Varanasi

मानक के विपरीत निर्माणाधीन होटल के गड्ढे में समाई गली, मकानों में दरारों से गिरने का खतरा बढ़ा

बारिश के बीच पांच फुट चौड़ी गली का बड़ा हिस्सा गड्ढे में समाया, बिजली-पानी और सीवर लाइन प्रभावित होने का आरोप; स्थानीय लोगों ने VDA और नगर निगम से तत्काल कार्रवाई की मांग की

वाराणसी। लगातार हो रही बारिश के बीच रामकटोरा क्षेत्र में निर्माणाधीन होटल के लिए खोदे गए गहरे गड्ढे ने आसपास रहने वाले लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। बारिश के कारण निर्माण स्थल के आसपास की मिट्टी खिसकने और जमीन धंसने की शिकायत सामने आई है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि जमीन खिसकने से आसपास स्थित इमारतों की नींव प्रभावित हुई है और कुछ मकानों में दरारें भी दिखाई देने लगी हैं। इससे क्षेत्र में रहने वाले लोगों के बीच किसी बड़े हादसे को लेकर दहशत का माहौल है।

स्थानीय लोगों के मुताबिक, राजेश खत्री के परिवार के घर से मुख्य सड़क तक जाने वाली करीब पांच फुट चौड़ी गली का बड़ा हिस्सा अचानक निर्माण स्थल के गहरे गड्ढे की ओर धंस गया। गली का हिस्सा क्षतिग्रस्त होने से लोगों के आवागमन में भी परेशानी बढ़ गई है। बारिश लगातार जारी रहने के कारण आसपास की जमीन के और खिसकने की आशंका जताई जा रही है।

 

 

मकानों में दरारें आने का दावा, नींव पर भी खतरा

स्थानीय लोगों का कहना है कि निर्माण के लिए की गई गहरी खुदाई और लगातार बारिश के कारण आसपास की मिट्टी कमजोर हो गई है। इसके चलते बगल की इमारतों में दरारें आने की शिकायत सामने आई है। लोगों को आशंका है कि यदि जमीन का कटाव और धंसाव इसी तरह जारी रहा तो आसपास के मकानों की नींव पर गंभीर असर पड़ सकता है।

सबसे बड़ी चिंता यह है कि प्रभावित क्षेत्र में आबादी रहती है। ऐसे में जमीन धंसने की घटना को केवल निर्माण स्थल तक सीमित मानना लोगों के लिए जोखिम भरा हो सकता है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि मौके का तत्काल निरीक्षण कर यह सुनिश्चित किया जाए कि आसपास के मकान सुरक्षित हैं या नहीं।

बिजली-पानी और सीवर व्यवस्था प्रभावित होने का आरोप

स्थानीय लोगों ने यह भी आरोप लगाया है कि निर्माण कार्य और बारिश के चलते क्षेत्र में बिजली-पानी की आपूर्ति प्रभावित होने के साथ सीवर लाइन को भी नुकसान पहुंचा है। उनका कहना है कि सड़क और गली का हिस्सा क्षतिग्रस्त होने से रोजमर्रा की सुविधाओं पर भी असर पड़ रहा है।

लोगों का कहना है कि यदि सीवर लाइन क्षतिग्रस्त हुई है और बारिश का पानी निर्माण स्थल के गड्ढे में जा रहा है, तो स्थिति और गंभीर हो सकती है। ऐसे में निर्माण स्थल की तकनीकी जांच के साथ-साथ आसपास की जलनिकासी और भूमिगत पाइपलाइन की स्थिति की भी जांच जरूरी है।

शिकायतों के बावजूद कार्रवाई नहीं होने का आरोप

स्थानीय लोगों ने नगर निगम और वाराणसी विकास प्राधिकरण (VDA) के अधिकारियों पर शिकायतों के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि निर्माण कार्य शुरू होने से पहले भी आसपास के क्षेत्र में हादसे हो चुके हैं और कुछ मकानों में दरारें आने की शिकायत सामने आई थी।

लोगों का सवाल है कि यदि निर्माण स्थल के आसपास पहले से ही जमीन और मकानों की सुरक्षा को लेकर शिकायतें थीं तो समय रहते निर्माण स्थल की जांच और सुरक्षा उपाय क्यों नहीं किए गए।

बारिश ने बढ़ाई चिंता, बड़े हादसे की आशंका

लगातार बारिश के बीच जमीन धंसने की घटना ने खतरे को और बढ़ा दिया है। स्थानीय लोगों को आशंका है कि यदि बारिश जारी रही और निर्माण स्थल के आसपास की मिट्टी इसी तरह खिसकती रही तो गली और आसपास की जमीन का और हिस्सा धंस सकता है। इससे मकानों की नींव कमजोर होने के साथ किसी बड़े हादसे की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।

 

 

 

स्थानीय लोगों ने मांग की है कि निर्माण स्थल की तत्काल तकनीकी जांच कराई जाए, गहरे गड्ढे के आसपास सुरक्षा इंतजाम किए जाएं और प्रभावित मकानों का स्थलीय निरीक्षण कराया जाए। इसके साथ ही बिजली, पानी और सीवर जैसी आवश्यक सेवाओं को भी तत्काल दुरुस्त कराने की मांग की गई है।

लोगों का कहना है कि जांच के दौरान यदि निर्माण कार्य में सुरक्षा मानकों की अनदेखी या किसी तरह की लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदारी तय करते हुए संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।

 

 

आधिकारिक जांच के बाद ही साफ होगी स्थिति

फिलहाल स्थानीय लोगों की ओर से लगाए गए आरोपों और निर्माण की अनुमति से जुड़े तथ्यों की आधिकारिक पुष्टि संबंधित विभागों से होना बाकी है। ऐसे में निर्माण स्थल की वास्तविक स्थिति, जमीन धंसने के कारण और निर्माण कार्य से आसपास के मकानों को हुए नुकसान का स्पष्ट आकलन तकनीकी जांच के बाद ही सामने आएगा।

हालांकि, बारिश के बीच जमीन धंसने और गली का हिस्सा निर्माण स्थल की ओर चले जाने की शिकायत को देखते हुए प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती किसी संभावित हादसे को रोकना और आसपास रहने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

 

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