Varanasi

रामनगर निवासी ने पुलिस आयुक्त से लगाई गुहार, बहनों पर मकान कब्जाने और बलात्कार के झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकी का लगाया आरोप

मुआवजे की 70 लाख हड़पने और पुश्तैनी मकान को लेकर भाई-बहनों में विवाद गहराया, बहन ने नाबालिग बच्चों सहित पूरे परिवार को बलात्कार जैसे झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी का आरोप, पुलिस नही कर रही है सहयोग

आरिफ़ अंसारी, वारणसी

 

 

~ टीपू कुरैशी, निवासी मरहट्टा रामनगर, वाराणसी, मकान संख्या 2/298 के पंजीकृत स्वामी हैं और मकान नगर निगम में उनके नाम दर्ज है।

~ परिवार में तीन भाई और छह बहनें हैं, टीपू अपने भाई मोबिन कुरैशी और पिता मिलकर मीट का व्यवसाय करते थे, जिसकी आय से मां आमना के नाम भीटी मौजा में प्लॉट खरीदा गया था।

~ राज्य सरकार द्वारा सड़क विस्तार के लिए उस प्लॉट का अधिग्रहण किया गया, जिसके बदले लगभग 70 लाख रुपये का मुआवजा मां के बैंक खाते में जमा हुआ।

~ रहनुमा परवीन को मां के बैंक खाते का नामिनी बनाया गया था क्योंकि वह अधिक पढ़ी-लिखी थी और परिवार के सदस्य व्यवसाय में व्यस्त रहते थे।

~ माता ने 21.11.2023 को एक रजिस्टर्ड वसीयत के माध्यम से संपत्ति का बंटवारा कर दिया, जिसमें विवादित मकान प्रार्थी टीपू के हिस्से में आया।

~ टीपू ने अपनी आय से बहन रहनुमा परवीन की शादी धूमधाम से कराई; दूसरी बहन दरख्शा ने शादी करने से इनकार किया।

~ आरोप है कि रहनुमा परवीन और दरख्शा ने साजिशन मां के खाते से चेक पर हस्ताक्षर कराकर अधिकांश मुआवजा राशि निकाल ली और शेष रकम भी नामिनी होने के आधार पर हड़प ली।

~ दरख्शा पर आरोप है कि वह प्रार्थी के हिस्से के मकान पर कब्जा करना चाहती है और इसी उद्देश्य से लगातार झूठी शिकायतें कर रही है।

~ थाना रामनगर पुलिस पर आरोप है कि वह बहनों के प्रभाव में है और प्रार्थी व उसके भाई मोबिन को बार-बार थाने बुलाकर मारपीट व प्रताड़ित करती है

~ जून 2025 में दरख्शा और रहनुमा परवीन ने अपहरण की कथित झूठी शिकायत दर्ज कराई, जबकि पुलिस ने दरख्शा को सकुशल बरामद कर लिया था; इसके बावजूद प्रार्थी और उसके भाई को शांति भंग में जेल भेजा गया

~ 4 जून 2026 की रात दरख्शा ने प्रार्थी की पत्नी और बच्चों से मारपीट की तथा फर्जी मुकदमे में फंसाने की धमकी दी

~ 5 जून 2026 को पुलिस की मौजूदगी में दरख्शा, अन्य बहनें और रिश्तेदार घर में घुसे और प्रार्थी व उसके भाई के साथ मारपीट की तथा गालियां दीं

~ थाना रामनगर में प्रार्थी के भाई मोबिन के खिलाफ चालान कर दिया गया, जबकि बहनों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई, महिला होने का लाभ मिल रहा है

~ 7 जून 2026 को टीपू अपने परिवार के साथ अंतिम संस्कार में गया था जहां से राम में लौटने पर पाया कि रहनुमा परवीन और दरख्शा ने घर अंदर से बंद कर रखा था और खुद को मकान का मालिक बताते हुए कब्जा जताया।

