
अजय त्रिपाठी, वाराणसी
वाराणसी, 9 जून 2026। दुर्गाकुंड स्थित पेनेशिया हॉस्पिटल एक बार फिर विवादों में घिर गया है। मंगलवार को बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों, युवाओं और कथित पीड़ित परिवारों ने अस्पताल के बाहर प्रदर्शन कर अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए। प्रदर्शनकारियों ने हाथों में बैनर और पोस्टर लेकर अस्पताल के खिलाफ नारेबाजी की तथा प्रशासन से मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान लोगों ने आरोप लगाया कि अस्पताल में मरीजों के इलाज में लापरवाही बरती जाती है और परिजनों से अत्यधिक धनराशि वसूली जाती है। प्रदर्शनकारियों के हाथों में ऐसे पोस्टर भी दिखाई दिए जिन पर अस्पताल के प्रति सावधान रहने की अपील की गई थी। मौके पर मौजूद लोगों का कहना था कि अस्पताल के खिलाफ पहले भी कई शिकायतें सामने आ चुकी हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
जिंदा मरीजों को मृत घोषित करने तक के लगाए आरोप
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे कुछ युवाओं ने अस्पताल प्रबंधन पर बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया कि कई मामलों में मरीजों और उनके परिजनों को गुमराह किया गया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि अस्पताल प्रबंधन मरीजों को अनावश्यक रूप से आईसीयू और वेंटिलेटर में भर्ती रखकर आर्थिक लाभ लेने का प्रयास करता है। कुछ लोगों ने यह भी दावा किया कि अस्पताल पर जीवित मरीजों को मृत घोषित करने जैसी घटनाओं के आरोप भी लग चुके हैं। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।
इलाज में लापरवाही और डॉक्टरों की कमी का आरोप
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि अस्पताल में योग्य और अनुभवी चिकित्सकों की पर्याप्त उपलब्धता नहीं है। आरोप लगाया गया कि गंभीर मरीजों के उपचार की जिम्मेदारी कई बार जूनियर स्टाफ या कम अनुभवी कर्मचारियों के भरोसे छोड़ दी जाती है, जिससे मरीजों की स्थिति और गंभीर हो जाती है। लोगों ने स्वास्थ्य विभाग से अस्पताल में उपलब्ध चिकित्सकीय सुविधाओं और स्टाफ की जांच कराने की मांग की है।
परिजनों के आर्थिक शोषण का भी आरोप
प्रदर्शन में शामिल लोगों ने आरोप लगाया कि अस्पताल में इलाज, दवाओं और अन्य चिकित्सा सेवाओं के नाम पर मरीजों के परिजनों से लाखों रुपये के बिल वसूले जाते हैं। उनका कहना था कि यदि कोई तीमारदार बिल या इलाज की प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाता है तो उसके साथ दुर्व्यवहार किया जाता है। प्रदर्शनकारियों ने इन आरोपों की निष्पक्ष जांच कराए जाने की मांग की।
लाइसेंस निरस्त करने और मुकदमा दर्ज करने की मांग
अस्पताल के बाहर प्रदर्शन कर रहे लोगों ने प्रशासन से मांग की कि पेनेशिया हॉस्पिटल के खिलाफ तत्काल जांच बैठाई जाए। प्रदर्शनकारियों ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) और जिला प्रशासन को ज्ञापन भेजकर अस्पताल का लाइसेंस निरस्त करने तथा दोषी पाए जाने पर संबंधित डॉक्टरों और प्रबंधन के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग की। उनका कहना है कि जब तक मामले की निष्पक्ष जांच नहीं होती और दोषियों पर कार्रवाई नहीं की जाती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन की प्रतिक्रिया का इंतजार
दुर्गाकुंड जैसे प्रमुख क्षेत्र में स्थित एक निजी अस्पताल पर इस तरह के गंभीर आरोप सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग और प्रशासनिक हलकों में भी चर्चा तेज हो गई है। फिलहाल अस्पताल प्रबंधन की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। वहीं स्थानीय लोगों का कहना है कि पूरे मामले की स्वतंत्र जांच कराकर सच्चाई जनता के सामने लाई जानी चाहिए।
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नोट: इस समाचार में उल्लिखित सभी आरोप प्रदर्शनकारियों और शिकायतकर्ताओं के दावों पर आधारित हैं। इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि या जांच रिपोर्ट अभी तक सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं है।




