Varanasi को मिलेगी आधुनिक मॉडल कचहरी, अधिवक्ताओं की मांग पर सीएम योगी ने दिए कार्रवाई के निर्देश
सेंट्रल बार एसोसिएशन के प्रतिनिधिमंडल ने सर्किट हाउस में मुख्यमंत्री से की मुलाकात, 25 एकड़ भूमि पर इंटीग्रेटेड कोर्ट कैंपस बनाने का प्रस्ताव

नीरज सिंह, वाराणसी
~ CM से मिले सेंट्रल बार अध्यक्ष: कचहरी में जगह की किल्लत पर जताई चिंता, सेंट्रल जेल की 25 एकड़ जमीन पर ‘दिव्य-भव्य’ एकीकृत कोर्ट कैंपस बनाने का आश्वासन
~ वातानुकूलित चैंबर, अस्पताल-कैंटीन की मांग मानी; DM को रिकॉर्ड भेजने के निर्देश, कचहरी-दीवानी कोर्ट अब एक ही परिसर में होंगे
वाराणसी। कचहरी परिसर में बढ़ती अधिवक्ताओं की संख्या और जगह की कमी को लेकर सेंट्रल बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने गुरुवार को सर्किट हाउस में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की। एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रेम प्रकाश सिंह गौतम के नेतृत्व में पहुंचे प्रतिनिधिमंडल ने अधिवक्ताओं की समस्याओं को मुख्यमंत्री के समक्ष रखते हुए एक आधुनिक और एकीकृत न्यायिक परिसर के निर्माण की मांग की।
खुले में बैठकर काम करने को मजबूर हैं अधिवक्ता
सेंट्रल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रेम प्रकाश सिंह गौतम ने मुख्यमंत्री को बताया कि पिछले कुछ वर्षों में अधिवक्ताओं की संख्या में लगातार वृद्धि हुई है, जबकि मौजूदा कचहरी परिसर की क्षमता सीमित है। स्थिति यह है कि अनेक अधिवक्ताओं को खुले स्थानों पर बैठकर कार्य करना पड़ रहा है और गर्मी, बारिश तथा अन्य प्रतिकूल मौसम में उन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
उन्होंने बताया कि केवल जून माह में ही लगभग 750 नए अधिवक्ताओं ने सेंट्रल बार एसोसिएशन की सदस्यता ग्रहण की है, जिससे स्थान की समस्या और गंभीर हो गई है।
एक ही परिसर में हों कचहरी और दीवानी न्यायालय
प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री के सामने सरकार की इंटीग्रेटेड कोर्ट कैंपस योजना के तहत वाराणसी में एक आधुनिक न्यायिक परिसर विकसित करने का प्रस्ताव रखा। उन्होंने मांग की कि कचहरी और दीवानी न्यायालय को एक ही परिसर में संचालित किया जाए ताकि अधिवक्ताओं, वादकारियों और न्यायिक अधिकारियों को सुविधा मिल सके।
साथ ही परिसर में वातानुकूलित चैंबर, आधुनिक पुस्तकालय, अस्पताल, बेहतर कैंटीन, पार्किंग और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की भी मांग की गई। इसके लिए सेंट्रल जेल के समीप स्थित लगभग 25 एकड़ खाली भूमि को उपयुक्त बताते हुए वहां निर्माण कराने का अनुरोध किया गया।
सीएम ने दिए तत्काल कार्रवाई के निर्देश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिवक्ताओं की मांग को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी को संबंधित भूमि का पूरा रिकॉर्ड और आवश्यक प्रस्ताव शासन को भेजने के निर्देश दिए। उन्होंने आश्वासन दिया कि वाराणसी में आधुनिक सुविधाओं से युक्त एक मॉडल न्यायिक परिसर विकसित किया जाएगा, जिससे अधिवक्ताओं और आम नागरिकों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
एकीकृत परिसर से दूर होगी वर्षों पुरानी समस्या
वरिष्ठ अधिवक्ताओं का कहना है कि वर्तमान में कचहरी और दीवानी न्यायालय अलग-अलग स्थानों पर होने के कारण बड़ी संख्या में अधिवक्ताओं को दोनों स्थानों पर काम करने में समय और संसाधनों की अतिरिक्त परेशानी उठानी पड़ती है। नए इंटीग्रेटेड कोर्ट कैंपस के निर्माण से यह समस्या समाप्त हो जाएगी और न्यायिक कार्यों में भी अधिक सुगमता आएगी।
अधिवक्ताओं ने मुख्यमंत्री के इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि इससे वाराणसी को भविष्य में एक “दिव्य-भव्य” और आधुनिक न्यायिक परिसर मिलेगा, जो प्रदेश के अन्य जिलों के लिए भी एक मॉडल साबित हो सकता है।




