Chandauli: भोजापुर पुलिस लाइन निर्माण पर किसानों का हाईवोल्टेज ड्रामा, मशीनें रुकीं, राजस्व अधिकारी बैरंग लौटे
चन्दन सिंह, चन्दौली

चन्दौली, 7 मई 2026: चंदौली जिले के सकलडीहा कोतवाली क्षेत्र के भोजापुर गांव में निर्माणाधीन पुलिस लाइन का काम गुरुवार को दर्जनों किसानों ने ठप करा दिया। किसानों ने आरोप लगाया कि पुलिस लाइन की चाहरदीवारी उनकी निजी जमीन पर बनाई जा रही है। जिसके बाद सूचना पर भारी संख्या में पुलिस बल और राजस्व टीम मौके पर पहुंची, और किसानों को समझने का प्रयास किया लेकिन किसान अपनी मांग पर अड़े रहे, जिससे मामला गरमा गया।
किसानों का आरोप: बिना नापी के जमीन पर अतिक्रमण
भोजापुर गांव के मौजा में बड़े स्तर पर पुलिस लाइन का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है, जो 50 प्रतिशत से अधिक पूरा हो चुका है। पश्चिमी छोर पर चाहरदीवारी के लिए पाइलिंग (गहरी खुदाई) का काम जोरों पर था, तभी बगल के बर्थरा गांव के किसान मौके पर पहुंचे। उन्होंने निर्माण एजेंसी की मशीनों को रोक दिया और काम ठप करा दिया।
प्रमुख किसानों प्रद्युम्न सिंह, चंदन, श्याम बरन, मुनीब, राजपति, विजय बहादुर और कमलेश ने बताया, “बिना जमीन की पैमाइश के हमारी निजी भूमि पर चारदीवारी बना दी जा रही है। हमारा हिस्सा मौके पर बहुत कम बचा है।”
किसानों का कहना था कि उन्होंने राजस्व विभाग को कई बार ज्ञापन देकर नापी की मांग की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। उनका आरोप है कि यह अतिक्रमण उनकी आजीविका पर सीधा असर डालेगा।
प्रशासन की कोशिश नाकाम: मुआवजे का लॉलीपॉप, किसान नहीं माने
जानकारी मिलते ही सकलडीहा कोतवाली की पुलिस बल और राजस्व विभाग की टीम भारी संख्या में पहुंच गई। नायब तहसीलदार राजेंद्र प्रसाद सहित अधिकारियों ने किसानों को लंबे समय तक समझाया। उन्होंने भरोसा दिलाया कि अगर जमीन पुलिस लाइन में चली गई है, तो किसानों को उचित मुआवजा जरूर दिया जाएगा।
लेकिन किसान पूरी जमीन वापस करने और नापी कराने पर अड़े रहे। अधिकारी गोलमोल जवाब देते हुए मौके से लौट गए, जिससे किसानों में भारी नाराजगी फैल गई। एक किसान ने कहा, “मुआवजा तो बाद का सवाल है, पहले हमारी जमीन की सही नापी हो।”
आगे क्या? किसान हाई अलर्ट पर, प्रशासन की अगली चाल पर सबकी नजर
निर्माण कार्य 50 प्रतिशत से ज्यादा पूरा होने के बावजूद यह विवाद अब पुलिस लाइन प्रोजेक्ट पर ब्रेक लगा सकता है। जिले में भूमि अधिग्रहण के पुराने मामले फिर सुर्खियों में हैं। अब सवाल यह है कि राजस्व विभाग जमीन की नापी कब कराएगा? या किसान कोई बड़ा आंदोलन छेड़ेंगे? स्थानीय प्रशासन से अभी कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। विकास कार्य और किसानों के हक के बीच संतुलन कैसे बनेगा, यह आने वाले दिनों में साफ होगा।
चंदौली प्रशासन की तरफ से अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, अब आगे की कार्रवाई पर नजरें टिकी हैं।




