स्वास्थ्य विभाग में नौकरी के नाम पर 23 लाख की ठगी, 182 युवाओं से वसूले रुपये
तीन आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज, ई-स्टांप, व्हाट्सएप चैट और यूपीआई ट्रांजैक्शन समेत कई साक्ष्य पुलिस को सौंपे गए

रिपोर्ट: आकाश पाण्डेय।
सैदपुर, गाजीपुर। स्वास्थ्य विभाग में सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर 182 बेरोजगार युवाओं से करीब 23.10 लाख रुपये की कथित ठगी का मामला सामने आया है। पीड़ित की तहरीर पर सैदपुर पुलिस ने तीन लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी सहित अन्य संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
थाना क्षेत्र के पहला टोला धुवार्जुन गांव निवासी परवेंद्र कुमार ने पुलिस को दी गई तहरीर में बताया कि वर्ष 2020 में उनकी मुलाकात सादात थाना क्षेत्र के बुढ़नपुर गांव निवासी दया यादव से हुई थी। दया यादव ने स्वास्थ्य विभाग में सरकारी नौकरी दिलाने का भरोसा देते हुए दावा किया कि उसकी सचिवालय और विभाग के उच्च अधिकारियों तक पहुंच है।
शिकायत के अनुसार, बाद में दया यादव ने विष्णु सिंह उर्फ विशाल सिंह तथा अजय शंकर राय से मुलाकात कराई। तीनों ने मिलकर कई बेरोजगार युवाओं से सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर रुपये और शैक्षणिक दस्तावेज जमा कराने शुरू कर दिए। परवेंद्र कुमार का आरोप है कि समय के साथ 182 अभ्यर्थियों से कुल 23 लाख 10 हजार 700 रुपये वसूले गए। आरोपित वर्षों तक परीक्षा और नियुक्ति प्रक्रिया का हवाला देकर अभ्यर्थियों को टालते रहे। भरोसा कायम रखने के लिए ई-स्टांप पर अनुबंध, व्हाट्सएप चैट, कॉल रिकॉर्डिंग और अन्य दस्तावेज भी उपलब्ध कराए गए।
पीड़ित का कहना है कि जब अभ्यर्थियों ने नौकरी या अपनी रकम वापस मांगी तो उन्हें धमकियां दी जाने लगीं। कई युवाओं ने नौकरी की उम्मीद में ब्याज पर पैसा लेकर आरोपितों को भुगतान किया था, जिससे वे आर्थिक संकट में आ गए हैं। शिकायतकर्ता ने पुलिस को व्हाट्सएप चैट, यूपीआई ट्रांजैक्शन स्लिप, ई-स्टांप और अन्य दस्तावेजी साक्ष्य भी सौंपे हैं।
पुलिस ने तहरीर के आधार पर दया यादव, विष्णु सिंह उर्फ विशाल सिंह और अजय शंकर राय के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। कोतवाल अनिल सिंह ने बताया कि तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले में उपलब्ध साक्ष्यों की जांच की जा रही है और जांच के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।




