Chandauli: मुगलसराय में फल-सब्जी कारोबारियों के धरने में पहुंचीं सपा विधायक रागिनी सोनकर, स्थायी मंडी की मांग पर आंदोलन जारी
मुगलसराय में फल-सब्जी कारोबारियों का धरना 18 सितंबर से जारी है। व्यापारियों की प्रमुख मांग स्थायी फल-सब्जी मंडी, व्यवस्थित वेंडिंग जोन और फल-सब्जी लाने वाले वाहनों को नो-एंट्री से राहत देने की है। 21 सितंबर को धरने के चौथे दिन मछलीशहर की सपा विधायक डॉ. रागिनी सोनकर भी धरना स्थल पर पहुंचीं और व्यापारियों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं...

रंधा सिंह, वाराणसी
मुगलसराय। पीडीडीयू नगर स्थित सब्जी मंडी में फल-सब्जी व्यवसायी वेलफेयर एसोसिएशन के बैनर तले कारोबारियों का अनिश्चितकालीन धरना जारी है। व्यापारियों का कहना है कि स्थायी मंडी और व्यवस्थित कारोबार की सुविधा नहीं होने से उन्हें लंबे समय से परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इसी क्रम में सोमवार को धरने के चौथे दिन मछलीशहर की सपा विधायक डॉ. रागिनी सोनकर धरना स्थल पर पहुंचीं और आंदोलनरत व्यापारियों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं।
व्यापारियों की प्रमुख मांगों में स्थायी फल-सब्जी मंडी की स्थापना, कारोबारियों के लिए व्यवस्थित वेंडिंग जोन निर्धारित करना और फल-सब्जी लाने वाले वाहनों को नो-एंट्री से राहत देना शामिल है। व्यापारियों का कहना है कि स्थायी व्यवस्था नहीं होने के कारण उन्हें अस्थायी स्थानों पर कारोबार करना पड़ता है। वहीं, नो-एंट्री के कारण बाहर से आने वाला माल समय पर मंडी तक पहुंचने में भी दिक्कत होने की बात व्यापारियों ने कही है।
धरने के दौरान व्यापारियों ने यह भी कहा कि छोटे फुटकर विक्रेताओं के लिए अलग और व्यवस्थित स्थान उपलब्ध कराया जाए, ताकि सड़क पर कारोबार करने की स्थिति न बने और जाम जैसी समस्याओं से भी बचा जा सके। एसोसिएशन का कहना है कि वह लंबे समय से प्रशासन के सामने अपनी मांगें रख रहा है, लेकिन स्थायी समाधान नहीं होने के कारण आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा।
विधायक रागिनी सोनकर ने धरना स्थल पर पहुंचकर कारोबारियों से बातचीत की और उनकी मांगों की जानकारी ली। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, उन्होंने कहा कि फल-सब्जी कारोबारी मेहनत करके अपना रोजगार चलाते हैं और उनकी मांगों पर सरकार को ध्यान देना चाहिए। इस दौरान उन्होंने भाजपा पर दलित समाज के इस्तेमाल का आरोप भी लगाया; यह राजनीतिक टिप्पणी उनके बयान के रूप में ही सामने आई है।
धरना स्थल पर एसोसिएशन के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में फल-सब्जी विक्रेता मौजूद रहे। व्यापारियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस पहल नहीं होती, उनका आंदोलन जारी रहेगा। अब देखना होगा कि प्रशासन की ओर से स्थायी मंडी, वेंडिंग जोन और वाहनों की आवाजाही से जुड़ी मांगों पर क्या कदम उठाया जाता है।




