Chandauli: नया राशन कार्ड बनाने व नाम जोड़ने का काम महीनों से ठप
ऑफिसों से बैरंग लौट रहे ग्रामीण, जल्द कार्य शुरू करने की मांग

चंदन सिंह, चन्दौली
चंदौली, 13 नवंबर 2025। सकलडीहा सहित पूरे चंदौली जिले में नया राशन कार्ड बनाने और मौजूदा कार्ड में नाम जोड़ने का काम पिछले दो महीनों से पूरी तरह ठप पड़ा है। 22 सितंबर से बंद यह प्रक्रिया गरीब और पात्र परिवारों के लिए मुसीबत बन गई है। ग्रामीण बार-बार पूर्ति विभाग के दफ्तरों का चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन हर बार निराश लौट रहे हैं। उनकी मायूसी ने सरकार की ‘अंत्योदय’ और ‘खाद्य सुरक्षा’ योजनाओं की मंशा पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
पात्र परिवार राशन से वंचित, भूखे पेट सोने को मजबूर
जिले में कुल नौ विकास खंड हैं – सकलडीहा, चकिया, चंदौली, धानापुर, बरहनी, नौगढ़, शहाबगंज, चहनिया और सकलडीहा। इनमें सैकड़ों ऐसे पात्र परिवार हैं जिनका अभी तक राशन कार्ड नहीं बना है। कई नवविवाहित जोड़ों, नवजात शिशुओं और अलग हुए परिवारों के नाम भी कार्ड में नहीं जुड़ पा रहे हैं।
सकलडीहा ब्लॉक के ग्रामीण उदय, राजू, राजन, सुदर्शन, मंजीत, घूरेलाल और साजन ने बताया,
“हमारा आज तक राशन कार्ड नहीं बना। जब ऑफिस गए तो कहा गया – ‘वेबसाइट बंद है, जब खुलेगी तब बनेगा।’ अब हम राशन से वंचित हैं, महीने भर से चूल्हा ठंडा है।”
79% लक्ष्य पूरा, लेकिन अपात्रों की जांच में फंसा काम
सकलडीहा पूर्ति निरीक्षक विक्रांत श्रीवास्तव ने बताया, “2011 की जनगणना के आधार पर जिले में 79% लक्ष्य पूरा हो चुका है। वर्तमान में अपात्रों की जांच चल रही है, जिसके कारण नाम कटौती का काम जारी है। जैसे ही पोर्टल (वेबसाइट) चालू होगा, नया राशन कार्ड बनाने और नाम जोड़ने की प्रक्रिया फिर शुरू कर दी जाएगी।”
ग्रामीणों की मांग – तत्काल पोर्टल चालू करो
ग्रामीणों का कहना है कि अपात्रों की जांच अलग से हो सकती है, लेकिन पात्र परिवारों को राशन से वंचित रखना अन्याय है। विशेषकर दीपावली और छठ जैसे त्योहारों के मौसम में राशन की कमी ने उनकी मुश्किलें दोगुनी कर दी हैं। वे जिला प्रशासन और खाद्य विभाग से मांग कर रहे हैं कि तत्काल पोर्टल चालू किया जाए और कैंप लगाकर राशन कार्ड बनवाने की व्यवस्था की जाए।



