वाराणसी विकास प्राधिकरण की लापरवाही बनी जानलेवा: सील निर्माणाधीन भवन की गिरी दीवार, एक की मौत, कई घायल
चौकाघाट में आंधी-बारिश के बीच हादसा, NDRF ने चलाया रेस्क्यू ऑपरेशन; VDA की कार्यप्रणाली पर उठे गंभीर सवाल

नीरज सिंह, वाराणसी
वाराणसी के चौकाघाट क्षेत्र में तेज हवा और बारिश के दौरान एक निर्माणाधीन भवन की करीब 8 फीट ऊंची बाउंड्री दीवार गिरने से बड़ा हादसा हो गया। दीवार के नीचे दबकर एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि कई लोग घायल हो गए। घटना के बाद राहत एवं बचाव कार्य के लिए NDRF की टीम ने मौके पर पहुंचकर तेजी से अभियान चलाया।
वर्कशॉप पर गिरी दीवार, मची अफरा-तफरी
हादसा उस वक्त हुआ जब बगल में स्थित बाबू खान के मोटर पंप सर्विस वर्कशॉप में पांच लोग काम कर रहे थे। अचानक दीवार गिरने से सभी मलबे में दब गए, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। संयोगवश वर्कशॉप संचालक बाबू खान कुछ देर पहले ही बाहर निकल गए थे, जिससे उनकी जान बच गई।
NDRF का रेस्क्यू, घायलों को निकाला बाहर
स्थानीय लोगों की सूचना पर NDRF टीम उपमहानिरीक्षक मनोज कुमार शर्मा के मार्गदर्शन में मौके पर पहुंची और आधुनिक उपकरणों की मदद से सर्च ऑपरेशन शुरू किया। टीम ने चार लोगों को घायल अवस्था में बाहर निकाला, जबकि एक व्यक्ति को गंभीर स्थिति में मलबे से निकालकर अस्पताल भेजा गया।
इलाज के दौरान एक की मौत, एक की हालत गंभीर
घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां इलाज के दौरान अनवर आलम की मौत हो गई। वहीं अमित कुशवाहा की हालत गंभीर बनी हुई है और उनका इलाज कबीरचौरा अस्पताल में चल रहा है। अन्य घायल सूरज मौर्य, दिनेश पटेल और अमन का उपचार पंडित दीनदयाल अस्पताल में जारी है।
पहले से सील था निर्माणाधीन भवन
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, यह निर्माणाधीन भवन राजेश्वर तिवारी उर्फ मुन्ना तिवारी का बताया जा रहा है। इस भवन का निर्माण शुरू से ही मानकों के विपरीत हो रहा था और इसमें सेटबैक तक नहीं छोड़ा गया था। वाराणसी विकास प्राधिकरण ने इसे 1 मई 2025 को सील किया था, लेकिन इसके बावजूद फरवरी-मार्च 2026 में दोबारा निर्माण शुरू कर दिया गया और तीसरे तल तक निर्माण कर लिया गया।
दोबारा सील, फिर भी खड़ी रही खतरनाक दीवार
शिकायत मिलने पर VDA ने 12 मार्च 2026 को फिर से भवन को सील किया, लेकिन चौथे तल पर बनी 8-9 फीट ऊंची अस्थिर दीवार को नहीं हटाया गया। यही दीवार 29 अप्रैल 2026 को आंधी-बारिश के दौरान भरभराकर गिर गई और यह हादसा हो गया।
VDA ने संबंधित थाने को नहीं दी गई थी सूचना
मामले में थाना लालपुर पांडेयपुर के प्रभारी निरीक्षक राजीव सिंह ने बताया कि सीलिंग से संबंधित कोई सूचना या पत्राचार थाने को नहीं दिया गया था। वही इस संबंध में VDA के जोनल अधिकारी जय प्रकाश गुप्ता ने बताया कि इस संबंध में सील की नोटिस पुलिस को दी गई थी, लेकिन इसका प्रमाण प्रस्तूत नहीं कर सकें, इससे VDA की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं कि क्या केवल कागजी कार्रवाई कर मामले को नजरअंदाज किया गया।
VDA की कार्यशैली पर उठे गंभीर सवाल
घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि अगर समय रहते खतरनाक दीवार को हटा दिया जाता, तो यह हादसा टल सकता था। अब सवाल यह उठ रहा है कि सीलिंग के बावजूद निर्माण कैसे जारी रहा और जिम्मेदार अधिकारियों ने इस ओर ध्यान क्यों नहीं दिया।
जांच शुरू, जिम्मेदारी तय होने का इंतजार
हादसे के बाद प्रशासन और पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। अब देखना होगा कि इस मामले में जिम्मेदारों पर क्या कार्रवाई होती है और क्या भविष्य में इस तरह की लापरवाही पर लगाम लगाई जा सकेगी।