~ पुलिस आयुक्त वाराणसी से शिकायत की है और मांग की है कि आरोपियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई कर उनके मकान को अतिक्रमणकारियों से मुक्त कराया जाए तथा कब्जा सुनिश्चित किया जाए और साथ ही बहन दरख्शा द्वारा बार-बार बलात्कार जैसे संगीन मुकदमे में फंसाने के धमकी की जांच कर उचित कार्यवाही करें

 

 

 

वाराणसी। रामनगर क्षेत्र में पुश्तैनी संपत्ति और भूमि अधिग्रहण के मुआवजे की रकम को लेकर एक ही परिवार के सदस्यों के बीच विवाद गहरा गया है। मरहट्टा निवासी टीपू कुरैशी ने पुलिस आयुक्त से शिकायत करते हुए अपनी बहनों पर साजिश के तहत मकान कब्जाने, मुआवजे की रकम हड़पने तथा झूठे मुकदमों में फंसाने का आरोप लगाया है। वहीं उन्होंने थाना रामनगर पुलिस पर भी एकतरफा कार्रवाई करने और उनकी बात न सुनने का आरोप लगाया है।

 

 

शिकायत के अनुसार, परिवार की एक भूमि सड़क चौड़ीकरण परियोजना में अधिग्रहित हुई थी, जिसके बदले लगभग 70 लाख रुपये का मुआवजा उनकी माता के बैंक खाते में जमा हुआ था। आरोप है कि उनकी दो बहनों ने नामिनी होने का लाभ उठाकर खाते से रकम निकाल ली और बाद में शेष धनराशि भी अपने कब्जे में कर ली। प्रार्थी का दावा है कि उनकी माता ने वर्ष 2023 में एक पंजीकृत वसीयत के माध्यम से संपत्ति का बंटवारा कर दिया था, जिसके अनुसार विवादित मकान उनके हिस्से में आया था।

टीपू कुरैशी ने आरोप लगाया है कि उनकी बहनें लगातार उनके और उनके भाई मोबीन कुरैशी के खिलाफ पुलिस में शिकायतें देकर दबाव बनाने का प्रयास कर रही हैं। उन्होंने कहा कि जून 2025 में भी अपहरण की एक कथित झूठी सूचना देकर उन्हें और उनके भाई को थाने में बैठाया गया तथा बाद में शांति भंग की कार्रवाई करते हुए जेल भेज दिया गया था।

प्रार्थी का आरोप है कि 4 जून 2026 को उनकी बहन ने घर में उनकी पत्नी और बच्चों के साथ मारपीट की तथा झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी। इसके बाद पुलिस ने उन्हें और उनके भाई को थाने ले जाकर घंटों बैठाए रखा। वहीं 5 जून को पुलिस की मौजूदगी में दोनों पक्षों के बीच विवाद और मारपीट होने का भी आरोप लगाया गया है।

शिकायत में यह भी कहा गया है कि 7 जून को एक पारिवारिक अंतिम संस्कार से लौटने पर उन्होंने पाया कि घर का दरवाजा अंदर से बंद कर दिया गया था और दरवाजा खुलवाने के लिए बार बार आरएस कियाकिन बहन दरख्सा ने नहीं खोला। डायल-112 पुलिस के हस्तक्षेप के बाद दरवाजा खुला, लेकिन विवाद और बढ़ गया, बहन गाली गलौज और मारपीट पर आमादा हो गई। टीपू कुरैशी का कहना है कि उनकी बहनें स्वयं को मकान का मालिक बताते हुए उन्हें घर से बेदखल करने का प्रयास कर रही हैं।

पीड़ित ने पुलिस आयुक्त से निष्पक्ष जांच कराकर आरोपितों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने, अपने मकान से कथित अतिक्रमण हटवाने तथा उन्हें शांतिपूर्ण कब्जा दिलाने की मांग की है। फिलहाल मामले में दूसरे पक्ष का बयान सामने नहीं आया है और पुलिस की ओर से भी आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी गई है।

 

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