वाराणसी में तड़के तीन लोगों पर ईंट-पत्थर से जानलेवा हमला, एक की हत्या; कुछ घंटों में आरोपी गिरफ्तार, मुठभेड़ में पैर में लगी गोली
हनुमान फाटक चौकी से महज 40 मीटर दूर हुई वारदात, CCTV से आरोपी की पहचान; पुलिस कस्टडी से पिस्टल लेकर भागने का आरोप

नीरज सिंह, वाराणसी
वाराणसी। आदमपुर थाना क्षेत्र के हनुमान फाटक पुलिस चौकी इलाके में शनिवार तड़के सो रहे तीन लोगों पर ईंट-पत्थर से किए गए जानलेवा हमले और एक व्यक्ति की हत्या के मामले का वाराणसी पुलिस और SOG की संयुक्त टीम ने कुछ ही घंटों में खुलासा करने का दावा किया है। पुलिस के मुताबिक, मुख्य आरोपी मोहम्मद ताजीम को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही थी। इसी दौरान उसने एक पुलिसकर्मी को धक्का देकर उसकी सरकारी पिस्टल छीन ली और मौके से भागने का प्रयास किया। पुलिस टीम ने काशी रेलवे स्टेशन के पास उसकी घेराबंदी की, जहां कथित मुठभेड़ में आरोपी के पैर में गोली लगी। घायल आरोपी को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया है।
भोर करीब 3 बजे सो रहे लोगों पर हमला
पुलिस के अनुसार, शनिवार तड़के करीब 3 बजे नेशनल इंटर कॉलेज की ओर से आए हमलावर ने हनुमान फाटक पुलिस चौकी से महज करीब 40 मीटर की दूरी पर अलग-अलग सो रहे लोगों पर भारी ईंट-पत्थरों से हमला कर दिया। हमले में तीन लोग घायल हुए, जिनमें एक व्यक्ति की मौत हो गई।
घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही आदमपुर पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया। पुलिस ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाने के साथ आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू की।
एक की मौत, दूसरा गंभीर हालत में
हमले में रवि चौहान उर्फ पप्पू (40) की सिर पर भारी पत्थर से चोट लगने के कारण मौत हो गई। रवि चौहान साड़ी का पत्ता काटने का काम करते थे।
वहीं अशोक पासवान उर्फ बाबाजी (60) पर भी पत्थरों से हमला किया गया। गंभीर रूप से घायल अशोक को BHU ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया, जहां उनकी हालत बेहद नाजुक बताई जा रही है।
तीसरे घायल गणेशु कनौजिया (55) को भी हमले में चोटें आईं। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
अलग-अलग स्थानों पर हमला, सामने नहीं आया स्पष्ट मकसद
घटना की सबसे गंभीर बात यह सामने आई कि हमले के शिकार लोग अलग-अलग स्थानों पर सो रहे थे। आरोप है कि हमलावर एक व्यक्ति पर पत्थर से हमला करने के बाद आगे बढ़ गया और दूसरे स्थान पर जाकर फिर हमला किया।
फिलहाल हत्या और जानलेवा हमले के पीछे स्पष्ट वजह सामने नहीं आई है। पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है कि आरोपी ने अलग-अलग स्थानों पर सो रहे लोगों को निशाना क्यों बनाया। घटनाक्रम के तरीके को देखते हुए आरोपी की मानसिक स्थिति समेत अन्य पहलुओं की भी जांच किए जाने की बात सामने आई है। हालांकि, इस संबंध में पुलिस की ओर से अंतिम निष्कर्ष सामने आना बाकी है।
CCTV और सर्विलांस से आरोपी तक पहुंची पुलिस
वारदात की गंभीरता को देखते हुए क्षेत्रीय विधायक डॉ. नीलकंठ तिवारी, एडीसीपी काशी वैभव बांगर, डीसीपी काशी जोन और SOG प्रभारी गौरव कुमार समेत पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे।
पुलिस ने आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज और सर्विलांस की मदद से जांच आगे बढ़ाई। पुलिस के अनुसार, फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर स्थानीय निवासी मोहम्मद ताजीम को मुख्य हमलावर के रूप में चिह्नित किया गया और उसे हिरासत में लिया गया।
पुलिस कस्टडी से पिस्टल छीनकर भागने का आरोप
पुलिस के मुताबिक, आरोपी से पूछताछ और साक्ष्य बरामदगी की कार्रवाई चल रही थी। इसी दौरान ताजीम ने अचानक थाना प्रभारी आदमपुर के हमराही दीवान को धक्का दिया और उसकी सरकारी पिस्टल छीनकर भागने लगा।
इसके बाद SOG प्रभारी गौरव सिंह और आदमपुर पुलिस की टीम ने तत्काल उसका पीछा किया और काशी रेलवे स्टेशन के पास घेराबंदी कर उसे रोकने का प्रयास किया।
सरेंडर की अपील के बाद पुलिस पर फायरिंग का दावा
पुलिस का कहना है कि काशी रेलवे स्टेशन के पास घेराबंदी के दौरान आरोपी को आत्मसमर्पण करने के लिए कहा गया, लेकिन उसने कथित तौर पर पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। पुलिस के अनुसार, जवाबी आत्मरक्षार्थ फायरिंग में एक गोली आरोपी के पैर में लगी और वह घायल होकर गिर पड़ा।
पुलिस टीम ने उसे गिरफ्तार कर लिया और उपचार के लिए मंडलीय/जिला अस्पताल भेजा गया। अब पुलिस आरोपी से पूछताछ के साथ-साथ वारदात में इस्तेमाल किए गए हथियार और अन्य साक्ष्यों की भी जांच कर रही है।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई पर उठे सवालों के बीच जांच जारी
कुछ ही घंटों के भीतर आरोपी तक पहुंचने और उसे मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार करने का पुलिस ने दावा किया है। हालांकि, हत्या और हमले के पीछे वास्तविक मकसद क्या था, आरोपी ने किन परिस्थितियों में तीन लोगों को निशाना बनाया और क्या वह पहले से किसी आपराधिक गतिविधि में शामिल था—इन सवालों का जवाब विस्तृत जांच के बाद ही सामने आएगा।
पुलिस अब CCTV फुटेज, घटनास्थल से मिले साक्ष्यों, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और आरोपी से पूछताछ के आधार पर पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ रही है।




