सात दिन से फुंका पड़ा ट्रांसफार्मर, अंधेरे में गोसाईपुर छोटा की बस्ती; ग्रामीणों में बढ़ा आक्रोश
10 KVA ट्रांसफार्मर जलने के बाद भी नहीं हुई बिजली आपूर्ति बहाल, शिकायत के बावजूद पावर हाउस के चक्कर लगाने का आरोप

विशाल कुमार, संवाददाता, वाराणसी
चोलापुर/वाराणसी। आयर फीडर के अंतर्गत ग्राम सभा गोसाईपुर छोटा की वंचित बस्ती पिछले एक सप्ताह से बिजली संकट से जूझ रही है। बस्ती में लगा 10 KVA का ट्रांसफार्मर करीब सात दिनों से फुंका पड़ा है, जिसके चलते पूरी बस्ती की बिजली आपूर्ति ठप है। भीषण गर्मी और उमस के बीच ग्रामीणों को रात अंधेरे में गुजारनी पड़ रही है।
शिकायत के बाद भी नहीं बदला ट्रांसफार्मर
स्थानीय समाजसेवी किशन मिश्रा के अनुसार, ट्रांसफार्मर जलने के तत्काल बाद इसकी सूचना संबंधित विभागीय अधिकारियों और आयर उपकेंद्र को दी गई थी। उनका आरोप है कि शिकायत के बावजूद अब तक ट्रांसफार्मर नहीं बदला गया। ग्रामीणों का कहना है कि समस्या के समाधान के लिए उन्हें बार-बार पावर हाउस के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
बच्चों की पढ़ाई से लेकर रोजमर्रा के काम प्रभावित
लगातार बिजली गुल रहने से बस्ती के लोगों की दिनचर्या बुरी तरह प्रभावित हो रही है। गर्मी और उमस के कारण बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, शाम होते ही अंधेरा छा जाने से बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि बिजली के बिना घरेलू कामकाज और अन्य जरूरी गतिविधियां भी मुश्किल हो गई हैं।
ग्रामीणों ने दी पावर हाउस घेराव की चेतावनी
बिजली संकट को लेकर ग्रामीणों में विभागीय कार्यप्रणाली के प्रति नाराजगी बढ़ती जा रही है। ग्रामीणों ने मांग की है कि तत्काल नया ट्रांसफार्मर लगाकर बिजली आपूर्ति बहाल की जाए। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं हुआ तो ग्रामीण आयर पावर हाउस का घेराव कर विरोध-प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे।
सात दिन बाद भी समाधान नहीं, उठ रहे सवाल
ग्रामीणों का सवाल है कि जब ट्रांसफार्मर जलने की सूचना विभाग को समय रहते दे दी गई थी, तो आखिर सात दिन बीत जाने के बाद भी नया ट्रांसफार्मर क्यों नहीं लगाया गया? अब देखना होगा कि विभाग ग्रामीणों की समस्या का समाधान कब तक करता है और बिजली आपूर्ति कब बहाल होती है।




