करणी सेना ने अयोध्या-काशी में आस्था के साथ खिलवाड़ पर जताई गहरी नाराजगी
काशी विश्वनाथ में स्थानीयों की परेशानी, बिजली कटौती पर चेतावनी

~ करणी सेना ने अयोध्या राम मंदिर में कथित अनियमितताओं और बिजली कटौती पर जताया रोष, निष्पक्ष जांच व सुगम दर्शन व्यवस्था की उठाई मांग
~ वाराणसी इकाई की बैठक में राम मंदिर में कथित दान अनियमितता, काशी विश्वनाथ मंदिर में स्थानीय श्रद्धालुओं की सुविधा, अघोषित बिजली कटौती और नीट पेपर लीक जैसे मुद्दों पर हुई चर्चा। प्रशासन से शीघ्र कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी
वाराणसी। करणी सेना की वाराणसी इकाई की रविवार को आयोजित महत्वपूर्ण बैठक में संगठन के पदाधिकारियों ने जनहित, धार्मिक आस्था और स्थानीय समस्याओं से जुड़े कई मुद्दों पर चर्चा करते हुए प्रशासन के समक्ष अपनी मांगें रखीं। बैठक में अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में दान की गई राशि एवं सामग्रियों में कथित अनियमितताओं, काशी विश्वनाथ मंदिर में स्थानीय नागरिकों के दर्शन की व्यवस्था, शहर में अघोषित बिजली कटौती तथा नीट पेपर लीक जैसे विषय प्रमुख रूप से उठाए गए।
बैठक में संगठन के पदाधिकारियों ने अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में दान से जुड़े कथित मामलों पर गंभीर चिंता व्यक्त की। करणी सेना ने इसे आस्था से जुड़ा संवेदनशील विषय बताते हुए पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। साथ ही कहा कि यदि जांच में किसी भी स्तर पर अनियमितता या दोष सिद्ध होता है तो संबंधित लोगों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए। बैठक में मंदिर प्रबंधन और संबंधित प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए गए।
बैठक में वाराणसी के स्थानीय नागरिकों को काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन के दौरान होने वाली असुविधाओं का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। संगठन ने प्रशासन से मांग की कि काशी के मूल निवासियों, वरिष्ठ नागरिकों और बुजुर्ग श्रद्धालुओं के लिए अलग एवं सुगम दर्शन व्यवस्था बनाई जाए, ताकि उन्हें लंबी कतारों में खड़ा न होना पड़े और आसानी से बाबा विश्वनाथ के दर्शन हो सकें।
शहर में भीषण गर्मी और उमस के बीच हो रही अघोषित बिजली कटौती पर भी करणी सेना ने नाराजगी जताई। संगठन ने बिजली विभाग से निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग करते हुए कहा कि यदि जल्द सुधार नहीं हुआ तो करणी सेना जनहित में आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी।
बैठक के दौरान नीट पेपर लीक के मुद्दे पर भी चर्चा की गई। पदाधिकारियों ने कहा कि देशभर में छात्रों और अभिभावकों की चिंता को देखते हुए इस मामले में निष्पक्ष कार्रवाई आवश्यक है। साथ ही जंतर-मंतर पर चल रहे धरना-प्रदर्शन का भी उल्लेख करते हुए कहा गया कि यदि सरकार और प्रशासन जनहित एवं आस्था से जुड़े मुद्दों पर समय रहते उचित कदम नहीं उठाते हैं तो संगठन चरणबद्ध आंदोलन की रणनीति तैयार करेगा। करणी सेना ने कहा कि ऐसी स्थिति में उत्पन्न होने वाली किसी भी कानून-व्यवस्था की समस्या की जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
बैठक में वीर प्रताप सिंह (प्रदेश संगठन महामंत्री, उत्तर प्रदेश), मंगलेश त्रिपाठी (जिलाध्यक्ष), राहुल त्रिपाठी (जिला संगठन महामंत्री, वाराणसी), नवीन सिंह (वरिष्ठ उपाध्यक्ष), पूजा सिंह ‘नीलू’ (मीडिया प्रभारी), अंकित मिश्रा (महामंत्री), शुभम सिंह ‘सीनू’ (अध्यक्ष, अधिवक्ता प्रकोष्ठ), शुभम यादव (मंत्री), सोनम सिंह, तनुजा सिंह (प्रदेश उपाध्यक्ष, महिला शक्ति) एवं दीपा सिंह सहित संगठन के कई पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।




