वाराणसी में कांग्रेस ने निकाली ‘सद्बुद्धि पदयात्रा’, अयोध्या मंदिर चढ़ावा विवाद पर निष्पक्ष जांच की मांग, सरकार से जवाबदेही तय करने की अपील
तुलसी मानस मंदिर से सेनापति बनकटी हनुमान मंदिर तक निकली पदयात्रा, हनुमान चालीसा का सामूहिक पाठ; कांग्रेस नेताओं ने कहा- धार्मिक आस्था से जुड़े मामलों में पारदर्शिता जरूरी

वाराणसी। जिला कांग्रेस कमेटी एवं महानगर कांग्रेस कमेटी के संयुक्त तत्वावधान में मंगलवार को वाराणसी में अयोध्या राम मंदिर के चढ़ावे से जुड़े कथित विवाद के विरोध में “सद्बुद्धि पदयात्रा” का आयोजन किया गया। यह पदयात्रा तुलसी मानस मंदिर से प्रारंभ होकर सेनापति बनकटी हनुमान मंदिर तक निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी, कार्यकर्ता और समर्थक शामिल हुए। कार्यक्रम की संयुक्त अध्यक्षता जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राजेश्वर सिंह पटेल तथा महानगर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे ने की।
पदयात्रा के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने धार्मिक आस्था, पारदर्शिता और जवाबदेही से जुड़े नारे लगाए। कार्यकर्ताओं का कहना था कि मंदिर केवल किसी दल या सरकार के नहीं, बल्कि पूरे समाज की आस्था के केंद्र हैं। इसलिए मंदिरों में चढ़ावे और श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े मामलों में पूरी पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जानी चाहिए।
पदयात्रा तुलसी मानस मंदिर से शुरू होकर शहर के विभिन्न मार्गों से होती हुई सेनापति बनकटी हनुमान मंदिर पहुंची। यहां सभी कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने सामूहिक रूप से हनुमान चालीसा का श्रद्धापूर्वक पाठ किया। इसके बाद भगवान श्रीहनुमान एवं प्रभु श्रीराम का विधि-विधान से दर्शन-पूजन कर देश, प्रदेश और समाज में सत्य, न्याय, सद्भाव और सुशासन की कामना की गई। साथ ही सत्ता में बैठे लोगों को सद्बुद्धि प्रदान करने की प्रार्थना भी की गई।
इस अवसर पर जिला अध्यक्ष राजेश्वर सिंह पटेल और महानगर अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे ने संयुक्त बयान जारी करते हुए कहा कि अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़े कथित प्रकरण ने करोड़ों श्रद्धालुओं की भावनाओं को आहत किया है। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी वर्षों से भगवान श्रीराम और सनातन संस्कृति के नाम पर राजनीति करती रही है, इसलिए इस प्रकार के मामलों में उसकी जिम्मेदारी और जवाबदेही भी तय होनी चाहिए।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यदि मंदिर प्रबंधन और चढ़ावे की व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं तो सरकार को पूरे मामले की निष्पक्ष, स्वतंत्र और समयबद्ध जांच करानी चाहिए तथा जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करनी चाहिए, ताकि श्रद्धालुओं का विश्वास बना रहे। उन्होंने यह भी कहा कि कानून के अनुसार दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई होनी चाहिए और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी व्यवस्था बनाई जाए।
संयुक्त बयान में कांग्रेस नेताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भी इस विषय पर स्पष्ट रुख रखने की अपेक्षा जताई। उनका कहना था कि यदि दोनों स्वयं को सनातन संस्कृति का संरक्षक बताते हैं तो इस प्रकरण पर सरकार को पारदर्शी तरीके से जनता के सामने तथ्य रखने चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि बड़े दोषियों पर कार्रवाई नहीं होने से कई सवाल खड़े हो रहे हैं और सरकार को इस संबंध में जनता को स्पष्ट जवाब देना चाहिए।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि पार्टी का उद्देश्य किसी की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं, बल्कि श्रद्धालुओं की आस्था की रक्षा करना है। उनका कहना था कि मंदिरों के चढ़ावे की सुरक्षा, पारदर्शी व्यवस्था और जवाबदेही सुनिश्चित करना सरकार का दायित्व है। यदि ऐसे मामलों में भी पारदर्शिता नहीं दिखाई जाएगी तो लोगों का विश्वास कमजोर होगा।
कार्यक्रम के समापन पर सभी कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने प्रभु श्रीहनुमान एवं प्रभु श्रीराम से देश और प्रदेश में सत्य की विजय, धार्मिक आस्था की रक्षा तथा जनभावनाओं के अनुरूप निष्पक्ष शासन की प्रार्थना की। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि पार्टी आगे भी लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण तरीके से जनता की आवाज उठाती रहेगी और आस्था, जवाबदेही तथा पारदर्शिता जैसे मुद्दों पर संघर्ष जारी रखेगी।
इस अवसर पर संजीव सिंह, फ़साहत हुसैन बाबू, राजेश गुप्ता, सतनाम सिंह, अरुण सोनी, गिरीश पाण्डेय, अशोक सिंह, सुनील श्रीवास्तव, वकील अंसारी, संतोष चौरसिया, विनोद सिंह, चंचल शर्मा, धीरज सोनकर, सुनील राय, अफसर खान, संतोष मौर्य, रोहित दुबे, घनश्याम सिंह, अजय सिंह, ओम शुक्ला, अरविन्द कुमार, राजेन्द्र गुप्ता, प्रमोद वर्मा, वंदना जायसवाल, अनिल केशरी, किशन यादव, आकाश त्रिपाठी, रामजी गुप्ता, दीप विश्वकर्मा, गोपाल चौबे सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।




