यूपी की 11,350 ग्राम पंचायतों में बनेंगी हाईटेक डिजिटल लाइब्रेरियां, ग्रामीण युवाओं को गांव में मिलेगी आधुनिक पढ़ाई की सुविधा
योगी सरकार की पहल से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी होगी आसान, 20 हजार से अधिक डिजिटल अध्ययन सामग्री होगी उपलब्ध; मथुरा के दो युवाओं की एसआई चयन से योजना को मिली नई पहचान

नीरज सिंह
~ ग्रामीण युवाओं के सपनों को मिल रही नई उड़ान
~ ग्राम पंचायतों में हाईटेक डिजिटल लाइब्रेरी से शिक्षा का नया अध्याय
~ 11,350 ग्राम पंचायतों में आधुनिक अध्ययन सुविधाओं का हो रहा विस्तार
~ 20 हजार से अधिक डिजिटल अध्ययन सामग्री से होगी
~ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी
लखनऊ, 30 जुलाई 2026। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठा रही है। पंचायती राज विभाग प्रदेश की 11,350 ग्राम पंचायतों में चरणबद्ध तरीके से हाईटेक डिजिटल लाइब्रेरियों की स्थापना कर रहा है। इस महत्वाकांक्षी योजना का उद्देश्य गांवों में रहने वाले विद्यार्थियों और युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी, कौशल विकास तथा डिजिटल शिक्षा के लिए आधुनिक संसाधन उपलब्ध कराना है, ताकि उन्हें बेहतर अध्ययन सुविधाओं के लिए शहरों पर निर्भर न रहना पड़े।
योजना के पहले चरण में तेजी से कार्य किया जा रहा है। विभाग के अनुसार 37 जनपदों में पुस्तकों और फर्नीचर की आपूर्ति का कार्य शत-प्रतिशत पूरा हो चुका है। अब तक 10,976 ग्राम पंचायतों में पुस्तकें उपलब्ध कराई जा चुकी हैं, जबकि 9,909 ग्राम पंचायतों में आधुनिक फर्नीचर स्थापित किया जा चुका है। प्रत्येक डिजिटल लाइब्रेरी पर लगभग चार लाख रुपये खर्च किए जा रहे हैं, जिसमें पुस्तकों के साथ-साथ आईटी उपकरण, कंप्यूटर, डिजिटल संसाधन और आधुनिक फर्नीचर की व्यवस्था शामिल है।
इन डिजिटल लाइब्रेरियों में विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए 20 हजार से अधिक डिजिटल अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी। इसमें ई-बुक्स, वीडियो लेक्चर, ऑडियो कंटेंट, डिजिटल लर्निंग मॉड्यूल, इंटरैक्टिव क्विज और अन्य आधुनिक शैक्षिक सामग्री शामिल होगी। सरकार का मानना है कि डिजिटल संसाधनों के माध्यम से ग्रामीण युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के साथ-साथ उनकी प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं में सफलता की संभावनाएं भी बढ़ेंगी।
इस योजना के सकारात्मक परिणाम भी सामने आने लगे हैं। मथुरा जनपद की ग्राम पंचायत अडिंग स्थित ‘ज्ञानम् ज्योतिः’ डिजिटल लाइब्रेरी से अध्ययन करने वाले टिटू शर्मा और मनीष यादव का चयन उत्तर प्रदेश पुलिस में उपनिरीक्षक (SI) पद पर हुआ है। इस उपलब्धि पर मुख्य विकास अधिकारी ने दोनों युवाओं को सम्मानित किया। सरकार का कहना है कि यह सफलता इस बात का प्रमाण है कि यदि ग्रामीण क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण अध्ययन संसाधन उपलब्ध कराए जाएं तो वहां की प्रतिभाएं भी बड़े मुकाम हासिल कर सकती हैं।
प्रदेश के पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि डिजिटल लाइब्रेरी योजना ग्रामीण युवाओं को शिक्षा और रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश का कोई भी प्रतिभाशाली छात्र संसाधनों के अभाव में अपने सपनों से वंचित न रहे। आधुनिक अध्ययन सुविधाओं के माध्यम से ग्रामीण युवाओं को आत्मनिर्भर और प्रतिस्पर्धी बनाने का संकल्प तेजी से साकार किया जा रहा है।
वहीं पंचायती राज निदेशक अमित कुमार सिंह ने कहा कि डिजिटल लाइब्रेरी केवल एक पुस्तकालय नहीं, बल्कि ग्रामीण युवाओं के सपनों को साकार करने का सशक्त माध्यम है। उन्होंने बताया कि विभाग का प्रयास है कि प्रत्येक ग्राम पंचायत में विद्यार्थियों को डिजिटल तकनीक से युक्त गुणवत्तापूर्ण अध्ययन का वातावरण उपलब्ध कराया जाए, जिससे वे शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक पहुंच सकें।




