धर्मनगरी काशी में बेखौफ जुआ कारोबार! हिस्ट्रीशीटर पर अड्डा चलाने के आरोप, लंका पुलिस पर उठ रहें सवाल
नैपुरा-बजबजा और नुवाव क्षेत्र में अवैध जुआ संचालित होने का दावा, स्थानीय लोगों ने पुलिस से कार्रवाई की मांग की

नीरज सिंह, ख़बर भारत
वाराणसी। धार्मिक नगरी काशी के लंका थाना क्षेत्र में कथित तौर पर बड़े पैमाने पर जुआ संचालित होने का मामला सामने आया है। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, रमना चौकी क्षेत्र के नैपुरा-बजबजा और नुवाव गांव के आसपास जुए के फड़ लगाए जाने का आरोप है। बताया जा रहा है कि यह स्थान मुलाकात होटल से करीब 200 मीटर की दूरी पर है। स्थानीय लोगों का दावा है कि यहां रोजाना बड़ी रकम दांव पर लगाई जाती है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
हिस्ट्रीशीटर पर संचालन का आरोप
स्थानीय स्तर पर लगाए जा रहे आरोपों के मुताबिक, लंका थाने के हिस्ट्रीशीटर अनिल यादव उर्फ कल्लू यादव कथित जुआ नेटवर्क से जुड़ा है और उसी के संरक्षण में फड़ संचालित होने का दावा किया जा रहा है। आरोप यह भी है कि जुए के संचालन के लिए अलग-अलग लोगों की भूमिका तय की गई है। इनमें प्रेम प्रकाश सिंह उर्फ गेदा, सुरेश यादव, भग्गू मौर्या और रामू पाल के नाम स्थानीय लोगों की ओर से सामने आए हैं।
कथित नेटवर्क को लेकर कई सवाल
स्थानीय लोगों का कहना है कि जुए के इस कथित कारोबार में बाकायदा लोगों को जोड़ने और दांव लगाने के लिए व्यवस्था बनाई गई है। आरोप है कि बड़ी रकम का लालच देकर लोगों को जुए में पैसा लगाने के लिए आकर्षित किया जाता है। इस तरह के अवैध जुए से आसपास के परिवारों पर आर्थिक और सामाजिक असर पड़ने की आशंका भी जताई जा रही है।
पुलिस की कार्रवाई पर निगाह
मामले में सबसे बड़ा सवाल पुलिस की भूमिका को लेकर उठ रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि क्षेत्र में कथित तौर पर जुए का संचालन लंबे समय से हो रहा है, लेकिन प्रभावी कार्रवाई नहीं दिखाई दे रही। वहीं, पुलिस की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान या कार्रवाई की जानकारी सामने नहीं आई है।
जुए के कथित अड्डे पर कार्रवाई न होने के आरोप, चौकी प्रभारी के प्रमोशन पर उठे सवाल
लंका थाना क्षेत्र की रमना चौकी के अंतर्गत कथित जुआ संचालन को लेकर अब चौकी प्रभारी पवन पांडे की भूमिका पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। आरोप है कि स्थानीय स्तर पर शिकायतों और सूचना के बावजूद जुए के कथित अड्डे के खिलाफ लगातार प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। इसी बीच पवन पांडे को चौकी प्रभारी के पद से हटाकर थाना प्रभारी बनाए जाने के बाद कुछ लोग इसे लेकर सवाल खड़े कर रहे हैं कि क्या यह पदोन्नति उनके कार्यों का परिणाम है या फिर किसी तरह के कथित ‘मैनेजमेंट’ का इनाम?
फिलहाल पुलिस की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। मामले में निष्पक्ष जांच के बाद ही आरोपों की वास्तविकता स्पष्ट हो सकेगी।



