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वाराणसी के HIV कार्यक्रम का नाको डीडीजी डॉ. तंजिन डिकिड ने किया दो दिवसीय निरीक्षण

‘सक्षम’ जनपद का दर्जा मिलने पर दी बधाई, उपलब्धियों को बरकरार रखने और सेवाओं की गुणवत्ता बढ़ाने पर जोर

आरिफ़ अंसारी, वाराणसी

 

वाराणसी, 11 अगस्त 2026। राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण संगठन (NACO), नई दिल्ली की डिप्टी डायरेक्टर जनरल (DDG) डॉ. तंजिन डिकिड ने वाराणसी के दो दिवसीय दौरे के दौरान जनपद में संचालित एचआईवी/एड्स नियंत्रण कार्यक्रम की विभिन्न गतिविधियों की गहन समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने कई स्वास्थ्य केंद्रों और संस्थानों का स्थलीय निरीक्षण कर एचआईवी जांच, परामर्श, उपचार, एआरटी सेवाओं, वायरल लोड परीक्षण, रेफरल और फॉलोअप सहित विभिन्न व्यवस्थाओं का जायजा लिया।

डॉ. तंजिन डिकिड ने वाराणसी को नाको के निर्धारित मानकों के तहत उत्तर प्रदेश का एकमात्र ‘सक्षम’ (Saksham) जनपद बनने पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि स्वास्थ्य विभाग, एचआईवी कार्यक्रम से जुड़े विभिन्न केंद्रों और कर्मचारियों के समन्वित प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने अधिकारियों को भविष्य में भी इसी स्तर की कार्यप्रणाली बनाए रखने तथा एचआईवी संक्रमित लोगों तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

कबीर चौरा अस्पताल में हुई व्यापक समीक्षा बैठक

दौरे के पहले दिन कबीर चौरा अस्पताल में जनपद के दोनों एआरटी सेंटर, आईसीटीसी, ओएसटी सेंटर, पीपीटीसीटी, एसटीआई सेंटर, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (बीएचयू), दिशा यूनिट और वायरल लोड लैब के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

 

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बैठक में कबीर चौरा अस्पताल के प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व), जिला क्षय रोग अधिकारी सहित संबंधित चिकित्सा अधिकारी एवं अन्य कर्मचारी मौजूद रहे। बैठक के दौरान वर्तमान वित्तीय वर्ष में एचआईवी/एड्स नियंत्रण कार्यक्रम के तहत अब तक किए गए कार्यों और प्राप्त उपलब्धियों की विस्तृत समीक्षा की गई।

डॉ. तंजिन डिकिड ने विभिन्न केंद्रों के प्रदर्शन, एचआईवी जांच की स्थिति, संक्रमित व्यक्तियों को उपचार से जोड़ने, एआरटी सेवाओं की उपलब्धता, वायरल लोड परीक्षण, लक्षित समूहों तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच और कार्यक्रम के विभिन्न महत्वपूर्ण संकेतकों पर विस्तार से चर्चा की।

उन्होंने आगामी अवधि के लिए आवश्यक प्राथमिकताओं को स्पष्ट करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिया कि एचआईवी संक्रमित व्यक्तियों की पहचान के बाद उन्हें समय पर उपचार से जोड़ा जाए और उपचार की निरंतरता सुनिश्चित की जाए।

स्वास्थ्य केंद्रों और अस्पतालों का किया स्थलीय निरीक्षण

दौरे के दूसरे दिन डॉ. तंजिन डिकिड ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बड़ागांव स्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिर, दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल तथा बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) स्थित एचआईवी से संबंधित विभिन्न केंद्रों और लैब का निरीक्षण किया।

स्थलीय निरीक्षण के दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों से एचआईवी जांच, परामर्श, उपचार, रेफरल, फॉलोअप और वायरल लोड परीक्षण के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने केंद्रों पर उपलब्ध संसाधनों, मरीजों को दी जा रही सेवाओं और विभिन्न स्तरों के बीच समन्वय की स्थिति का भी जायजा लिया।

उन्होंने अधिकारियों से यह भी जानकारी ली कि एचआईवी संक्रमित लोगों को जांच के बाद किस प्रकार उपचार से जोड़ा जा रहा है और उपचार शुरू होने के बाद उनकी नियमित निगरानी एवं फॉलोअप किस तरीके से किया जा रहा है।

‘95-95-99’ मानकों पर वाराणसी की उपलब्धि की सराहना

निरीक्षण के दौरान डॉ. तंजिन डिकिड ने वाराणसी में एचआईवी/एड्स नियंत्रण कार्यक्रम के तहत किए जा रहे कार्यों और विभिन्न केंद्रों के बीच बेहतर समन्वय की सराहना की।

उन्होंने नाको के निर्धारित 95-95-99 मानकों के आधार पर वाराणसी को ‘सक्षम’ स्तर हासिल करने पर विशेष बधाई दी। उन्होंने कहा कि किसी जनपद का इस स्तर तक पहुंचना टीम भावना, बेहतर समन्वय, प्रभावी निगरानी और लगातार किए जा रहे प्रयासों का परिणाम है।

उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रेरित करते हुए कहा कि मौजूदा उपलब्धि को केवल एक लक्ष्य की प्राप्ति के रूप में न देखा जाए, बल्कि इसे आगे और बेहतर कार्य करने की प्रेरणा के रूप में लिया जाए। उन्होंने उम्मीद जताई कि वाराणसी भविष्य में भी एचआईवी/एड्स नियंत्रण कार्यक्रम में बेहतर प्रदर्शन करते हुए ‘सक्षम’ स्तर को बनाए रखेगा।

HIV संक्रमित लोगों को समय पर उपचार से जोड़ने पर जोर

जिला क्षय रोग अधिकारी एवं प्रभारी दिशा वाराणसी डॉ. पीयूष राय ने बताया कि नाको की डीडीजी का वाराणसी दौरा एचआईवी/एड्स नियंत्रण कार्यक्रम के लिए काफी महत्वपूर्ण रहा। विभिन्न केंद्रों का स्थलीय निरीक्षण कर डॉ. तंजिन डिकिड द्वारा कार्यों की सराहना किया जाना कार्यक्रम से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए उत्साहवर्धक है।

उन्होंने बताया कि नाको के दिशा-निर्देशों के अनुरूप जनपद में एचआईवी संक्रमित व्यक्तियों की शीघ्र पहचान, एआरटी से जोड़ने, उपचार की निरंतरता और वायरल लोड सप्रेशन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। साथ ही संबंधित केंद्रों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर मरीजों को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण सेवाएं उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।

विजिटर बुक में दर्ज किए अपने रिमार्क

निरीक्षण के उपरांत डॉ. तंजिन डिकिड ने संबंधित संस्थानों की विजिटर बुक में अपने रिमार्क भी दर्ज किए। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को एचआईवी/एड्स नियंत्रण कार्यक्रम को और प्रभावी बनाने के लिए आपसी समन्वय मजबूत करने तथा मरीजों को गुणवत्तापूर्ण सेवाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

दो दिवसीय निरीक्षण के दौरान नाको की डीडीजी ने जहां वाराणसी की उपलब्धियों की सराहना की, वहीं भविष्य की चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए कार्यक्रम की निरंतर निगरानी, उपचार की गुणवत्ता और सेवाओं की पहुंच को और बेहतर बनाने पर जोर दिया। वाराणसी को ‘सक्षम’ जनपद का दर्जा मिलना जनपद में एचआईवी/एड्स नियंत्रण कार्यक्रम के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।

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