र प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे। लोग प्रशासन से तुरंत हस्तक्षेप की मांग कर रहे हैं।
अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं
इस पूरे मामले में जलकल विभाग या संबंधित अधिकारियों की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। स्थानीय लोग समस्या के शीघ्र समाधान की प्रतीक्षा कर रहे हैं ताकि उनकी रोजमर्रा की जिंदगी सामान्य हो सके।
यह घटना प्रधानमंत्री के क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं की स्थिति को लेकर चर्चा का विषय बन गई है।




