चंदौली में 200 एकड़ से ज्यादा धान की फसल जलमग्न, किसानों में आक्रोश; पूर्व विधायक ने दिया अल्टीमेटम
20 साल से जल निकासी की समस्या से जूझ रहे बिरना गांव के किसान, शुक्रवार तक समाधान नहीं हुआ तो धरने की चेतावनी

चंदन सिंह, चंदौली
चंदौली। धानापुर विकासखंड के बिरना गांव में जल निकासी की समस्या के चलते 200 एकड़ से अधिक धान की फसल पानी में डूब गई है। खेतों में लंबे समय से पानी जमा होने के कारण फसल बर्बाद होने के कगार पर पहुंच गई है, जिससे किसानों में भारी नाराजगी है। ग्रामीणों का कहना है कि उचित जल निकासी की व्यवस्था नहीं होने से पिछले करीब 20 वर्षों से हर साल उन्हें इसी समस्या का सामना करना पड़ रहा है।
जलमग्न खेतों का निरीक्षण करने पहुंचे पूर्व विधायक
फसलों की स्थिति का जायजा लेने के लिए सैयदराजा के पूर्व विधायक मनोज कुमार सिंह ‘डब्लू’ बिरना गांव पहुंचे। ग्रामीणों ने उन्हें खेतों में जमा पानी और जल निकासी की समस्या से अवगत कराया। किसानों ने बताया कि धान की रोपाई में बीज, खाद, मजदूरी और सिंचाई पर काफी खर्च होता है, लेकिन जलभराव के कारण पूरी मेहनत पर पानी फिरने का खतरा बना हुआ है।
अधिकारियों से की बात, शुक्रवार तक का अल्टीमेटम
ग्रामीणों की समस्या सुनने के बाद पूर्व विधायक ने तहसील स्तर के अधिकारियों से फोन पर बातचीत कर तत्काल जल निकासी की व्यवस्था कराने का आग्रह किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि शुक्रवार तक खेतों से पानी निकालने की व्यवस्था नहीं की गई तो बिरना गांव स्थित काली माता मंदिर परिसर में विशाल धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।
किसानों को फसल बर्बाद होने की चिंता
पूर्व विधायक ने कहा कि किसानों ने बड़ी मेहनत और खर्च के बाद धान की रोपाई की है। महंगे बीज और खाद के बीच यदि पानी में फसल बर्बाद होती है तो किसानों पर आर्थिक बोझ और बढ़ जाएगा। उन्होंने प्रशासन से बिना देरी किए जल निकासी की स्थायी व्यवस्था कराने की मांग की।
ग्रामीणों ने बताईं अन्य समस्याएं
इस दौरान किसानों और ग्रामीणों ने गांव की अन्य समस्याओं को भी पूर्व विधायक के सामने रखा। मौके पर गोपाल सिंह, मुन्ना सिंह, नवल सिंह, विजय, कांता सिंह, संजय सिंह, जीवन सिंह, गुड्डू, पप्पू, महेंद्र, भीम, मुकुंद, नकुल सिंह, रामलाल प्रजापति और बजरंगी लोहार सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।




