अयोध्या में कथित चढ़ावा विवाद पर योगी अखाड़ा परिवार की कड़ी प्रतिक्रिया, स्वामी राधेश्याम महाराज बोले- ‘श्रद्धालुओं की आस्था से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं’
वाराणसी में प्रेस वार्ता कर निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग, गौ संरक्षण को राष्ट्र निर्माण और सनातन संस्कृति का आधार बताते हुए जनभागीदारी बढ़ाने का किया आह्वान

धनेश्वर साहनी
वाराणसी। अस्सी घाट मार्ग स्थित योगी अखाड़ा कार्यालय सभागार में रविवार को आयोजित प्रेस वार्ता में योगी अखाड़ा परिवार के राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वामी राधेश्याम जी महाराज ने अयोध्या में सामने आए कथित चढ़ावा विवाद को लेकर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने इस मामले को सनातन समाज की आस्था से जुड़ा अत्यंत संवेदनशील विषय बताते हुए कहा कि यदि श्रद्धालुओं द्वारा भगवान के चरणों में अर्पित किए गए चढ़ावे के साथ किसी भी प्रकार की अनियमितता या चोरी हुई है, तो यह करोड़ों श्रद्धालुओं की भावनाओं पर गहरा आघात है।
स्वामी राधेश्याम महाराज ने कहा कि देशभर से श्रद्धालु भगवान श्रीराम के प्रति अपनी अटूट श्रद्धा और विश्वास के साथ मंदिर में चढ़ावा अर्पित करते हैं। ऐसे में यदि उस पवित्र आस्था के साथ किसी भी स्तर पर खिलवाड़ होता है, तो यह न केवल दुर्भाग्यपूर्ण बल्कि पूरे सनातन समाज के लिए चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि धार्मिक स्थलों की गरिमा और श्रद्धालुओं के विश्वास की रक्षा करना शासन और प्रशासन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।
उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध जांच कराने की मांग की। उनका कहना था कि यदि जांच में कोई भी व्यक्ति दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ बिना किसी भेदभाव के कठोर कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि दोषियों को सख्त सजा मिलने से समाज में सकारात्मक संदेश जाएगा और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति पर प्रभावी अंकुश लगेगा।
गौ संरक्षण को बताया राष्ट्र निर्माण का आधार
प्रेस वार्ता के दौरान स्वामी राधेश्याम महाराज ने गौ संरक्षण और गौ संवर्धन के मुद्दे को भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति, सभ्यता और सनातन परंपरा में गौ माता का स्थान सर्वोच्च है। गौ सेवा केवल धार्मिक आस्था का विषय नहीं है, बल्कि यह राष्ट्र निर्माण, पर्यावरण संरक्षण, प्राकृतिक खेती और मानव स्वास्थ्य से भी गहराई से जुड़ी हुई है।
उन्होंने कहा कि यदि देश में गौ आधारित जीवनशैली को बढ़ावा दिया जाए तो ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी और भारत आत्मनिर्भरता की दिशा में और तेज़ी से आगे बढ़ सकेगा। उन्होंने लोगों से अपने दैनिक जीवन में गौ सेवा को शामिल करने और गौशालाओं के संरक्षण एवं गौवंश के संवर्धन में सक्रिय सहयोग देने का आह्वान किया।
सरकार से योजनाएं और मजबूत करने की अपील
स्वामी राधेश्याम महाराज ने केंद्र और राज्य सरकारों से आग्रह किया कि गौ संरक्षण से जुड़ी योजनाओं को और अधिक प्रभावी बनाया जाए, ताकि गौवंश के संरक्षण के साथ-साथ किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी इसका लाभ मिल सके।
उन्होंने कहा कि सनातन संस्कृति की मूल भावना सेवा, संरक्षण और समरसता है। समाज के प्रत्येक व्यक्ति को धार्मिक मूल्यों और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण में अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए।
धार्मिक आस्था और सामाजिक समरसता का दिया संदेश
प्रेस वार्ता के अंत में स्वामी राधेश्याम महाराज ने सभी संत-महात्माओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं, पत्रकारों और उपस्थित लोगों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने समाज से धार्मिक आस्था, सामाजिक समरसता और राष्ट्रहित के लिए एकजुट होकर कार्य करने का आह्वान करते हुए कहा कि सनातन संस्कृति की रक्षा और समाज के उत्थान के लिए सामूहिक प्रयास समय की आवश्यकता है।
इस अवसर पर योगी अखाड़ा परिवार के पदाधिकारी, संत-महात्मा, सामाजिक कार्यकर्ता तथा बड़ी संख्या में पत्रकार उपस्थित रहे।


