इटारसी स्टेशन पर रीवा-भोपाल सुपरफास्ट के इंजन में लगी आग: समय रहते काबू पाई गई, ट्रेन 30 मिनट लेट; जांच शुरू, यात्रियों में दहशत
ख़बर भारत, विशेष संवाददाता

भोपाल/इटारसी, 10 नवंबर 2025: मध्य प्रदेश के प्रमुख रेलवे जंक्शन इटारसी स्टेशन पर उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब प्लेटफॉर्म नंबर 2 पर खड़ी रीवा-भोपाल सुपरफास्ट एक्सप्रेस (ट्रेन नंबर 22146) के इंजन से अचानक घना धुआं उठने लगा। सुबह करीब 6 बजे की यह घटना उस वक्त हुई जब ट्रेन अपने अगले पड़ाव के लिए तैयार खड़ी थी। इंजन के ड्राइवर कैबिन से निकलते धुएं ने प्लेटफॉर्म पर मौजूद यात्रियों और स्टाफ में दहशत पैदा कर दी, लेकिन सतर्क रेलकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से बड़ा हादसा टल गया।
घटना की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे रेल सुरक्षा बल (आरपीएफ) के जवान, लोको पायलट और अन्य कर्मचारी हरकत में आ गए। उन्होंने यात्रियों को सुरक्षित दूरी पर हटाया और तुरंत अग्निशमन यंत्रों का इस्तेमाल कर आग की लपटों को भड़कने से पहले बुझा दिया। सूत्रों के अनुसार, आग इंजन के इलेक्ट्रिकल या मैकेनिकल पार्ट में शॉर्ट सर्किट की वजह से लगी हो सकती है, लेकिन रेल अधिकारियों ने अभी किसी भी कारण की पुष्टि करने से इनकार कर दिया है। वेस्ट सेंट्रल रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मामले की गहन जांच के आदेश दे दिए गए हैं, और तकनीकी टीम जल्द ही दोषी हिस्से की पड़ताल करेगी।
आग लगने से ट्रेन के संचालन पर असर पड़ा और इसे निर्धारित समय से करीब आधे घंटे की देरी से रवाना किया गया। खराब इंजन को अलग कर इटारसी लोकेशेड में शिफ्ट कर दिया गया, जहां इसकी मरम्मत या आगे की जांच होगी। ट्रेन में एक नया इंजन जोड़कर इसे भोपाल की ओर रवाना किया गया, जिससे यात्रियों को ज्यादा असुविधा न हो। प्लेटफॉर्म पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि धुएं की गंध दूर तक फैल गई थी, और कई यात्री घबराकर कोच से बाहर निकल आए थे।
यह घटना रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रही है, खासकर जब हाल के दिनों में कई ट्रेनों में तकनीकी खामियों की शिकायतें सामने आ रही हैं। रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से धैर्य बनाए रखने की अपील की है और आश्वासन दिया कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए इंजनों की नियमित जांच को और सख्त किया जाएगा। फिलहाल, ट्रेन सुरक्षित भोपाल पहुंच चुकी है, लेकिन इस हादसे ने सुबह-सुबह रेल यात्रियों को एक सबक दे दिया कि सुरक्षा हमेशा प्राथमिकता होनी चाहिए। जांच रिपोर्ट आने के बाद आग के सटीक कारणों का खुलासा होगा।




