फरार आरोपी के घर मंडुआडीह पुलिस ने कराई मुनादी, 82 की नोटिस चस्पा; 30 दिन में सरेंडर की चेतावनी
न्यायालय के आदेश पर पुलिस ने डुगडुगी बजाकर दी सार्वजनिक सूचना, तय समय में आत्मसमर्पण नहीं करने पर संपत्ति कुर्क करने की होगी कार्रवाई

माधवी मिश्रा, वाराणसी
वाराणसी। मंडुआडीह थाना क्षेत्र की चेतना नगर कॉलोनी में गुरुवार को पुलिस ने लंबे समय से फरार चल रहे आरोपी आकाश सिंह पुत्र राकेश सिंह के घर पहुंचकर डुगडुगी बजाकर मुनादी कराई। न्यायालय के आदेश के क्रम में पुलिस ने आरोपी के मकान पर धारा 82 के तहत उद्घोषणा संबंधी नोटिस भी चस्पा किया। पुलिस ने सार्वजनिक रूप से आरोपी को चेतावनी दी कि वह निर्धारित समय के भीतर न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दे, अन्यथा उसके खिलाफ संपत्ति कुर्क करने की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस के अनुसार, आरोपी आकाश सिंह के खिलाफ थाना मंडुआडीह में धारा 115(2), 309(4), 316(2), 324(5), 352 और 351(3) बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज है। मुकदमा दर्ज होने के बाद से आरोपी लगातार फरार चल रहा है और पुलिस उसकी तलाश कर रही है। लंबे समय से गिरफ्तारी नहीं होने के बाद न्यायालय की ओर से आरोपी के खिलाफ धारा 82 के तहत उद्घोषणा की कार्रवाई का आदेश दिया गया।
डुगडुगी बजाकर मोहल्ले में कराई गई मुनादी
न्यायालय के आदेश के अनुपालन में लहरतारा चौकी प्रभारी प्रवीण सचान पुलिस टीम के साथ चेतना नगर कॉलोनी पहुंचे। पुलिस ने आरोपी के घर के आसपास सार्वजनिक रूप से डुगडुगी बजाकर मुनादी कराई और स्थानीय लोगों को न्यायालय के आदेश की जानकारी दी। इसके बाद आरोपी के घर पर उद्घोषणा संबंधी नोटिस चस्पा किया गया।
मुनादी के दौरान पुलिस ने स्पष्ट किया कि आरोपी को 30 दिनों के भीतर न्यायालय के समक्ष आत्मसमर्पण करना होगा। निर्धारित अवधि में आत्मसमर्पण नहीं करने की स्थिति में उसके खिलाफ आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
आत्मसमर्पण नहीं किया तो कुर्क होगी संपत्ति
पुलिस ने आरोपी को चेतावनी दी है कि न्यायालय द्वारा निर्धारित समय सीमा के भीतर यदि वह आत्मसमर्पण नहीं करता है तो उसके खिलाफ संपत्ति कुर्क करने की विधिक कार्रवाई की जा सकती है। पुलिस की इस कार्रवाई के बाद आरोपी पर गिरफ्तारी का दबाव बढ़ गया है।
मंडुआडीह पुलिस का कहना है कि फरार आरोपियों के खिलाफ न्यायालय के आदेश के अनुसार नियमानुसार कार्रवाई लगातार जारी है। मामले में आगे की कार्रवाई आरोपी के आत्मसमर्पण और न्यायालय के निर्देशों के आधार पर की जाएगी।




