
आरिफ़ अंसारी, वाराणसी
वाराणासी, 13 मई 2026। कैन्ट थाना क्षेत्र में स्थित बुद्ध विहार कॉलोनी में अवैध रूप से संचालित हो रहे होटलों पर वाराणसी विकास प्राधिकरण की कार्रवाई के बाद अब बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। गुरुवार को VDA द्वारा 13 होटलों को सील किए जाने के बाद इलाके में हड़कंप मच गया था, लेकिन कार्रवाई के महज अगले ही दिन कई होटल दोबारा संचालित होते दिखाई दिए। इससे प्रशासनिक कार्रवाई की गंभीरता और प्रभावशीलता पर सवाल उठने लगे हैं।
इन 13 होटलों पर सीलिंग की हुई कार्यवाही
VDA ने बुद्ध विहार आवासीय कॉलोनी में बड़ी कार्रवाई करते हुए नियमों के विपरीत संचालित किए जा रहे 13 होटलों को एक साथ सील कर दिया। इस कार्रवाई से होटल संचालकों और क्षेत्र में हड़कंप मच गया। वीडीए के अनुसार कई भवन स्वामियों ने आवासीय उपयोग के लिए मानचित्र स्वीकृत कराकर होटल संचालन शुरू कर दिया था, जबकि कुछ होटल बिना मानचित्र स्वीकृति के ही संचालित किए जा रहे थे।
बुद्ध विहार कॉलोनी में VDA की बड़ी कार्रवाई, एक साथ 13 होटल सील होने से मचा हड़कंप
VDA प्रवर्तन टीम ने कार्रवाई करते हुए होटल किरन पैलेस, होटल A-ZURE, होटल Four Leaf, होटल Vedic Roots, स्टे इन काशवी, ट्रस्ट द्वारा भूतल पर निर्मित किए जा रहे नए होटल, होटल रियो बनारस, होटल Zion Inn, होटल पार्क प्लाजा, होटल सिल्क सिटी, होटल हॉलिडे इन, होटल स्कायर इन और Comfort In Banaras को सील कर दिया था।



सीलिंग के बाद भी बुद्ध विहार कॉलोनी में कई होटलों में फिर शुरू हुआ संचालन, कुछ संचालकों पर ‘मैनेजमेंट’ के दावे का आरोप
बुद्ध विहार कॉलोनी में अवैध निर्माण और नियमों के उल्लंघन के आरोप में सील किए गए कई होटलों में तौर पर फिर से संचालन शुरू हो जाने से प्रशासनिक कार्रवाई पर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार जिन होटलों पर वाराणसी विकास प्राधिकरण ने कार्रवाई करते हुए सीलिंग की थी, उनमें से ज़्यादातर होटल मंगलवार को दोबारा खुल गए। इलाके में चर्चा है कि आखिर इतनी बड़ी कार्रवाई के बावजूद होटल संचालकों के हौसले इतने बुलंद कैसे हैं कि दूसरे ही दिन नियमों को चुनौती देते हुए कारोबार फिर शुरू कर दिया गया।

जब इस पूरे मामले की पड़ताल “खबर भारत” टीम ने की तो कई होटलों में पहले की तरह गतिविधियां चलती दिखाई दीं। कुछ जगहों पर गेस्ट का आना-जाना जारी मिला और होटल स्टाफ बुकिंग लेते भी दिखाई दिए।
वहीं Hotel Vadik Roots के एक कर्मचारी ने दावा किया कि कार्रवाई केवल पार्किंग को लेकर हुई है और “सीलिंग का कोई खास मतलब नहीं है।” कर्मचारी ने यह भी कहा कि “जब VDA वालों को जरूरत होती है तो ऐसी कार्रवाई होती है, हमने मैनेज कर लिया है, परेशान होने की जरूरत नहीं है।”
हालांकि दूसरी ओर Hotel Four Leaf प्रबंधन ने कहा कि उनका होटल VDA द्वारा सील है और जब तक आधिकारिक रूप से सील नहीं हटती, तब तक किसी भी प्रकार की नई बुकिंग नहीं ली जाएगी। अब इस पूरे मामले ने VDA की कार्रवाई की गंभीरता और प्रभावशीलता पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
VDA के JE संजय तिवारी को पुनः संचालन की नहीं है जानकारी
मामले को लेकर जब स्थानीय जेई संजय तिवारी से बातचीत की गई तो उन्होंने कहा कि सभी होटल अभी भी सील हैं तो उन्होंने होटल के पुनः संचालन की जानकारी न होने की बात कहते हुए कहा कि यदि किसी भी होटल में प्रवेश, संचालन या सील तोड़ने जैसी गतिविधि पाई जाती है तो संबंधित संचालकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
VDA उपाध्यक्ष बोले- “होटल संचालन संभव नहीं”, लेकिन सवालों के घेरे में विभागीय निगरानी
जब इस पूरे मामले को लेकर वाराणसी विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष पूर्ण बोरा से “खबर भारत” के पत्रकार ने बातचीत की तो उन्होंने कहा कि सील किए गए होटलों का संचालन संभव नहीं है और वहां मौजूद लोग संभवतः सिर्फ ऑफिस स्टाफ होंगे। हालांकि स्थानीय स्तर पर सामने आ रही तस्वीरें और लोगों के दावे प्रशासनिक दावों पर सवाल खड़े कर रहे हैं। ऐसे में सवाल यह भी उठ रहा है कि यदि मौके से संचालन और गतिविधियों की जानकारी सामने आ रही है तो बिना विस्तृत जांच के सीधे इनकार करना क्या उचित है? चर्चाएं इस बात को लेकर भी हैं कि जिन कर्मचारियों की निगरानी में अवैध निर्माण और होटल संचालन लंबे समय तक चलता रहा, उन्हीं विभागीय सूचनाओं के आधार पर वास्तविक स्थिति को नकारा जा रहा है। यदि सीलिंग के बावजूद संचालन पाया जाता है तो जिम्मेदार होटल संचालकों के साथ-साथ संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच हो।
थाना कैन्ट को VDA ने भेजी सीलिंग की नोटिस, अब पुलिस कार्रवाई पर टिकी निगाहें
वाराणसी विकास प्राधिकरण द्वारा 11 मई 2026 को सील किए गए 13 होटलों की नोटिस अगले ही दिन 12 मई 2026 को थाना कैंट को भी भेजी गई थी। ऐसे में अब यह सवाल भी उठ रहा है कि नोटिस प्राप्त होने के बाद सील की गई संपत्तियों में किसी प्रकार का संचालन न हो, इसकी जिम्मेदारी स्थानीय पुलिस की भी बनती है। यदि सीलिंग के बावजूद होटल संचालन, बुकिंग और गेस्ट की आवाजाही जारी है तो क्या थाना कैंट की ओर से इस पर कोई कार्रवाई की जाएगी? चर्चाएं इस बात को लेकर भी तेज हैं कि क्या पुलिस सील तोड़कर संचालन करने वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करेगी या मामला केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित रहेगा। अब लोगों की नजर प्रशासन के साथ-साथ पुलिस की अगली कार्रवाई पर भी टिकी हुई है।
प्रशासनिक कार्रवाई पर उठ रहे सवाल
अब सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि जब VDA ने विधिवत कार्रवाई करते हुए होटलों को सील किया था, जिसकी जानकारी वाराणसी विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष पूर्ण बोरा सहित ज़ोन के JE तक को है तो फिर अगले ही दिन वहां संचालन शुरू होने पर अब तक किसी प्रकार की कोई कार्यवाही क्यों नही?




