Varanasi

स्कूल बस पर गिरा जर्जर बिजली का खंभा, बाल बाल बचे बच्चे, टला बड़ा हादसा

जर्जर हाईटेंशन पोल गिरने से टला बड़ा हादसा: स्कूली बच्चों से भरी बस पर गिरा बिजली का खंभा, विभागीय लापरवाही पर उठे सवाल

 

वाराणसी। शहर के नारायणपुर वार्ड में बिजली विभाग की कथित लापरवाही एक बड़े हादसे का कारण बनते-बनते रह गई। गुरुवार को स्कूली बच्चों से भरी एक बस के ऊपर अचानक जर्जर हाईटेंशन बिजली का पोल गिर पड़ा। संयोगवश उस समय बिजली की आपूर्ति बंद थी, जिससे बच्चों की जान बच गई और एक बड़ा हादसा टल गया। घटना के बाद क्षेत्र में दहशत फैल गई और स्थानीय लोगों ने बिजली विभाग के खिलाफ जमकर नाराजगी जताई।

स्थानीय पार्षद ने लगाया बिजली विभाग पर घोर लापरवाही का आरोप

स्थानीय पार्षद एवं नगर निगम के सचेतक संदीप रघुवंशी ने बिजली विभाग पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने करीब दो महीने पहले ही विभाग के अधिकारियों को लिखित और मौखिक रूप से सूचित किया था कि क्षेत्र के दो बिजली के खंभे पूरी तरह जर्जर हो चुके हैं और कभी भी गिर सकते हैं।

 

 

इसके बावजूद विभाग ने कोई कार्रवाई नहीं की। उन्होंने कहा कि यदि बिजली चालू रहती तो यह हादसा कई मासूम बच्चों की जान ले सकता था।

पार्षद ने यह भी आरोप लगाया कि घटना के करीब डेढ़ घंटे बाद तक बिजली विभाग का कोई भी अधिकारी या कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा। उन्होंने बताया कि हादसे की तस्वीरें और जानकारी व्हाट्सएप के माध्यम से संबंधित अधिकारियों को भेजी गई, लेकिन इसके बावजूद विभाग की ओर से कोई तत्परता नहीं दिखाई गई। मौके पर केवल स्थानीय नागरिक और मीडिया कर्मी ही मौजूद रहे।
संदीप रघुवंशी ने यह भी आरोप लगाया कि बिजली विभाग, एलएंडटी (L&T) और गेल (GAIL) जैसी एजेंसियां बिना समुचित समन्वय और योजना के अंडरग्राउंड केबल बिछाने के नाम पर सड़कों की खुदाई कर रही हैं। करीब डेढ़ किलोमीटर तक सड़क खोदकर केवल मिट्टी डाल दी गई है, जिससे आवागमन प्रभावित हो रहा है और कई स्थानों पर बिजली के खंभों में करंट उतरने की शिकायतें भी सामने आ रही हैं।

उन्होंने बताया कि कुछ दिन पहले इसी क्षेत्र में खुले पड़े बिजली पैनल के कारण करंट की चपेट में आने से एक गाय की मौत भी हो चुकी है, लेकिन विभाग ने उससे भी कोई सबक नहीं लिया।

पार्षद के अनुसार, क्षेत्रीय विधायक एवं उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री रवींद्र जायसवाल भी जर्जर बिजली व्यवस्था को लेकर कई बार अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर चुके हैं। जर्जर तारों और खंभों को बदलने के लिए लगभग 550 करोड़ रुपये का बजट भी स्वीकृत है, लेकिन धरातल पर कार्य की गति बेहद धीमी है। उनका आरोप है कि पिछले चार महीनों से विभाग केवल सर्वे के नाम पर खानापूरी कर रहा है, जबकि जिन स्थानों पर तत्काल कार्रवाई की आवश्यकता है, वहां कोई काम नहीं हो रहा।
घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि जर्जर बिजली के खंभों और तारों को तत्काल बदला जाए, पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए तथा लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

 

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button