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पेपर लीक को राष्ट्रद्रोह जैसा अपराध घोषित किया जाए: सांसद चन्द्रशेखर आज़ाद, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे समेत कई बड़ी मांगें

NEET UG 2026 पेपर लीक, छात्र आंदोलन और पुलिस कार्रवाई को लेकर ASP की प्रेस कॉन्फ्रेंस; 25 जुलाई को देशव्यापी प्रदर्शन का ऐलान।

रिपोर्ट: विशाल कुमार,नई दिल्ली।

 

नई दिल्ली। आज़ाद समाज पार्टी (कांशीराम) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं नगीना लोकसभा सांसद एडवोकेट चन्द्रशेखर आज़ाद ने NEET UG 2026 समेत विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित पेपर लीक और परीक्षा अनियमितताओं को देश के युवाओं के भविष्य पर गंभीर हमला बताया। उन्होंने कहा कि पेपर लीक केवल परीक्षा प्रणाली में भ्रष्टाचार नहीं, बल्कि संविधान द्वारा दिए गए समान अवसर के अधिकार का हनन है। ऐसे अपराधों को राष्ट्रद्रोह जैसी गंभीर श्रेणी में रखा जाना चाहिए ताकि दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित हो सके।

नई दिल्ली स्थित प्रेस क्लब ऑफ इंडिया में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में चन्द्रशेखर आज़ाद ने हाल के दिनों में प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े विवादों और छात्र आंदोलनों पर अपनी पार्टी का पक्ष रखा। उन्होंने कथित पेपर लीक से निराश होकर जान गंवाने वाले छात्रों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि देश अपने युवाओं के सपनों की ऐसी कीमत स्वीकार नहीं कर सकता।

उन्होंने बताया कि जंतर-मंतर पर आमरण अनशन कर रहे छात्रों और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक से मुलाकात के बाद उन्होंने आंदोलन का समर्थन करने का निर्णय लिया। उनका कहना था कि 18 जुलाई से वह धरना स्थल पर छात्रों के साथ खड़े रहे और संसद के भीतर भी छात्रों की आवाज़ उठाने का प्रयास किया। उन्होंने आरोप लगाया कि 20 जुलाई को छात्रों के शांतिपूर्ण प्रदर्शन पर हुई पुलिस कार्रवाई लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप नहीं थी।

चन्द्रशेखर आज़ाद ने कहा कि यदि सरकार और संबंधित संस्थाएं युवाओं की समस्याओं के प्रति संवेदनशील नहीं होंगी तो लोकतांत्रिक और संवैधानिक जनआंदोलन ही अंतिम विकल्प बचेगा। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन अब पूरे देश में गांव-गांव और शहर-शहर तक पहुंचाया जाएगा।

शिक्षा मंत्री के इस्तीफे सहित कई मांगें

प्रेस वार्ता के दौरान सांसद ने केंद्र सरकार के सामने कई प्रमुख मांगें रखीं। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की मांग की। साथ ही आंदोलन से जुड़े हालात में जान गंवाने वाले प्रत्येक छात्र के परिवार को एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता देने की भी मांग उठाई।

इसके अलावा संसद में पेपर लीक और छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई पर विस्तृत चर्चा कराने, आंदोलन में शामिल छात्रों के खिलाफ किसी प्रकार की दंडात्मक कार्रवाई न करने तथा शिक्षा माफिया और पेपर लीक गिरोहों के खिलाफ समयबद्ध एवं कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की गई।

पुलिस कार्रवाई की निष्पक्ष जांच की मांग

चन्द्रशेखर आज़ाद ने छात्राओं के साथ कथित दुर्व्यवहार, सादी वर्दी में मौजूद लोगों की पहचान, आंसू गैस के प्रयोग, क्षतिग्रस्त वाहनों, कथित कीलों वाली लाठियों तथा प्रदर्शन के दौरान हुई अन्य घटनाओं की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। उन्होंने भविष्य में पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों के जवानों की वर्दी पर स्पष्ट नेम प्लेट अनिवार्य किए जाने की भी बात कही।

शिक्षा व्यवस्था में सुधार के सुझाव

उन्होंने सभी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए सुरक्षित और पारदर्शी परीक्षा प्रणाली लागू करने, परीक्षा शुल्क समाप्त करने, वार्षिक भर्ती कैलेंडर जारी करने, रिक्त पदों पर समयबद्ध भर्ती सुनिश्चित करने, नॉर्मलाइजेशन प्रणाली समाप्त करने तथा प्रत्येक अभ्यर्थी को अनिवार्य रूप से स्कोर कार्ड उपलब्ध कराने की मांग भी रखी।

साथ ही उन्होंने प्रदर्शन के दौरान छात्रों पर पेलेट गन के कथित इस्तेमाल के आरोपों की निष्पक्ष जांच की आवश्यकता बताते हुए कहा कि ऐसी घटनाएं छात्रों की आंखों की रोशनी तक प्रभावित कर सकती हैं।

25 जुलाई को देशभर में होगा प्रदर्शन

प्रेस कॉन्फ्रेंस के अंत में चन्द्रशेखर आज़ाद ने घोषणा की कि 25 जुलाई 2026 को आज़ाद समाज पार्टी (कांशीराम) देश के सभी जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन और ज्ञापन कार्यक्रम आयोजित करेगी। उन्होंने कहा कि यदि सरकार ने मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो चरणबद्ध राज्य स्तरीय आंदोलन, “जेल भरो आंदोलन” और आवश्यकता पड़ने पर “भारत बंद” जैसे लोकतांत्रिक कार्यक्रमों की भी घोषणा की जाएगी।

उन्होंने कहा कि यह लड़ाई किसी एक राजनीतिक दल की नहीं, बल्कि देश के करोड़ों युवाओं के भविष्य और संविधान में निहित समान अवसर के अधिकार की रक्षा की लड़ाई है।

 

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